आईसीसी हॉल ऑफ फेम 2025: गांगुली, अंजुम चोपड़ा और पीटरसन शामिल, जय शाह ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने 11 जुलाई को भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली, भारतीय महिला क्रिकेट की दिग्गज अंजुम चोपड़ा और इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज केविन पीटरसन को प्रतिष्ठित आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल किया। इन तीनों के शामिल होने के बाद हॉल ऑफ फेम के कुल सदस्यों की संख्या बढ़कर 125 हो गई है।
जय शाह की बधाई
आईसीसी चेयरमैन जय शाह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर तीनों दिग्गजों को बधाई दी। उन्होंने लिखा, 'मुझे आईसीसी हॉल ऑफ फेम में नए सदस्यों का स्वागत करते हुए खुशी हो रही है। यह उन असाधारण लोगों के लिए सम्मान है जिनकी उपलब्धियों ने हमारे खेल में बड़ा योगदान दिया है। सौरव गांगुली, अंजुम चोपड़ा और केविन पीटरसन सभी ने गर्व के साथ अपनी राष्ट्रीय टीमों का नेतृत्व किया है, और मैं आईसीसी की ओर से उन्हें इस पूरी तरह से हकदार सम्मान के लिए बधाई देना चाहता हूं।'
तीनों दिग्गजों का योगदान
सौरव गांगुली ने भारतीय क्रिकेट को आक्रामक और आत्मविश्वासी पहचान दी। उनकी कप्तानी में भारत ने विदेशी धरती पर ऐतिहासिक जीत दर्ज कीं। अंजुम चोपड़ा भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाली खिलाड़ियों में से एक रही हैं और उन्होंने महिला क्रिकेट को मुख्यधारा में लाने में अहम भूमिका निभाई। केविन पीटरसन ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से इंग्लैंड की ओर से अनेक यादगार पारियाँ खेलीं।
आईसीसी हॉल ऑफ फेम की पृष्ठभूमि
आईसीसी हॉल ऑफ फेम की स्थापना जनवरी 2009 में आईसीसी के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में की गई थी। इसमें केवल उन्हीं खिलाड़ियों को शामिल किया जाता है जिन्होंने अपना अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हुए कम से कम पाँच वर्ष बीत चुके हों। यह शर्त इस सम्मान की विश्वसनीयता और विशिष्टता को बनाए रखती है।
क्रिकेट इतिहास में महत्व
गौरतलब है कि यह सम्मान केवल आँकड़ों पर नहीं, बल्कि खेल पर दीर्घकालिक प्रभाव और योगदान के आधार पर दिया जाता है। इन तीनों खिलाड़ियों ने न केवल अपनी-अपनी राष्ट्रीय टीमों को परिभाषित किया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की दिशा भी तय की। अब यह देखना होगा कि आने वाले वर्षों में कौन-से और दिग्गज इस सूची में अपनी जगह बनाते हैं।