क्या 70 प्रतिशत से अधिक भारतीय स्टार्टअप अपने प्रमुख बिजनेस कार्यों में एआई को कर रहे हैं इंटीग्रेट?

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क्या 70 प्रतिशत से अधिक भारतीय स्टार्टअप अपने प्रमुख बिजनेस कार्यों में एआई को कर रहे हैं इंटीग्रेट?

सारांश

एक नई मेटा रिपोर्ट के अनुसार, 70 प्रतिशत से अधिक भारतीय स्टार्टअप अपने व्यापारिक कार्यों में एआई का समावेश कर रहे हैं। यह रिपोर्ट भारत के स्टार्टअप क्षेत्र में हो रहे क्रांतिकारी परिवर्तन को दर्शाती है। जानें कैसे एआई इन स्टार्टअप्स के विकास में सहायक सिद्ध हो रहा है।

मुख्य बातें

70 प्रतिशत से अधिक भारतीय स्टार्टअप अब एआई को अपने कार्यों में शामिल कर रहे हैं।
डिजिटल इनोवेशन और ओमनीचैनल रणनीतियों का विकास हो रहा है।
एआई मार्केटर्स के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो रहा है।
टियर 2 और 3 बाजारों में विस्तार हो रहा है।

नई दिल्ली, 28 जून (राष्ट्र प्रेस)। मेटा की हालिया रिपोर्ट में बताया गया है कि 70 प्रतिशत से अधिक भारतीय स्टार्टअप अब अपने प्रमुख व्यावसायिक कार्यों में एआई का समावेश कर रहे हैं।

यह रिपोर्ट मेटा द्वारा अल्वारेज एंड मार्सल इंडिया के सहयोग से तैयार की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, जैसे-जैसे भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम अपने अगले विकास चरण में तेजी से आगे बढ़ रहा है, उभरते व्यवसाय डिजिटल इनोवेशन, ओमनीचैनल रणनीतियों और टियर 2 और 3 बाजारों तक पहुँच के माध्यम से अपने विकास को नया रूप दे रहे हैं।

रिपोर्ट के निष्कर्षों से पता चलता है कि भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम ने पिछले एक दशक में तीव्र विकास का अनुभव किया है, जिसमें अर्ली-स्टेज फंडिंग, डिजिटल पेनिट्रेशन और महानगरों एवं गैर-महानगर क्षेत्रों में उपभोक्ता समृद्धि में वृद्धि शामिल है।

मेटा की भारत और दक्षिण पूर्व एशिया की उपाध्यक्ष संध्या देवनाथन ने कहा, "आज के गतिशील समय में स्मार्ट तरीके से सोचने वाले स्टार्टअप ही आगे बढ़ेंगे। मेटा में, हमें इस यात्रा में भागीदार होने पर गर्व है, हम उन्हें कटिंग-एज एआई-पावर्ड टूल्स से लैस कर रहे हैं, ताकि उन्हें अपने साहसिक विचारों को प्रभाव में बदलने में मदद मिल सके।"

एआई जैसी तकनीकें देश में स्टार्टअप और एमएसएमई के विकास को बढ़ावा दे रही हैं।

अल्वारेज एंड मार्सल इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और हेड हिमांशु बजाज ने कहा, "हम भारतीय स्टार्टअप द्वारा पैमाने के बारे में सोचने के तरीके में एक बड़ा परिवर्तन देख रहे हैं। वे विकास के साथ-साथ वैल्यू क्रिएशन पर ध्यान केंद्रित करने वाले अधिक सस्टेनेबल बिजनेस बनाने की कोशिश कर रहे हैं।"

एआई मार्केटर्स के लिए एक गेम-चेंजर बनता जा रहा है। मार्केटिंग में एआई अपनाने वाले 87 प्रतिशत स्टार्टअप्स ने कॉस्ट पर एक्विजिशन (सीपीए) में 30 प्रतिशत सुधार की सूचना दी है।

रिपोर्ट में पाया गया कि हेल्थकेयर, एडटेक और ब्यूटी जैसे क्षेत्रों में कस्टमर सर्विस, पूर्वानुमान विश्लेषण और व्यक्तिगतकरण के लिए ऑटोमेशन का लाभ उठाते हुए एआई की परिपक्वता सबसे अधिक है।

टियर 2 और 3 बाजार अब पैमाने के लिए नए बैटलग्राउंड बनते जा रहे हैं। मांग, डिजिटल पहुँच और वितरण में आसानी के कारण, सर्वेक्षण में शामिल लगभग सभी स्टार्टअप इन क्षेत्रों में विस्तार कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह रिपोर्ट दर्शाती है कि भारतीय स्टार्टअप एआई के माध्यम से न केवल अपने विकास को गति दे रहे हैं, बल्कि वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भी मजबूती से खड़े हो रहे हैं। यह बदलाव देश के आर्थिक परिदृश्य के लिए सकारात्मक संकेत है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या भारतीय स्टार्टअप अब एआई का उपयोग कर रहे हैं?
हाँ, मेटा की रिपोर्ट के अनुसार, 70 प्रतिशत से अधिक भारतीय स्टार्टअप अपने कार्यों में एआई का समावेश कर रहे हैं।
स्टार्टअप्स किस प्रकार के क्षेत्रों में एआई का उपयोग कर रहे हैं?
स्टार्टअप्स हेल्थकेयर, एडटेक और ब्यूटी जैसे क्षेत्रों में एआई का उपयोग कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस