भारत-नेपाल इन-स्पैन का दूसरा चरण शुरू, 25 नेपाली स्टार्टअप्स को मिलेगा AI और निवेश का मंच
सारांश
मुख्य बातें
काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने भारत-नेपाल स्टार्टअप पार्टनरशिप नेटवर्क (इन-स्पैन) कार्यक्रम के दूसरे चरण की औपचारिक शुरुआत की घोषणा की है, जिसमें 25 नेपाली स्टार्टअप्स को आठ सप्ताह तक उद्यमिता प्रशिक्षण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कौशल, निवेशक संवाद और भारतीय कंपनियों के साथ इंटर्नशिप के अवसर मुहैया कराए जाएँगे। इस चरण का उद्घाटन चेन्नई स्थित IIT मद्रास प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन में हुआ, जो भारत-नेपाल नवाचार सहयोग की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
दूतावास के अनुसार, चयनित स्टार्टअप्स AI, बायोटेक्नोलॉजी, क्लीन टेक्नोलॉजी, फिनटेक, हेल्थटेक, एग्रीटेक, ई-कॉमर्स, मोबिलिटी, मैन्युफैक्चरिंग एवं कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी, FMCG, एयरोस्पेस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस जैसे विविध क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं। पात्र कंपनियों का चयन प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के माध्यम से किया गया, जिसके लिए आवेदन 7 मई से आमंत्रित किए गए थे।
आठ सप्ताह का रोडमैप
कार्यक्रम के पहले चार सप्ताह में प्रतिभागियों को गहन उद्यमिता प्रशिक्षण दिया जाएगा। पाँचवें और छठे सप्ताह में स्टार्टअप्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEO) को AI-आधारित विशेष कौशल प्रशिक्षण मिलेगा, जबकि सातवें और आठवें सप्ताह में बिज़नेस नेटवर्किंग, निवेशकों से संवाद और स्टार्टअप पिच डेक प्रस्तुतियों का आयोजन होगा।
राजदूत और शिक्षाविदों का संबोधन
नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रतिभागी स्टार्टअप्स की विविधता की सराहना की और उन्हें व्यापक स्टार्टअप इकोसिस्टम के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया। उद्घाटन समारोह में IIT मद्रास के शिक्षाविदों और IIM प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एमजे शंकर रमन ने भी हिस्सा लिया।
पहले चरण की उपलब्धियाँ
गौरतलब है कि दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 में आयोजित इन-स्पैन के पहले चरण में 24 नेपाली स्टार्टअप्स ने भाग लिया था, जो साइबर सुरक्षा, ई-कॉमर्स, AI, क्विक कॉमर्स, एडटेक, हेल्थकेयर, ड्रोन टेक्नोलॉजी, क्लीनटेक, एग्रीटेक, लीगल टेक, क्लाइमेट टेक, एयरोस्पेस और फिनटेक से जुड़े थे। दूतावास के अनुसार, उस दौरान कई नेपाली स्टार्टअप्स भारतीय कंपनियों के साथ व्यावसायिक साझेदारी स्थापित करने में सफल रहे, और 9 नेपाली स्टार्टअप्स को IIT मद्रास इनक्यूबेशन सेल तथा IIM प्रवर्तक से इन्क्यूबेशन एवं निवेश के प्रस्ताव भी मिले।
क्या होगा आगे
यह कार्यक्रम दोनों देशों के बीच नवाचार-आधारित आर्थिक रिश्तों को नई दिशा देने की कोशिश है, जो परंपरागत व्यापार और ऊर्जा सहयोग से आगे बढ़कर तकनीक-केंद्रित साझेदारी की ओर इशारा करता है। आठ सप्ताह की समाप्ति पर प्रतिभागी CEO निवेशकों के सामने अपने पिच प्रस्तुत करेंगे, जिसके परिणाम भविष्य के द्विपक्षीय स्टार्टअप सहयोग की रूपरेखा तय कर सकते हैं।