भारत ने पाकिस्तानी हमले के बाद काबुल के नागरिकों की सहायता के लिए भेजी 2.5 टन चिकित्सा सामग्री
सारांश
Key Takeaways
- भारत ने काबुल में 2.5 टन चिकित्सा सामग्री भेजी।
- 16 मार्च को पाकिस्तानी हवाई हमले में कई लोग घायल हुए।
- भारत ने अफगानिस्तान के लोगों के साथ एकजुटता दिखाई।
- तालिबान सरकार ने हमले में 400 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि की।
- संयुक्त राष्ट्र ने स्वतंत्र जांच की मांग की।
नई दिल्ली, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में 16 मार्च की रात पाकिस्तानी हवाई हमले के बाद, भारत ने सहायता का हाथ बढ़ाया है। भारत ने उस हमले में घायल हुए लोगों के इलाज के लिए काबुल को आपातकालीन दवाओं, मेडिकल डिस्पोजेबल, किट और उपकरणों की 2.5 टन की खेप भेजी है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने यह स्पष्ट किया है कि भारत वहां के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है। इस कठिन समय में भारत हर संभव मानवीय सहायता प्रदान करेगा।
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा करते हुए कहा, "16 मार्च को हुए इस जघन्य हमले में घायल लोगों के इलाज में सहायता के लिए भारत ने 2.5 टन का आपातकालीन सामान भेजा है।"
विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा, "भारत अफगान लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है और इस मुश्किल समय में हर संभव सहायता करता रहेगा।"
ज्ञात हो कि काबुल में 16 मार्च की रात पाकिस्तान के हवाई हमले में एक अस्पताल तबाह हो गया। तालिबान सरकार के अनुसार, इस हमले में 400 से अधिक लोग मारे गए और 250 लोग घायल हुए।
तालिबान के अधिकारियों के अनुसार, यह हमला रात करीब 9 बजे किया गया, जिसमें काबुल के एक दो हजार बेड वाले अस्पताल को निशाना बनाया गया। तालिबान के उपप्रवक्ता मुल्ला हमदुल्ला फितरत ने कहा कि हमले के कारण अस्पताल में बहुत अधिक तबाही हुई है।
तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने भी इस घटना की निंदा की थी।
संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिवेदक रिचर्ड बेनेट ने इस हमले को 'मानवता के खिलाफ अपराध' बताते हुए स्वतंत्र जांच की मांग की थी। उन्होंने कहा, "मैं इस बात का समर्थन करता हूं कि काबुल में पाकिस्तान के द्वारा की गई एयर स्ट्राइक की तुरंत और पारदर्शी जांच होनी चाहिए।"