26 जुलाई 2026
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भारत ने अफगानिस्तान में शांति-विकास की प्रतिबद्धता दोहराई, पाकिस्तान के हवाई हमलों को बताया 'पाखंड'

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भारत ने अफगानिस्तान में शांति-विकास की प्रतिबद्धता दोहराई, पाकिस्तान के हवाई हमलों को बताया 'पाखंड'

सारांश

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में अफगानिस्तान के साथ खड़े होकर पाकिस्तान के रमजान में हवाई हमलों को 'पाखंड' करार दिया। MEA ने खाद्य, स्वास्थ्य और छात्रवृत्ति सहयोग जारी रखने की बात दोहराई — यह भारत की क्षेत्रीय कूटनीति में एक सुविचारित और स्पष्ट संकेत है।

मुख्य बातें

MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 9 जून को अफगानिस्तान में भारत की शांति, स्थिरता और विकास प्रतिबद्धता दोहराई।
भारत अफगानिस्तान में खाद्य सुरक्षा, दवाइयाँ, स्वास्थ्य सहयोग और छात्रवृत्ति कार्यक्रम जारी रखेगा।
UNSC में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी.
हरीश ने पाकिस्तान के रमजान में अफगानिस्तान पर हवाई हमलों को 'पाखंड' बताया।
भारत ने UNAMA और UN महासचिव गुटेरेस की रिपोर्ट की विश्वसनीयता का बचाव किया।
भारत ने नागरिक हताहतों की स्वतंत्र जाँच के लिए UNAMA की अपील का समर्थन किया।

विदेश मंत्रालय (MEA) ने मंगलवार, 9 जून को नई दिल्ली में अफगानिस्तान और समूचे क्षेत्र में शांति, स्थिरता एवं विकास के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को फिर से रेखांकित किया। यह बयान संयुक्त राष्ट्र अफगानिस्तान सहायता मिशन (UNAMA) की बैठक में भारत के स्थायी प्रतिनिधि के वक्तव्य के ठीक एक दिन बाद आया, जहाँ भारत ने अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के हवाई हमलों की कड़ी निंदा की।

भारत का अफगानिस्तान के साथ सभ्यतागत रिश्ता

साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'भारत और अफगानिस्तान पड़ोसी देश हैं। सभ्यताओं के रूप में हमारे संबंध सदियों पुराने हैं। हम अफगानिस्तान और पूरे क्षेत्र में शांति और स्थिरता के पक्ष में हैं, ताकि विकास को बढ़ावा मिल सके।' उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अफगानिस्तान में खाद्य सुरक्षा, दवाइयाँ, फार्मा सपोर्ट और स्वास्थ्य क्षेत्र में अपना विकास सहयोग निरंतर जारी रखे हुए है।

महिलाओं-बच्चों सहित हर वर्ग के लिए कार्यक्रम

जायसवाल ने बताया कि भारत के विकास कार्यक्रम समाज के सभी वर्गों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं, जिनसे महिलाओं और बच्चों को विशेष लाभ मिलता है। उन्होंने कहा, 'हमने अफगान लोगों के लिए छात्रवृत्तियाँ और क्षमता निर्माण कार्यक्रम भी दिए हैं, और ये आगे भी जारी रहेंगे।' यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब अफगानिस्तान में महिलाओं की शिक्षा और रोज़गार पर व्यापक पाबंदियाँ लागू हैं।

पाकिस्तान पर तीखा हमला — 'रमजान में हवाई हमले पाखंड'

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने सोमवार को न्यूयॉर्क में UNAMA की ब्रीफिंग पर बयान देते हुए पाकिस्तान पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो देश रमजान के पवित्र महीने में अफगानिस्तान पर हवाई हमले करता है और साथ ही अंतरराष्ट्रीय कानून तथा इस्लामी एकजुटता की बातें करता है, वह पाखंड का उदाहरण है।

हरीश ने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने UNAMA और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए, जो उचित नहीं है। उनके शब्दों में, 'बहुपक्षीयता और संयुक्त राष्ट्र का समर्थन कोई चुनिंदा मेन्यू नहीं है।'

नागरिक हताहतों की जाँच का समर्थन

भारत ने स्पष्ट किया कि वह उन रिपोर्टों से सहमत है जिनमें नागरिकों की मौत और हवाई हमलों का उल्लेख है। भारत ने UNAMA की उस अपील का भी समर्थन किया जिसमें स्वतंत्र जाँच की माँग की गई है, ताकि जिम्मेदारी तय हो सके, भविष्य में ऐसी घटनाएँ रोकी जा सकें और पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो।

आगे क्या

गौरतलब है कि भारत-अफगानिस्तान संबंध तालिबान के सत्ता में आने के बाद से नई परिस्थितियों में आगे बढ़ रहे हैं। भारत ने मानवीय सहायता और विकास सहयोग के माध्यम से अफगान जनता से संपर्क बनाए रखा है। पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच भारत का यह रुख क्षेत्रीय कूटनीति में एक सुविचारित संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या केवल पाकिस्तान-विरोधी संदेश तक सीमित रहेगा।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत ने UNAMA बैठक में अफगानिस्तान पर क्या कहा?
भारत ने UNAMA की बैठक में अफगानिस्तान और क्षेत्र में शांति व स्थिरता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने खाद्य सुरक्षा, दवाइयाँ, स्वास्थ्य सहयोग और छात्रवृत्ति कार्यक्रम जारी रखने की बात कही।
भारत ने पाकिस्तान पर क्या आरोप लगाए?
UNSC में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह रमजान के महीने में अफगानिस्तान पर हवाई हमले करता है और साथ ही अंतरराष्ट्रीय कानून की बात करता है, जो पाखंड है। भारत ने यह भी कहा कि पाकिस्तान का UNAMA की रिपोर्ट पर सवाल उठाना उचित नहीं।
भारत अफगानिस्तान को क्या सहायता दे रहा है?
भारत अफगानिस्तान को खाद्य सुरक्षा, दवाइयाँ, फार्मा सपोर्ट और स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग दे रहा है। इसके अलावा अफगान नागरिकों के लिए छात्रवृत्तियाँ और क्षमता निर्माण कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं, जिनसे महिलाओं और बच्चों सहित सभी वर्गों को लाभ मिलता है।
भारत ने अफगानिस्तान में नागरिक हताहतों पर क्या रुख अपनाया?
भारत ने उन रिपोर्टों का समर्थन किया जिनमें नागरिकों की मौत और हवाई हमलों का उल्लेख है। भारत ने UNAMA की उस अपील का भी समर्थन किया जिसमें स्वतंत्र जाँच की माँग है, ताकि जिम्मेदारी तय हो और पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा हो।
तालिबान के बाद भारत-अफगानिस्तान संबंध कैसे हैं?
तालिबान के सत्ता में आने के बाद भारत ने तालिबान शासन को औपचारिक मान्यता दिए बिना अफगान जनता के साथ मानवीय और विकास सहयोग जारी रखा है। भारत का रुख अफगान नागरिकों की मदद पर केंद्रित रहा है, जो दोनों देशों के सदियों पुराने सभ्यतागत संबंधों पर आधारित है।
राष्ट्र प्रेस
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