8 जुलाई 2026
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भारत ने अफगानिस्तान को भेजे 20 टन BCG और TD वैक्सीन, बच्चों के टीकाकरण अभियान को मिलेगा बल

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भारत ने अफगानिस्तान को भेजे 20 टन BCG और TD वैक्सीन, बच्चों के टीकाकरण अभियान को मिलेगा बल

सारांश

भारत ने अफगानिस्तान को 20 टन BCG और TD वैक्सीन भेजकर बच्चों के टीकाकरण अभियान को बल दिया। मार्च से मई 2026 के बीच यह चौथी बड़ी खेप है — वैक्सीन, आपदा राहत और आपातकालीन दवाइयाँ मिलाकर — जो दर्शाती है कि भारत तालिबान शासन के बावजूद अफगान जनता तक सीधी पहुँच बनाए हुए है।

मुख्य बातें

भारत ने 22 मई 2026 को काबुल को 20 टन BCG और TD वैक्सीन भेजी, अफगान बच्चों के टीकाकरण अभियान को समर्थन देने के लिए।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर पुष्टि की कि आगे भी और कंसाइनमेंट भेजे जाएंगे।
अप्रैल 2026 में भारत ने TB टीकाकरण के लिए 13 टन BCG वैक्सीन और 5 अप्रैल को बाढ़-भूकंप राहत सामग्री भेजी थी।
16 मार्च 2026 को काबुल के अस्पताल पर हमले के बाद 2.5 टन आपातकालीन दवाइयाँ और उपकरण भेजे गए थे।
भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह सहायता सीधे अफगान जनता तक पहुँचाने के उद्देश्य से है।

भारत ने 22 मई 2026 को अफगानिस्तान के बच्चों के टीकाकरण अभियान को मज़बूत करने के लिए काबुल को 20 टन बैसिलस कैलमेट-गुएरिन (BCG) और टेटनस व डिप्थीरिया (TD) वैक्सीन की खेप रवाना की। यह कदम अफगानिस्तान के लिए भारत की निरंतर मानवीय सहायता श्रृंखला की नवीनतम कड़ी है, जो स्वास्थ्य, आपदा राहत और आपातकालीन चिकित्सा — तीनों मोर्चों पर जारी है।

मुख्य घटनाक्रम

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर लिखा, 'भारत ने अफगानिस्तान के बच्चों के इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम को बढ़ाने के लिए काबुल को BCG और टेटनस व डिप्थीरिया (TD) वैक्सीन के लिए 20 टन ज़रूरी सामान दिया है और भी कंसाइनमेंट भेजे जा रहे हैं। भारत स्वास्थ्य क्षेत्र में अफगानिस्तान के लोगों की मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है।' जायसवाल के अनुसार, यह केवल एकल खेप नहीं है — आने वाले समय में और कंसाइनमेंट भी भेजे जाएंगे।

पिछली सहायता का क्रम

यह ताज़ा खेप भारत की अफगानिस्तान-केंद्रित स्वास्थ्य कूटनीति की एक लंबी शृंखला में आई है। अप्रैल 2026 की शुरुआत में भारत ने ट्यूबरकुलोसिस (TB) के विरुद्ध बच्चों के टीकाकरण कार्यक्रम को सहयोग देने के लिए 13 टन BCG वैक्सीन और संबंधित सामग्री अफगानिस्तान के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय को सौंपी थी। उस अवसर पर भी जायसवाल ने एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी थी।

5 अप्रैल 2026 को भारत ने बाढ़ और भूकंप से प्रभावित अफगान नागरिकों की सहायता के लिए मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) सामग्री भेजी थी, जिसमें किचन सेट, हाइजीन किट, प्लास्टिक शीट, तिरपाल और स्लीपिंग बैग शामिल थे। विदेश मंत्रालय ने उस समय कहा था कि भारत अफगानिस्तान के लोगों के साथ एकजुटता दिखाता है।

इससे भी पहले, 16 मार्च 2026 को काबुल के एक अस्पताल पर पाकिस्तान के हमले में घायल हुए लोगों के उपचार में सहयोग के लिए भारत ने 2.5 टन आपातकालीन दवाइयाँ, मेडिकल डिस्पोज़ेबल्स, किट और उपकरण भेजे थे।

