अहमदाबाद में UP के मजदूर की गला घोंटकर हत्या, सहकर्मी भोलेराम गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के अहमदाबाद जिले के धोलका तालुका में स्थित एक ईंट भट्ठे पर काम करने वाले उत्तर प्रदेश के 40 वर्षीय मजदूर पवन कुमार उर्फ कमांडर की कथित तौर पर बेल्ट से गला घोंटकर हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, यह घटना 1 नवंबर 2026 की रात 9 बजे से 10 बजे के बीच मंडनपुरा गांव के बाहरी इलाके में एक नहर के पास हुई। मृतक के सहकर्मी भोलेराम चौहान को 3 नवंबर को गिरफ्तार कर लिया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
मृतक पवन कुमार, जो उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले का निवासी था, 1 नवंबर की दोपहर अन्य मजदूरों के साथ ईंट भट्ठे पर पहुँचा था। शाम को खाने की तैयारी के दौरान वह और आरोपी भोलेराम चौहान — जो उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर जिले का रहने वाला है — यह कहकर भट्ठे से निकल गए कि उन्हें कुछ सामान लाना है।
काफी देर तक दोनों वापस न लौटे तो भट्ठे के सुपरवाइजर ने उन्हें तलाशना शुरू किया। नहर की ओर जाते समय सुपरवाइजर की मुलाकात भोलेराम से हुई, जो सामने से आ रहा था। पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि पवन कुमार ने उससे अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने की माँग की थी, जिसके बाद दोनों के बीच बहस और मारपीट हुई।
पुलिस के अनुसार, भोलेराम ने अपनी बेल्ट से पवन कुमार का गला घोंट दिया। इसके बाद सुपरवाइजर उसे नहर के पास ले गया, जहाँ खेत की मेड़ के पास पवन कुमार का शव मिला।
पुलिस को सूचना और मामला दर्ज
सुपरवाइजर आरोपी को वापस ईंट भट्ठे पर लाया और मालिक को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। मृतक के बड़े भाई ने 2 नवंबर को धोलका ग्रामीण पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।
इस शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया। 3 नवंबर को पूछताछ के दौरान भोलेराम ने कथित तौर पर अपना जुर्म कबूल कर लिया और उसे शाम 5:30 बजे गिरफ्तार किया गया।
आरोपी और मृतक की पहचान
आरोपी भोलेराम चौहान, उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर का निवासी, उसी ईंट भट्ठे पर पवन कुमार के साथ कार्यरत था। दोनों प्रवासी मजदूर थे जो काम की तलाश में गुजरात आए थे। पुलिस ने भोलेराम का रिमांड लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
आगे की जाँच और पोस्टमार्टम
पवन कुमार के शव को पोस्टमार्टम के लिए अहमदाबाद सिविल अस्पताल भेज दिया गया है। धोलका ग्रामीण पुलिस मामले की आगे की जाँच जारी रखे हुए है। अधिकारियों ने संकेत दिया कि पूरी परिस्थितियों को स्थापित करने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक साक्ष्य का इंतजार किया जा रहा है।
यह घटना राज्य में प्रवासी मजदूरों की कार्यस्थल सुरक्षा और रहन-सहन की स्थितियों को लेकर फिर से सवाल खड़े करती है, जहाँ बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश और बिहार के श्रमिक ईंट भट्ठों और निर्माण स्थलों पर काम करते हैं।