भारत-अफगानिस्तान संयुक्त समिति की चौथी बैठक: नई दिल्ली में द्विपक्षीय सहयोग पर विस्तृत चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
भारत और अफगानिस्तान ने 9 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में संयुक्त समिति की चौथी बैठक आयोजित की, जिसमें दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के समग्र दायरे पर गहन विचार-विमर्श हुआ। विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, बैठक में मानवीय सहायता, विकास सहयोग, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा, क्षमता निर्माण, शिक्षा, खेल, व्यापार, वीज़ा और कनेक्टिविटी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की गई। भारत ने इस अवसर पर अफगान जनता की भलाई और विकास आवश्यकताओं को पूरा करने में अपनी अटूट प्रतिबद्धता एक बार पुनः रेखांकित की।
बैठक की अध्यक्षता और प्रमुख प्रतिनिधि
इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारतीय पक्ष से विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (पीएआई) एम. आनंद प्रकाश और अफगान पक्ष से अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रथम राजनीतिक विभाग के महानिदेशक शुएब बरयालाई ने की। दोनों पक्षों ने नियमित संवाद बनाए रखने के महत्व को स्वीकार किया और परस्पर संपर्क जारी रखने पर सहमति जताई।
विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, 'संयुक्त समिति की अगली बैठक आपसी सुविधा के अनुसार आयोजित की जाएगी।' अफगान पक्ष ने विभिन्न क्षेत्रों में भारत की निरंतर सहायता के प्रति आभार व्यक्त किया।
विदेश राज्य मंत्री की अफगान मंत्री से मुलाकात
बैठक से एक दिन पूर्व, बुधवार को विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने नई दिल्ली में अफगानिस्तान के कृषि, सिंचाई और पशुधन मंत्री मावलवी अताउल्लाह ओमारी से भेंट की। इस बैठक में दोनों देशों के संबंधों और अफगान नागरिकों की भलाई व विकास के लिए चल रहे सहयोग पर चर्चा हुई।
मार्गेरिटा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'आज नई दिल्ली में अफगानिस्तान के कृषि, सिंचाई और पशुधन मंत्री मावलवी अताउल्लाह ओमारी से मुलाकात हुई। बातचीत में भारत-अफगानिस्तान संबंधों और अफगान लोगों की भलाई और विकास के लिए जारी सहयोग पर चर्चा हुई।' ओमारी मंगलवार को आधिकारिक यात्रा पर नई दिल्ली पहुँचे थे।
पाकिस्तानी हवाई हमलों की पृष्ठभूमि में भारत का रुख
यह बैठक ऐसे समय में आई है जब पिछले सप्ताह पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान के भीतर किए गए घातक हवाई हमलों ने क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा दिया है। इन हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित कई निर्दोष नागरिकों की जान गई थी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा था, 'हमने पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान में किए गए हवाई हमलों की कड़ी निंदा की थी, जिनमें महिलाओं और बच्चों सहित कई निर्दोष लोगों की जान गई। हमने उन लोगों की मौत पर संवेदना व्यक्त की थी और साथ ही अफगानिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के लिए अपना मजबूत समर्थन दोहराया था।'
मानवीय सहायता और आगे की राह
जायसवाल ने आगे कहा था, 'अफगानिस्तान के साथ हमारा मानवीय सहायता सहयोग लगातार जारी है। हम उन्हें दवाइयाँ और अन्य ज़रूरी मदद भेज रहे हैं। साथ ही, हम ऐसी विकास परियोजनाओं की पेशकश भी कर रहे हैं, जिनसे वहाँ के लोगों की जिंदगी बेहतर हो सके। यह सहयोग आगे भी जारी रहेगा।'
गौरतलब है कि भारत-अफगानिस्तान संबंध वर्ष 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से एक नई जटिलता के साथ आगे बढ़ रहे हैं। इस संदर्भ में संयुक्त समिति की बैठकों की निरंतरता और अफगान मंत्री की भारत यात्रा, दोनों देशों के बीच व्यावहारिक जुड़ाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है।