राहुल गांधी कहाँ हैं? BJP की राज्य इकाइयों ने पोस्टर अभियान से कसा तंज, कांग्रेस चुप
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अनुपस्थिति को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 25 जून को एकजुट सोशल मीडिया अभियान छेड़ा, जिसमें पार्टी की विभिन्न राज्य इकाइयों ने व्यंग्यात्मक पोस्टर साझा कर सवाल उठाया कि कांग्रेस नेता इस वक्त देश में हैं या विदेश में। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
BJP की राज्य इकाइयों का पोस्टर अभियान
तेलंगाना BJP ने एक पोस्टर साझा किया जिसमें लिखा था — 'भारत की आलोचना करो, चीन का महिमामंडन करो। इसे दोहराओ। राहुल की विदेश नीति की कार्यशैली।' केरल BJP ने 'खोए-पाए की सूचना' शैली में लिखा कि 'वायनाड के पूर्व सांसद आखिरी बार केरल से अटूट प्यार का वादा करते हुए देखे गए थे, अब कहीं नहीं मिल रहे।'
गोवा BJP ने सवाल उठाया कि राहुल गांधी थाईलैंड में छुट्टियाँ मना रहे हैं या किसी गुप्त यात्रा पर हैं। अरुणाचल प्रदेश BJP ने आरोप लगाया कि जब भी कोई अहम सवाल उठता है, राहुल गांधी का पता नहीं चलता, और पूछा कि क्या वह फिर से चीन में हैं।
राहुल गांधी की सोशल मीडिया पर सक्रियता
उल्लेखनीय है कि गुरुवार सुबह राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के ज़रिए केंद्र सरकार पर हमला बोला था। उन्होंने लिखा कि 'सत्ता के अहंकार में डूबी सरकार अब इस मुकाम पर पहुँच गई है कि अपने अधिकारों, निष्पक्ष परीक्षाओं और सुरक्षित भविष्य की माँग करने वाले छात्रों को ही शिक्षा मंत्री 'आतंकवादी' कह रहे हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि 'जो भी सरकार से सवाल पूछे — उसे देशद्रोही बता दो, यही इनकी पूरी राजनीति है।'
राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से माफ़ी माँगने और नाकामियों के लिए इस्तीफ़ा देने की माँग भी की।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया का अभाव
BJP की तमाम राज्य इकाइयों द्वारा एकजुट होकर यह अभियान चलाए जाने के बावजूद कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक खंडन या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया। यह ऐसे समय में हुआ है जब संसद का मानसून सत्र नज़दीक है और विपक्षी एकता की परीक्षा होनी है।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि राहुल गांधी वायनाड सीट छोड़ने के बाद रायबरेली से सांसद हैं, और उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा वायनाड से लोकसभा में पहुँची हैं। BJP का यह अभियान केरल में राहुल की पूर्व छवि को निशाना बनाते हुए उनकी अनुपस्थिति को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश है। आलोचकों का कहना है कि BJP का यह पोस्टर अभियान ठोस नीतिगत बहस से ध्यान भटकाने की रणनीति है।