क्या भारत ने अफगानिस्तान को फिर से भेजी मदद?

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क्या भारत ने अफगानिस्तान को फिर से भेजी मदद?

सारांश

भारत ने एक बार फिर से अफगानिस्तान को 73 टन जीवनरक्षक चिकित्सा सहायता भेजी है। जानें इस पहल के पीछे का कारण और इससे अफगानिस्तान की स्वास्थ्य प्रणाली पर पड़ने वाला प्रभाव।

मुख्य बातें

भारत ने 73 टन जीवनरक्षक चिकित्सा सहायता भेजी।
अफगानिस्तान की स्वास्थ्य प्रणाली की मदद का उद्देश्य।
भारत और अफगानिस्तान के बीच गहरे संबंध।

काबुल, 28 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत लंबे समय से अफगानिस्तान के लिए एक मजबूत सहारा रहा है और समय-समय पर मदद की खेप भेजता है। हाल ही में, भारत ने अपने निरंतर समर्थन को फिर से दर्शाते हुए, शुक्रवार को अफगानिस्तान को 73 टन जीवनरक्षक दवाइयों, टीकों और आवश्यक पोषक सप्लीमेंट्स की खेप भेजी। यह सहायता अफगान स्वास्थ्य प्रणाली की तत्काल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए काबुल पहुंचाई गई।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने एक्स पर लिखा, “अफगानिस्तान के स्वास्थ्य प्रयासों को मजबूती देते हुए भारत ने 73 टन जीवनरक्षक दवाइयां, टीके और आवश्यक सप्लीमेंट्स तत्काल चिकित्सा जरूरतों के लिए काबुल पहुंचाए हैं। अफगान लोगों के प्रति भारत का अटूट समर्थन जारी है।”

पिछले सप्ताह नई दिल्ली में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर और अफगानिस्तान के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अल्हाज नूरुद्दीन अजीज़ी के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में व्यापार, संपर्क और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा की गई।

जयशंकर ने एक्स पर लिखा, “अफगानिस्तान के उद्योग और वाणिज्य मंत्री अल्हाज नूरुद्दीन अज़ीज़ी से मुलाकात कर खुशी हुई। व्यापार, कनेक्टिविटी और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की। अफगान जनता के विकास और कल्याण के लिए भारत के समर्थन को दोहराया।”

इससे पहले भी, भारत ने अफगानिस्तान के भूकंप प्रभावित परिवारों की मदद के लिए खाद्य सामग्री भेजी थी। बाल्ख, समनगन और बगलान प्रांतों में आए विनाशकारी भूकंप में 20 से अधिक मौतें हुई थीं और सैकड़ों लोग घायल हुए थे।

10 अक्टूबर को, भारत ने अतिरिक्त खाद्य सहायता भी भेजी थी। उसी दिन विदेश मंत्री जयशंकर की अफगान समकक्ष मौलवी आमिर खान मुत्ताकी से नई दिल्ली में मुलाकात हुई। बैठक में विकास सहयोग, व्यापार, अफगानिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता व स्वतंत्रता, आपसी संपर्क और क्षमता निर्माण पर चर्चा हुई।

जयशंकर ने मुत्ताकी की भारत यात्रा को “द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम” बताया और अफगानिस्तान को पांच एम्बुलेंस सौंपने की घोषणा भी की।

भारत की यह मानवीय सहायता अफगानिस्तान के लिए हाल के महीनों में की गई कई निरंतर मददों की नवीनतम कड़ी है, जो दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और जन-संपर्क आधारित रिश्तों को मजबूत करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग को भी दर्शाती है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत ने अफगानिस्तान को कितनी सहायता भेजी?
भारत ने अफगानिस्तान को 73 टन जीवनरक्षक दवाइयों, टीकों और पोषक सप्लीमेंट्स की सहायता भेजी।
इस सहायता का उद्देश्य क्या है?
यह सहायता अफगान स्वास्थ्य प्रणाली की तत्काल जरूरतों को पूरा करने के लिए है।
भारत और अफगानिस्तान के बीच संबंध कैसे हैं?
भारत और अफगानिस्तान के बीच संबंध ऐतिहासिक और जन-संपर्क आधारित हैं, जो सहायता के माध्यम से और मजबूत होते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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