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भारत ने अफगानिस्तान को भेजे 20 टन BCG और TD वैक्सीन, बच्चों के टीकाकरण अभियान को मिला बल

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भारत ने अफगानिस्तान को भेजे 20 टन BCG और TD वैक्सीन, बच्चों के टीकाकरण अभियान को मिला बल

सारांश

भारत ने एक बार फिर अफगानिस्तान के बच्चों के लिए 20 टन BCG और TD वैक्सीन भेजकर अपनी मानवीय प्रतिबद्धता साबित की। मार्च से अब तक कई खेपें भेज चुका भारत तालिबान शासन के बीच भी अफगान नागरिकों तक स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने में जुटा है।

मुख्य बातें

भारत ने 22 मई 2026 को काबुल को 20 टन BCG और TD वैक्सीन भेजी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर पुष्टि की कि और खेपें भी भेजी जाएँगी।
अप्रैल में भारत 13 टन BCG वैक्सीन और 5 अप्रैल को HADR सामग्री भेज चुका है।
16 मार्च को पाकिस्तानी हमले में घायलों की मदद के लिए 2.5 टन आपातकालीन चिकित्सा सामग्री भेजी गई थी।
भारत ने अफगानिस्तान के स्वास्थ्य क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग की प्रतिबद्धता दोहराई है।

भारत ने 22 मई 2026 को अफगानिस्तान के बच्चों के टीकाकरण कार्यक्रम को मज़बूत करने के लिए काबुल को 20 टन बैसिलस कैलमेट-गुएरिन (BCG) और टेटनस एवं डिप्थीरिया (TD) वैक्सीन की खेप रवाना की। यह भारत की उस निरंतर मानवीय सहायता श्रृंखला की ताज़ा कड़ी है जो तालिबान शासन के बावजूद अफगान नागरिकों, विशेषकर बच्चों, तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने के लिए जारी है।

विदेश मंत्रालय की आधिकारिक पुष्टि

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'भारत ने अफगानिस्तान के बच्चों के इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम को बढ़ाने के लिए काबुल को BCG और टेटनस एवं डिप्थीरिया (TD) वैक्सीन के लिए 20 टन ज़रूरी सामान दिया है और अधिक खेपें भेजी जा रही हैं। भारत स्वास्थ्य क्षेत्र में अफगानिस्तान के लोगों की मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है।' जायसवाल के इस बयान से स्पष्ट है कि यह एकमुश्त आपूर्ति नहीं, बल्कि एक चरणबद्ध प्रक्रिया है।

पिछले कुछ महीनों में सहायता का क्रम

अप्रैल 2026 की शुरुआत में भारत ने तपेदिक (TB) से लड़ने के लिए अफगानिस्तान के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय को 13 टन BCG वैक्सीन और संबंधित सामग्री सौंपी थी। इससे पहले 5 अप्रैल को बाढ़ और भूकंप से प्रभावित अफगान नागरिकों के लिए मानवीय सहायता एवं आपदा राहत सामग्री (HADR) भेजी गई थी, जिसमें किचन सेट, हाइजीन किट, प्लास्टिक शीट, तिरपाल और स्लीपिंग बैग शामिल थे।

गौरतलब है कि 16 मार्च 2026 को काबुल के एक अस्पताल पर पाकिस्तान के हमले में घायल हुए लोगों के उपचार में सहायता के लिए भारत ने आपातकालीन दवाइयाँ, मेडिकल डिस्पोजेबल्स, किट और उपकरणों की 2.5 टन की खेप भेजी थी।

रणनीतिक और मानवीय महत्त्व

यह सहायता ऐसे समय में आई है जब अफगानिस्तान में तालिबान शासन के चलते अंतरराष्ट्रीय सहायता संगठनों की पहुँच सीमित हो गई है और बच्चों में पोलियो, टीबी तथा अन्य रोकथाम-योग्य बीमारियों का खतरा बढ़ा हुआ है। भारत की यह पहल न केवल मानवीय दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है, बल्कि क्षेत्रीय कूटनीति में भी नई दिल्ली की सक्रिय भूमिका को रेखांकित करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्वास्थ्य सहायता के ज़रिये भारत अफगान नागरिक समाज के साथ संबंध बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।

आगे क्या

विदेश मंत्रालय के अनुसार आने वाले समय में और खेपें भेजी जाएँगी। भारत ने अफगानिस्तान के लोगों के साथ एकजुटता का वादा दोहराते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग की प्रतिबद्धता जताई है। विश्लेषकों का मानना है कि यह निरंतर सहायता भारत-अफगानिस्तान संबंधों को ज़मीनी स्तर पर जीवित रखने का प्रयास है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संस्थागत रूप देना चाहती है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि जब तक तालिबान लड़कियों की शिक्षा और महिलाओं के अधिकारों पर अपनी नीतियाँ नहीं बदलता, इस सहायता की दीर्घकालिक प्रभावशीलता सीमित रहेगी। भारत के लिए असली परीक्षा यह है कि वह मानवीय पहुँच को कूटनीतिक लाभ में कैसे बदलता है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत ने अफगानिस्तान को कौन-सी वैक्सीन भेजी हैं?
भारत ने 22 मई 2026 को काबुल को 20 टन BCG (बैसिलस कैलमेट-गुएरिन) और TD (टेटनस एवं डिप्थीरिया) वैक्सीन भेजी हैं। ये वैक्सीन अफगानिस्तान के बच्चों के टीकाकरण कार्यक्रम को मज़बूत करने के लिए भेजी गई हैं।
भारत ने हाल के महीनों में अफगानिस्तान को और क्या सहायता दी है?
अप्रैल 2026 में भारत ने 13 टन BCG वैक्सीन और 5 अप्रैल को बाढ़-भूकंप पीड़ितों के लिए HADR सामग्री भेजी थी। 16 मार्च को पाकिस्तानी हमले में घायलों की मदद के लिए 2.5 टन आपातकालीन चिकित्सा सामग्री भेजी गई थी।
भारत की अफगानिस्तान को यह सहायता क्यों महत्त्वपूर्ण है?
तालिबान शासन के बाद अफगानिस्तान में अंतरराष्ट्रीय सहायता संगठनों की पहुँच सीमित हो गई है और बच्चों में रोकथाम-योग्य बीमारियों का खतरा बढ़ा है। भारत की यह सहायता अफगान नागरिकों तक स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने के साथ-साथ क्षेत्रीय कूटनीति में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
क्या भविष्य में और वैक्सीन खेपें भेजी जाएँगी?
हाँ, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पुष्टि की है कि और खेपें भी भेजी जाएँगी। भारत ने अफगानिस्तान के स्वास्थ्य क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग की प्रतिबद्धता जताई है।
BCG वैक्सीन किस बीमारी से बचाती है?
BCG (बैसिलस कैलमेट-गुएरिन) वैक्सीन मुख्यतः तपेदिक (TB) से बच्चों को सुरक्षा प्रदान करती है। अफगानिस्तान में TB एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है, इसलिए यह वैक्सीन वहाँ विशेष रूप से ज़रूरी है।
राष्ट्र प्रेस
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