सौरव गांगुली, केविन पीटरसन और अंजुम चोपड़ा ICC हॉल ऑफ फेम 2026 में शामिल, कुल सदस्य संख्या 125 हुई
सारांश
मुख्य बातें
भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली, महिला क्रिकेट की दिग्गज अंजुम चोपड़ा और इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन को 11 जुलाई 2026 को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के प्रतिष्ठित हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया। एडिनबर्ग में आयोजित एक विशेष समारोह में इस ऐतिहासिक घोषणा के साथ ही ICC हॉल ऑफ फेम के कुल सदस्यों की संख्या 125 हो गई। तीनों दिग्गज 'क्लास ऑफ 2026' का हिस्सा हैं।
गांगुली की विरासत: भारतीय क्रिकेट का कायाकल्प
भारत के सबसे प्रभावशाली कप्तानों में से एक, सौरव गांगुली ने अपने नेतृत्व काल में राष्ट्रीय टीम को एक आत्मविश्वासी और आक्रामक इकाई में बदला। शानदार बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 113 टेस्ट मैचों में 7,212 रन और 311 वनडे मैचों में 11,363 रन बनाए। बतौर कप्तान उन्होंने भारत को ICC चैंपियंस ट्रॉफी 2000 की जीत, ICC चैंपियंस ट्रॉफी 2002 का संयुक्त खिताब और ICC पुरुष क्रिकेट विश्व कप 2003 के फाइनल तक पहुंचाया।
इस सम्मान पर गांगुली ने कहा, 'ICC हॉल ऑफ फेम में शामिल होना मेरे लिए सम्मान की बात है। क्रिकेट के महानतम खिलाड़ियों के बीच मेरा नाम शामिल होना मेरे सबसे यादगार पलों में से एक रहेगा। भारत का प्रतिनिधित्व करना और खेल के कई दिग्गजों के साथ खेलना मेरे लिए सौभाग्य की बात रही है।'
अंजुम चोपड़ा: भारतीय महिला क्रिकेट की अग्रदूत
अपने शानदार अंतर्राष्ट्रीय करियर के बाद अंजुम चोपड़ा ICC हॉल ऑफ फेम में शामिल होने वाली दूसरी भारतीय महिला बन गई हैं। बाएं हाथ की इस स्टाइलिश बल्लेबाज ने 1,000 वनडे रन बनाने और 100 वनडे मैच खेलने वाली पहली भारतीय महिला होने का गौरव हासिल किया। उन्होंने 2002 में दक्षिण अफ्रीका में भारत को उसकी पहली विदेशी टेस्ट जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई और ICC महिला विश्व कप 2005 के फाइनल तक टीम के ऐतिहासिक सफर में योगदान दिया।
चोपड़ा ने कहा, 'खेल-कूद वाले परिवार में पली-बढ़ी होने के नाते, मैंने क्रिकेट के दिग्गजों और उनकी बड़ी उपलब्धियों के बारे में कहानियां सुनी थीं। यह सम्मान उन सभी लोगों के लिए एक पुरस्कार है जिन्होंने मेरे करियर को संवारने में मदद की।'
पीटरसन: तीनों फॉर्मेट में 13,700 से अधिक रन
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन ने तीनों अंतर्राष्ट्रीय फॉर्मेट में मिलाकर 13,700 से अधिक रन बनाए। उन्होंने 2005 में इंग्लैंड की यादगार एशेज जीत में निर्णायक भूमिका निभाई और ICC पुरुष T20 विश्व कप 2010 जीतने वाली टीम में 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' का पुरस्कार जीता।
पीटरसन ने कहा, 'आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल होना बहुत बड़े सम्मान की बात है। खेल के इतने सारे दिग्गजों के साथ अपना नाम देखना वाकई बहुत गर्व और विनम्रता का अनुभव कराता है।'
ICC चेयरमैन जय शाह की प्रतिक्रिया
ICC चेयरमैन जय शाह ने तीनों दिग्गजों को बधाई देते हुए कहा, 'मुझे ICC हॉल ऑफ फेम में नए सदस्यों का स्वागत करते हुए खुशी हो रही है। इस साल शामिल होने वाले खिलाड़ी बेहतरीन प्रदर्शन के उच्चतम मानकों का प्रतिनिधित्व करते हैं। सौरव, अंजुम और केविन, तीनों ने गर्व के साथ अपनी राष्ट्रीय टीमों का नेतृत्व किया है।' उन्होंने कहा कि हॉल ऑफ फेम में इनकी जगह यह सुनिश्चित करती है कि इनकी उपलब्धियों का जश्न आने वाली पीढ़ियां भी मनाएंगी।
क्रिकेट इतिहास में यह क्षण क्यों खास है
गौरतलब है कि ICC हॉल ऑफ फेम की स्थापना क्रिकेट के उन खिलाड़ियों को चिरस्थायी सम्मान देने के लिए की गई थी जिन्होंने खेल पर अमिट छाप छोड़ी। 125 सदस्यों की यह सूची अब तीन महाद्वीपों और कई पीढ़ियों के क्रिकेट को समेटती है। अंजुम चोपड़ा का इसमें शामिल होना भारतीय महिला क्रिकेट के बढ़ते वैश्विक कद का प्रतीक है, जो हाल के वर्षों में तेज़ी से मुख्यधारा में आया है। आने वाले वर्षों में इन तीनों दिग्गजों की विरासत नई पीढ़ी के क्रिकेटरों को प्रेरणा देती रहेगी।