सरकार की प्रतिक्रिया और रुख

भारत सरकार ने बार-बार स्पष्ट किया है कि अफगानिस्तान को दी जाने वाली सहायता राजनीतिक परिस्थितियों से परे, सीधे अफगान जनता तक पहुँचाने के उद्देश्य से दी जा रही है। यह नीति तब भी जारी है जब काबुल में तालिबान का शासन है और भारत-अफगानिस्तान के औपचारिक राजनयिक संबंध सीमित हैं।

आम जनता पर असर

BCG वैक्सीन नवजात शिशुओं को TB से बचाती है, जबकि TD वैक्सीन टेटनस और डिप्थीरिया जैसी जानलेवा बीमारियों से सुरक्षा देती है। अफगानिस्तान में वर्षों के संघर्ष और अस्थिरता के कारण बाल टीकाकरण दर गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। ऐसे में भारत की यह सहायता सीधे लाखों बच्चों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।

क्या होगा आगे

विदेश मंत्रालय के अनुसार, आने वाले समय में और कंसाइनमेंट भेजे जाने की योजना है। यह संकेत देता है कि भारत अफगानिस्तान में स्वास्थ्य सहयोग को एक सतत प्राथमिकता मानता है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के बीच मानवीय कूटनीति एक अहम साधन बनती जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी स्वास्थ्य सहायता की एक के बाद एक खेप। मार्च से मई 2026 के बीच चार अलग-अलग मानवीय हस्तक्षेप यह बताते हैं कि नई दिल्ली 'जन-केंद्रित कूटनीति' को काबुल में रणनीतिक उपस्थिति बनाए रखने के औज़ार के रूप में इस्तेमाल कर रही है। यह रणनीति पाकिस्तान और चीन के मुकाबले भारत को अफगान जनता के बीच साख दिलाने का प्रयास है — लेकिन सवाल यह है कि तालिबान प्रशासन के ज़रिए वितरित यह सहायता वास्तव में ज़रूरतमंद बच्चों तक किस हद तक पहुँच रही है, इसका कोई स्वतंत्र सत्यापन सामने नहीं आया है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत ने अफगानिस्तान को कौन-सी वैक्सीन भेजी और क्यों?
भारत ने 22 मई 2026 को अफगानिस्तान को 20 टन BCG (बैसिलस कैलमेट-गुएरिन) और TD (टेटनस व डिप्थीरिया) वैक्सीन भेजी। BCG वैक्सीन बच्चों को TB से बचाती है और TD वैक्सीन टेटनस व डिप्थीरिया से सुरक्षा देती है — दोनों ही अफगानिस्तान में बच्चों के लिए गंभीर खतरा हैं।
2026 में भारत ने अफगानिस्तान को कितनी बार और क्या-क्या सहायता दी?
मार्च से मई 2026 के बीच भारत ने कम से कम चार बार अफगानिस्तान को सहायता भेजी — 16 मार्च को 2.5 टन आपातकालीन दवाइयाँ, 5 अप्रैल को बाढ़-भूकंप राहत सामग्री, अप्रैल की शुरुआत में 13 टन BCG वैक्सीन, और 22 मई को 20 टन BCG व TD वैक्सीन।
रणधीर जायसवाल ने अफगानिस्तान वैक्सीन सहायता पर क्या कहा?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर लिखा कि भारत ने काबुल को BCG और TD वैक्सीन के लिए 20 टन ज़रूरी सामान दिया है और आगे भी कंसाइनमेंट भेजे जाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत स्वास्थ्य क्षेत्र में अफगानिस्तान के लोगों की मदद के लिए प्रतिबद्ध है।
क्या भारत तालिबान शासन में भी अफगानिस्तान की मदद कर रहा है?
हाँ, भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह सहायता सीधे अफगान जनता तक पहुँचाने के उद्देश्य से दी जा रही है, भले ही काबुल में तालिबान का शासन हो। यह भारत की 'जन-केंद्रित कूटनीति' का हिस्सा है।
16 मार्च 2026 को काबुल अस्पताल हमले के बाद भारत ने क्या किया?
16 मार्च 2026 को काबुल के एक अस्पताल पर पाकिस्तान के हमले में घायल हुए लोगों के इलाज में सहायता के लिए भारत ने 2.5 टन आपातकालीन दवाइयाँ, मेडिकल डिस्पोज़ेबल्स, किट और उपकरण अफगानिस्तान भेजे थे।
राष्ट्र प्रेस
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