20 अगस्त 2026
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भारत ने काबुल के सरकारी अस्पताल को दवाइयाँ और मेडिकल सामान सौंपा, मानवीय सहायता जारी

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भारत ने काबुल के सरकारी अस्पताल को दवाइयाँ और मेडिकल सामान सौंपा, मानवीय सहायता जारी

सारांश

भारत ने काबुल के एक सरकारी अस्पताल को दवाइयाँ और मेडिकल सामान सौंपा — यह मई में 20 टन वैक्सीन सामग्री, जून में 5 टन दवाइयों और नूरिस्तान बाढ़ राहत के बाद एक और कड़ी है। विदेश मंत्रालय ने कूटनीति, मानवीय सहायता और विकास सहयोग को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्य बातें

भारत ने 20 अगस्त को काबुल के एक सरकारी अस्पताल को दवाइयाँ और मेडिकल सामान की खेप सौंपी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पिछले एक साल में अफगानिस्तान के साथ भारत का जुड़ाव और मज़बूत हुआ है।
जून में 5 टन दवाइयाँ और 22 मई को 20 टन BCG व TD वैक्सीन सामग्री भेजी गई थी।
पिछले महीने नूरिस्तान बाढ़ के बाद भारत ने NDMA को खाद्य सामग्री और टेंट सहित राहत सामग्री भेजी थी।
भारत की सहायता में कूटनीतिक संवाद, मानवीय राहत और विकास सहयोग तीनों शामिल हैं।

भारत ने गुरुवार, 20 अगस्त को काबुल के एक सरकारी अस्पताल को दवाइयों और मेडिकल उपकरणों की एक नई खेप सौंपी, जो अफगानिस्तान के प्रति भारत की निरंतर मानवीय प्रतिबद्धता का हिस्सा है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए इस कदम की पुष्टि की।

मुख्य घटनाक्रम

विदेश मंत्रालय ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'अफगानिस्तान के लोगों के साथ अपने लंबे और भरोसेमंद स्वास्थ्य सहयोग को आगे बढ़ाते हुए भारत ने काबुल के एक सरकारी अस्पताल को दवाइयाँ और मेडिकल सामान उपलब्ध कराया है।' यह सहायता भारत की उस व्यापक नीति का हिस्सा है जिसके तहत वह अफगानिस्तान को स्वास्थ्य, राहत और विकास के क्षेत्रों में सहयोग देता रहा है।

सरकार की प्रतिक्रिया

इस सप्ताह की शुरुआत में नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'भारत और अफगान लोगों के बीच लंबे समय से गहरे संबंध रहे हैं। पिछले एक साल में अफगानिस्तान के साथ हमारा जुड़ाव और मज़बूत हुआ है। इसमें कूटनीतिक स्तर पर बातचीत, मानवीय सहायता और विकास सहयोग कार्यक्रम शामिल हैं। आगे भी अफगानिस्तान के साथ हमारे संबंध और सहयोग इन्हीं प्राथमिकताओं के आधार पर आगे बढ़ते रहेंगे।'

पिछले कुछ महीनों की सहायता का ब्यौरा

गौरतलब है कि यह कोई एकल घटना नहीं है — भारत पिछले कई महीनों से लगातार अफगानिस्तान को सहायता पहुँचाता रहा है। पिछले महीने भारत ने नूरिस्तान में आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए अफगानिस्तान की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) को खाद्य सामग्री और पारिवारिक टेंट सहित राहत सामग्री भेजी थी।

विदेश मंत्रालय ने उस समय एक्स पर लिखा था, 'इस कठिन समय में भारत अफगानिस्तान की जनता के साथ खड़ा है।' इससे पहले जून में भारत ने काबुल को पाँच टन आवश्यक दवाइयाँ भेजी थीं।

22 मई को भारत ने काबुल को 20 टन बैसिलस कैलमेट-गुएरिन (BCG) और टेटनस एवं डिप्थीरिया (TD) वैक्सीन से जुड़ी ज़रूरी सामग्री भेजी थी, ताकि अफगान बच्चों के टीकाकरण कार्यक्रम को मज़बूती मिल सके।

आम जनता पर असर

यह सहायता ऐसे समय में आई है जब अफगानिस्तान की स्वास्थ्य प्रणाली गंभीर संकट में है। अंतरराष्ट्रीय फंडिंग में कमी और राजनीतिक अस्थिरता के बीच भारत की यह आपूर्ति सीधे तौर पर अफगान नागरिकों — विशेषकर बच्चों और बीमार लोगों — तक पहुँच रही है।

क्या होगा आगे

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जायसवाल के बयान के अनुसार, भारत आने वाले समय में भी कूटनीतिक संवाद, मानवीय सहायता और विकास सहयोग को प्राथमिकता देता रहेगा। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय कूटनीति की दिशा तेज़ी से बदल रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आलोचकों का कहना है कि मानवीय सहायता और कूटनीतिक जवाबदेही के बीच संतुलन स्पष्ट होना चाहिए, विशेषकर जब अफगानिस्तान में महिला अधिकारों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। यह भी देखना होगा कि भारत की यह सहायता क्षेत्रीय प्रभाव के नज़रिए से पाकिस्तान और चीन की अफगानिस्तान में बढ़ती सक्रियता को किस हद तक संतुलित करती है।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत ने काबुल को क्या मेडिकल सहायता दी है?
भारत ने 20 अगस्त को काबुल के एक सरकारी अस्पताल को दवाइयाँ और मेडिकल सामान की खेप सौंपी। इससे पहले जून में 5 टन दवाइयाँ और 22 मई को 20 टन BCG व TD वैक्सीन सामग्री भेजी जा चुकी है।
भारत अफगानिस्तान को मानवीय सहायता क्यों दे रहा है?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत और अफगान लोगों के बीच लंबे समय से गहरे संबंध रहे हैं। भारत कूटनीतिक संवाद, मानवीय राहत और विकास सहयोग को प्राथमिकता देते हुए अफगानिस्तान के साथ अपना जुड़ाव बनाए हुए है।
नूरिस्तान बाढ़ के बाद भारत ने क्या राहत भेजी थी?
नूरिस्तान में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत ने अफगानिस्तान की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) को खाद्य सामग्री और पारिवारिक टेंट सहित राहत सामग्री भेजी थी।
भारत-अफगानिस्तान संबंध अभी किस स्तर पर हैं?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, पिछले एक साल में अफगानिस्तान के साथ भारत का जुड़ाव और सहयोग मज़बूत हुआ है — कूटनीतिक बातचीत, मानवीय सहायता और विकास कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
भारत ने अफगानिस्तान को टीकाकरण में कैसे मदद की?
22 मई को भारत ने काबुल को 20 टन BCG और TD वैक्सीन से जुड़ी सामग्री भेजी थी, जिसका उद्देश्य अफगान बच्चों के टीकाकरण कार्यक्रम को मज़बूती देना था।
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