क्या पीएम स्वनिधि योजना से चमोली के युवा बन रहे हैं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर?
सारांश
Key Takeaways
- पीएम स्वनिधि योजना ने युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया है।
- महफूज आलम जैसे उद्यमियों की सफलता इस योजना की प्रभावशीलता को दर्शाती है।
- आत्मनिर्भरता की दिशा में यह योजना एक महत्वपूर्ण कदम है।
चमोली, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत सरकार की पीएम स्वनिधि योजना देश को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। इस योजना के तहत उत्तराखंड के सीमांत जनपद चमोली के युवा सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाकर स्वरोजगार अपनाते हुए आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार कर रहे हैं।
पीएम स्वनिधि योजना विशेष रूप से रेहड़ी-पटरी और स्ट्रीट वेंडरों को आर्थिक संबल देने के उद्देश्य से शुरू की गई है, जिससे वे अपने छोटे कारोबार को आगे बढ़ा सकें।
चमोली जिले के गोचर क्षेत्र में महताब अली और महफूज आलम इस योजना के सफल उदाहरण बनकर उभरे हैं। महफूज आलम गोचर के मुख्य बाजार में सब्जी की दुकान लगाकर अच्छी आमदनी कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि शहरी विकास विभाग की ओर से नगर क्षेत्र में रेहड़ी-ठेली और स्ट्रीट वेंडरों के लिए पीएम स्वनिधि योजना चलाई जा रही है। योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने नगर पालिका गोचर कार्यालय में जाकर आवश्यक दस्तावेज जमा किए और योजना का लाभ प्राप्त किया, जिसके बाद उनका कारोबार लगातार आगे बढ़ रहा है।
महफूज आलम ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि उन्हें पीएम स्वनिधि योजना के तहत पहले 10 हजार रुपए का ऋण मिला था। समय पर किस्तें चुकाने के बाद उन्हें 20 हजार रुपए का दूसरा ऋण मिला और अब 50 हजार रुपए का ऋण भी प्राप्त हुआ है। योजना के लिए नगर निगम द्वारा आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो पहचान पत्र जैसे दस्तावेज मांगे गए थे, जिन्हें जमा करने के बाद उन्हें आसानी से ऋण मिल गया।
उन्होंने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना युवाओं और छोटे व्यापारियों के लिए बेहद लाभकारी है। इस योजना से न सिर्फ रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं, बल्कि लोग आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार की आजीविका भी बेहतर कर पा रहे हैं।
महफूज आलम ने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए सभी लोगों से अपील की कि वे सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लें और स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भर बनें।