8 जुलाई 2026
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अफगान कृषि मंत्री ओमारी की नई दिल्ली में चिराग पासवान और पबित्रा मार्गेरिटा से मुलाकात, द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा

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अफगान कृषि मंत्री ओमारी की नई दिल्ली में चिराग पासवान और पबित्रा मार्गेरिटा से मुलाकात, द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा

सारांश

अफगान कृषि मंत्री ओमारी का नई दिल्ली दौरा महज़ शिष्टाचार भेंट नहीं — पाकिस्तान से बढ़ते तनाव के बीच काबुल भारत की ओर झुक रहा है। खाद्य सुरक्षा, टीके और विकास परियोजनाओं के ज़रिए भारत चुपचाप अफगानिस्तान में अपनी उपस्थिति मज़बूत कर रहा है।

मुख्य बातें

अफगानिस्तान के कृषि मंत्री मावलावी अताउल्लाह ओमारी ने 8 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा से मुलाकात की।
बैठक में खाद्य प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, प्रौद्योगिकी और द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई।
यह दौरा अफगानिस्तान-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव और पाकिस्तानी हवाई हमलों की पृष्ठभूमि में हो रहा है।
भारत ने 17 जून को 5 टन दवाइयाँ और 22 मई को 20 टन BCG व TD टीके काबुल भेजे।
विदेश राज्य मंत्री मार्गेरिटा ने एक्स पर बैठक की तस्वीरें साझा कर अफगान जनता के कल्याण के लिए जारी सहयोग की पुष्टि की।

अफगानिस्तान के कृषि, सिंचाई और पशुपालन मंत्री मावलावी अताउल्लाह ओमारी ने 8 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा से अलग-अलग मुलाकात की। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है और भारत काबुल के साथ अपने संबंधों को नई गहराई देने की कोशिश में है।

बैठक में किन विषयों पर हुई चर्चा

केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, चिराग पासवान और ओमारी के बीच द्विपक्षीय वार्ता में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में मूल्य संवर्धन, बुनियादी ढाँचे के विकास, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और क्षमता निर्माण पर विस्तार से बात हुई। दोनों पक्षों ने खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने, लोगों की आजीविका बेहतर करने और पारस्परिक रूप से लाभकारी आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने बैठक के बाद एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि वार्ता में भारत-अफगानिस्तान द्विपक्षीय संबंधों की समग्र समीक्षा हुई और अफगान जनता के कल्याण एवं विकास के लिए जारी सहयोग पर भी विचार-विमर्श किया गया।

ओमारी के दौरे का उद्देश्य

मावलावी अताउल्लाह ओमारी मंगलवार, 7 जुलाई को नई दिल्ली पहुँचे। उनके इस दौरे का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच आपसी संबंधों को प्रगाढ़ करना और साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर सीधी बातचीत करना है। विदेश मंत्रालय ने एक्स पर उनका स्वागत करते हुए कहा कि भारत 'आपसी हितों के मुद्दों पर बातचीत के लिए उत्सुक है।'

पाक-अफगान तनाव की पृष्ठभूमि

यह दौरा अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव की पृष्ठभूमि में हो रहा है। हाल ही में अफगान प्रांतों में पाकिस्तानी हवाई हमलों में कई अफगान नागरिक मारे गए और घायल हुए। भारत ने इन हवाई हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह 'पाकिस्तान के लापरवाह रवैए और अपनी सीमाओं के बाहर हिंसा के ज़रिए अपनी नाकामियों को छिपाने की बेकार कोशिश को दर्शाता है।' इस संदर्भ में ओमारी का दिल्ली दौरा कूटनीतिक दृष्टि से विशेष महत्त्व रखता है।

भारत का अफगानिस्तान को मानवीय सहयोग

भारत लंबे समय से अफगानिस्तान को मानवीय सहायता प्रदान करता रहा है। पिछले सप्ताह ही भारत ने सहायता और विकास परियोजनाओं के ज़रिए काबुल को समर्थन जारी रखने का वादा किया। 17 जून को 5 टन आवश्यक दवाइयाँ काबुल पहुँचाई गईं। इससे पहले 22 मई को 20 टन बैसिलस कैलमेट-गुएरिन (BCG) और टेटनस-डिप्थीरिया (TD) के टीके भेजे गए थे, जिनका उद्देश्य अफगान बच्चों में प्रतिरक्षण अभियान को मज़बूत करना था।

आगे क्या

इस उच्च-स्तरीय बैठक के बाद भारत और अफगानिस्तान के बीच खाद्य प्रसंस्करण तथा कृषि क्षेत्र में सहयोग की नई रूपरेखा तैयार होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान के साथ अफगानिस्तान के बिगड़ते संबंधों के बीच भारत की सक्रिय कूटनीति क्षेत्रीय समीकरणों को प्रभावित कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

टीके, और अब खाद्य प्रसंस्करण वार्ता — चुपचाप प्रभाव-क्षेत्र बनाने की है, बिना किसी औपचारिक राजनयिक मान्यता के। यह दांव दीर्घकालिक हो सकता है, लेकिन घरेलू राजनीति में तालिबान के साथ किसी भी प्रत्यक्ष जुड़ाव की आलोचना का जोखिम भी बना रहेगा।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अफगान कृषि मंत्री ओमारी का भारत दौरा किस उद्देश्य से है?
मावलावी अताउल्लाह ओमारी का दौरा दोनों देशों के बीच आपसी संबंधों को प्रगाढ़ करने और साझा हितों पर सीधी बातचीत करने के उद्देश्य से है। इस दौरान खाद्य प्रसंस्करण, कृषि सहयोग और द्विपक्षीय व्यापार पर विशेष ध्यान दिया गया।
चिराग पासवान और ओमारी की बैठक में क्या तय हुआ?
बैठक में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में मूल्य संवर्धन, बुनियादी ढाँचे के विकास, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और क्षमता निर्माण पर सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। दोनों पक्षों ने खाद्य सुरक्षा और आजीविका सुधार की साझा प्रतिबद्धता भी दोहराई।
पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव का इस दौरे से क्या संबंध है?
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पाकिस्तान ने हाल ही में अफगान प्रांतों पर हवाई हमले किए, जिनमें नागरिक हताहत हुए। भारत ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है, और ओमारी का दिल्ली आना इस तनाव के बीच काबुल की भारत के प्रति बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता को दर्शाता है।
भारत ने हाल ही में अफगानिस्तान को क्या मानवीय सहायता दी है?
भारत ने 17 जून को 5 टन आवश्यक दवाइयाँ काबुल भेजीं। इससे पहले 22 मई को 20 टन BCG और TD टीके अफगान बच्चों के प्रतिरक्षण अभियान के लिए भेजे गए थे। भारत लंबे समय से चिकित्सा उपकरण और ज़रूरी सामान काबुल को उपलब्ध कराता रहा है।
विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने बैठक में क्या चर्चा की?
मार्गेरिटा ने ओमारी के साथ भारत-अफगानिस्तान द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और अफगान जनता के कल्याण व विकास के लिए जारी सहयोग पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने बैठक के बाद एक्स पर तस्वीरें साझा कर इसकी जानकारी दी।
राष्ट्र प्रेस
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