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आईसीसी हॉल ऑफ फेम 2025: गांगुली, अंजुम चोपड़ा और पीटरसन शामिल, जय शाह ने दी बधाई

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आईसीसी हॉल ऑफ फेम 2025: गांगुली, अंजुम चोपड़ा और पीटरसन शामिल, जय शाह ने दी बधाई

सारांश

आईसीसी ने 11 जुलाई को सौरव गांगुली, अंजुम चोपड़ा और केविन पीटरसन को हॉल ऑफ फेम में शामिल कर इस सूची को 125 सदस्यों तक पहुँचाया। आईसीसी चेयरमैन जय शाह ने एक्स पर पोस्ट कर तीनों को 'पूरी तरह से हकदार' बताते हुए बधाई दी।

मुख्य बातें

आईसीसी ने 11 जुलाई को सौरव गांगुली , अंजुम चोपड़ा और केविन पीटरसन को हॉल ऑफ फेम में शामिल किया।
इन तीनों के शामिल होने से आईसीसी हॉल ऑफ फेम के सदस्यों की कुल संख्या 125 हो गई।
आईसीसी चेयरमैन जय शाह ने एक्स पर पोस्ट कर तीनों को बधाई दी और उन्हें 'पूरी तरह से हकदार' बताया।
आईसीसी हॉल ऑफ फेम की स्थापना जनवरी 2009 में आईसीसी के 100 वर्ष पूरे होने पर हुई थी।
हॉल ऑफ फेम में शामिल होने के लिए अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच के बाद कम से कम 5 वर्ष बीतना अनिवार्य है।

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने 11 जुलाई को भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली, भारतीय महिला क्रिकेट की दिग्गज अंजुम चोपड़ा और इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज केविन पीटरसन को प्रतिष्ठित आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल किया। इन तीनों के शामिल होने के बाद हॉल ऑफ फेम के कुल सदस्यों की संख्या बढ़कर 125 हो गई है।

जय शाह की बधाई

आईसीसी चेयरमैन जय शाह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर तीनों दिग्गजों को बधाई दी। उन्होंने लिखा, 'मुझे आईसीसी हॉल ऑफ फेम में नए सदस्यों का स्वागत करते हुए खुशी हो रही है। यह उन असाधारण लोगों के लिए सम्मान है जिनकी उपलब्धियों ने हमारे खेल में बड़ा योगदान दिया है। सौरव गांगुली, अंजुम चोपड़ा और केविन पीटरसन सभी ने गर्व के साथ अपनी राष्ट्रीय टीमों का नेतृत्व किया है, और मैं आईसीसी की ओर से उन्हें इस पूरी तरह से हकदार सम्मान के लिए बधाई देना चाहता हूं।'

तीनों दिग्गजों का योगदान

सौरव गांगुली ने भारतीय क्रिकेट को आक्रामक और आत्मविश्वासी पहचान दी। उनकी कप्तानी में भारत ने विदेशी धरती पर ऐतिहासिक जीत दर्ज कीं। अंजुम चोपड़ा भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाली खिलाड़ियों में से एक रही हैं और उन्होंने महिला क्रिकेट को मुख्यधारा में लाने में अहम भूमिका निभाई। केविन पीटरसन ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से इंग्लैंड की ओर से अनेक यादगार पारियाँ खेलीं।

आईसीसी हॉल ऑफ फेम की पृष्ठभूमि

आईसीसी हॉल ऑफ फेम की स्थापना जनवरी 2009 में आईसीसी के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में की गई थी। इसमें केवल उन्हीं खिलाड़ियों को शामिल किया जाता है जिन्होंने अपना अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हुए कम से कम पाँच वर्ष बीत चुके हों। यह शर्त इस सम्मान की विश्वसनीयता और विशिष्टता को बनाए रखती है।

क्रिकेट इतिहास में महत्व

गौरतलब है कि यह सम्मान केवल आँकड़ों पर नहीं, बल्कि खेल पर दीर्घकालिक प्रभाव और योगदान के आधार पर दिया जाता है। इन तीनों खिलाड़ियों ने न केवल अपनी-अपनी राष्ट्रीय टीमों को परिभाषित किया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की दिशा भी तय की। अब यह देखना होगा कि आने वाले वर्षों में कौन-से और दिग्गज इस सूची में अपनी जगह बनाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि उनके समकालीन कई विदेशी खिलाड़ी पहले ही शामिल हो चुके थे। अंजुम चोपड़ा का नामांकन महिला क्रिकेट की बढ़ती पहचान का संकेत है, हालाँकि आलोचकों का कहना है कि ICC को महिला खिलाड़ियों को और तेज़ी से मान्यता देनी चाहिए। जय शाह की एक्स पोस्ट कूटनीतिक रूप से संतुलित थी, लेकिन यह भी उल्लेखनीय है कि वे भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) के पूर्व सचिव हैं और गांगुली BCCI के पूर्व अध्यक्ष — यह संदर्भ इस बधाई को महज औपचारिकता से परे एक सांस्थानिक स्वीकृति बनाता है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईसीसी हॉल ऑफ फेम 2025 में कौन-से तीन खिलाड़ी शामिल किए गए?
11 जुलाई 2025 को भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली, भारतीय महिला क्रिकेटर अंजुम चोपड़ा और इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज केविन पीटरसन को आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया। इनके शामिल होने के बाद कुल सदस्य संख्या 125 हो गई।
आईसीसी हॉल ऑफ फेम क्या है और इसकी शुरुआत कब हुई?
आईसीसी हॉल ऑफ फेम जनवरी 2009 में आईसीसी के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में शुरू किया गया था। इसमें उन क्रिकेटरों को सम्मानित किया जाता है जिन्होंने अपनी उपलब्धियों, प्रतिभा और दीर्घकालिक योगदान से खेल के इतिहास को आकार दिया है।
आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल होने की पात्रता क्या है?
कोई भी खिलाड़ी अपना अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के कम से कम पाँच वर्ष बाद ही आईसीसी हॉल ऑफ फेम के लिए पात्र माना जाता है। यह नियम इस सम्मान की विशिष्टता और निष्पक्षता सुनिश्चित करता है।
जय शाह ने तीनों खिलाड़ियों के बारे में क्या कहा?
आईसीसी चेयरमैन जय शाह ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि सौरव गांगुली, अंजुम चोपड़ा और केविन पीटरसन ने गर्व के साथ अपनी राष्ट्रीय टीमों का नेतृत्व किया है और यह सम्मान उनके लिए 'पूरी तरह से हकदार' है।
अंजुम चोपड़ा का भारतीय महिला क्रिकेट में क्या योगदान रहा है?
अंजुम चोपड़ा भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे अनुभवी और दीर्घकालिक खिलाड़ियों में से एक रही हैं। उन्होंने महिला क्रिकेट को मुख्यधारा में लाने और इसे पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राष्ट्र प्रेस
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