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क्या विदेश मंत्री जयशंकर ने कतर के अमीर से मुलाकात कर भारत-कतर संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया?

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क्या विदेश मंत्री जयशंकर ने कतर के अमीर से मुलाकात कर भारत-कतर संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया?

सारांश

दोहा में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और कतर के अमीर शेख तमिम बिन हमद अल थानी की मुलाकात हुई। इस दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। क्या इस मुलाकात से भारत-कतर के रिश्तों में नई ऊंचाई आएगी?

मुख्य बातें

भारत-कतर संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता ऊर्जा, व्यापार और निवेश पर चर्चा द्विपक्षीय संबंधों की रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा

दोहा, 16 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को दोहा में कतर के अमीर शेख तमिम बिन हमद अल थानी से बातचीत की और भारत की ओर से द्विपक्षीय संबंधों को और भी मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से अमीर को हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने एक्स पर लिखा, "दोहा में आज कतर के अमीर हिज हाइनेस तमिम बिन हमद अल थानी से मुलाकात कर सम्मानित महसूस किया। प्रधानमंत्री मोदी की गर्मजोशी भरी शुभकामनाएं पहुंचाईं और भारत-कतर संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने की हमारी प्रतिबद्धता दोहराई। सहयोग बढ़ाने और नए अवसरों की तलाश पर उनके मार्गदर्शन को महत्व देता हूं।"

विदेश मंत्री जयशंकर ने कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल-थानी से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने ऊर्जा, व्यापार, निवेश और लोगों के बीच संबंधों सहित रणनीतिक साझेदारी से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की।

एक्स पर अपनी पोस्ट में जयशंकर ने लिखा, "दोहा में कतर के प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल-थानी से मुलाकात कर खुशी हुई। ऊर्जा, व्यापार, निवेश और पीपल-टू-पीपल कनेक्ट सहित हमारी रणनीतिक साझेदारी के प्रमुख पहलुओं की समीक्षा की। मध्य पूर्व/पश्चिम एशिया तथा क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श की सराहना करता हूं।"

कतर के विदेश मंत्रालय ने बैठक के विवरण साझा करते हुए कहा कि वार्ता द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और सहयोग के नए अवसरों की तलाश पर केंद्रित रही। दोनों पक्षों ने साझा हितों के कई मुद्दों पर भी चर्चा की।

इससे पहले अक्टूबर में, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने दोहा में कतर के विदेश व्यापार मामलों के राज्य मंत्री अहमद बिन मोहम्मद अल-सैयद से मुलाकात की थी और भारत-कतर आर्थिक सहयोग को लेकर आशावाद व्यक्त किया था।

भारत और कतर के बीच ऐतिहासिक व्यापारिक संबंधों और लोगों के बीच मजबूत संपर्क के कारण घनिष्ठ रिश्ते बने हैं। दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध वर्ष 1973 में स्थापित हुए थे।

भारतीय दूतावास के अनुसार, दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय वार्ताओं और नियमित संपर्क के चलते विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है। इस वर्ष फरवरी में कतर के अमीर शेख तमिम बिन हमद अल थानी की भारत यात्रा के दौरान द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किया गया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

वर्तमान वैश्विक परिप्रेक्ष्य में अत्यधिक महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विदेश मंत्री जयशंकर की कतर यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या था?
विदेश मंत्री जयशंकर की कतर यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत-कतर द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और सहयोग के नए अवसरों की तलाश करना था।
कतर के अमीर से मुलाकात के दौरान किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
मुलाकात के दौरान ऊर्जा, व्यापार, निवेश और लोगों के बीच संबंधों पर चर्चा की गई।
भारत और कतर के रिश्ते कब स्थापित हुए थे?
भारत और कतर के बीच राजनयिक संबंध वर्ष 1973 में स्थापित हुए थे।
राष्ट्र प्रेस
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