7 जुलाई 2026
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श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: नड्डा बोले — पीएम मोदी के नेतृत्व में साकार हुए मुखर्जी के आदर्श

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श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: नड्डा बोले — पीएम मोदी के नेतृत्व में साकार हुए मुखर्जी के आदर्श

सारांश

अंबाला में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर जेपी नड्डा ने भाजपा की वैचारिक नींव को मोदी सरकार की नीतियों से जोड़ा — अनुच्छेद 370 से NEP तक। 33 साल में कलकत्ता विश्वविद्यालय के कुलपति बने मुखर्जी की विरासत आज भी पार्टी की रीढ़ है।

मुख्य बातें

जेपी नड्डा ने 6 जुलाई को अंबाला में डॉ.
श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी।
नड्डा ने अनुच्छेद 370 हटाने, CAA , आत्मनिर्भर भारत और राष्ट्रीय शिक्षा नीति को मुखर्जी के विजन का विस्तार बताया।
मुखर्जी ने 21 अक्टूबर 1951 को भारतीय जनसंघ की स्थापना की थी।
मुखर्जी मात्र 33 वर्ष की आयु में कलकत्ता विश्वविद्यालय के सबसे कम उम्र के कुलपति बने।
BJP-NDA आज देश की लगभग 78% आबादी और 72% भौगोलिक क्षेत्र पर शासन करती है: नड्डा।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार, 6 जुलाई को अंबाला, हरियाणा में आयोजित एक कार्यक्रम में भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनकी 125वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डॉ. मुखर्जी के आदर्शों और संकल्पों को व्यावहारिक रूप दिया गया है।

मुखर्जी के विजन का विस्तार

नड्डा ने अनुच्छेद 370 की समाप्ति, नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA), आत्मनिर्भर भारत अभियान, राष्ट्रीय शिक्षा नीति और देश के औद्योगिक विकास को डॉ. मुखर्जी के 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के विजन का स्वाभाविक विस्तार बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी का योगदान केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि जीवन जीने का एक तरीका है।

नड्डा ने कहा, 'डॉ. मुखर्जी भारत की सांस्कृतिक विरासत, आत्मनिर्भर भारत और देश की एकता व अखंडता के लिए समर्पित एक सोच के प्रतीक थे।' उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे इस विरासत पर गर्व करें।

असाधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि

नड्डा ने डॉ. मुखर्जी के पिता डॉ. आशुतोष मुखर्जी का उल्लेख करते हुए बताया कि वे कलकत्ता विश्वविद्यालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश और कुलपति रह चुके थे। कुलपति के रूप में डॉ. आशुतोष मुखर्जी ने ब्रिटिश प्रशासन से स्पष्ट कहा था कि ब्रिटिश और भारतीय प्रोफेसरों के वेतन एवं सुविधाओं में कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए — इस प्रकार उन्होंने भारतीय राष्ट्रवाद की एक मज़बूत नींव रखी।

नड्डा ने बताया कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने मात्र 33 वर्ष की आयु में कलकत्ता विश्वविद्यालय के कुलपति का पद संभाला और इस प्रकार वे उस विश्वविद्यालय के इतिहास में सबसे कम उम्र के कुलपति बने। उन्होंने भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने और उनके विकास की भी ज़ोरदार वकालत की।

भाजपा की राजनीतिक विरासत

नड्डा ने रेखांकित किया कि डॉ. मुखर्जी ने 21 अक्टूबर 1951 को भारतीय जनसंघ की स्थापना की थी। उन्होंने कहा कि जिस पौधे की जड़ों को डॉ. मुखर्जी ने सींचा, वह आज पीएम मोदी के नेतृत्व में दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के रूप में उभरा है। उनके अनुसार भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) आज देश की लगभग 78 प्रतिशत आबादी पर शासन करते हैं, और NDA का प्रभाव भारत के लगभग 72 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र तक फैला हुआ है।

कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य

इस अवसर पर मंच पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और हरियाणा भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। नड्डा ने कहा कि वे स्वयं को सौभाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें इस ऐतिहासिक अवसर पर अंबाला की पवित्र भूमि पर आने का अवसर मिला — एक ऐसी भूमि जो देश के स्वतंत्रता संग्राम, वीर नायकों की कर्मभूमि और खेलों में हरियाणा की उपलब्धियों के लिए जानी जाती है।

डॉ. मुखर्जी की 125वीं जयंती पर हुए इस आयोजन ने एक बार फिर उस वैचारिक धारा को रेखांकित किया, जिसे भाजपा अपनी मूल प्रेरणा मानती है — और जिसकी प्रासंगिकता आज की राजनीति में भी उतनी ही चर्चित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आलोचक यह सवाल उठाते हैं कि 'एक भारत' के नाम पर लिए गए कुछ फैसले संघीय ढाँचे और अल्पसंख्यक समुदायों को किस हद तक प्रभावित करते हैं। 78% आबादी और 72% भूगोल पर शासन के आँकड़े पार्टी की संगठनात्मक ताकत दर्शाते हैं, लेकिन यह भी याद दिलाते हैं कि विपक्ष और असहमत आवाज़ें अभी भी एक बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व करती हैं। मुखर्जी की विरासत को किसी एक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा माना जाना चाहिए।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी कौन थे?
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष थे, जिन्होंने 21 अक्टूबर 1951 को इस पार्टी की स्थापना की। वे एक प्रखर राष्ट्रवादी, दूरदर्शी शिक्षाविद और 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के विजन के सूत्रधार माने जाते हैं।
जेपी नड्डा ने मुखर्जी की 125वीं जयंती पर क्या कहा?
जेपी नड्डा ने अंबाला में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में अनुच्छेद 370 हटाने, CAA, आत्मनिर्भर भारत और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के रूप में डॉ. मुखर्जी के आदर्शों को व्यावहारिक रूप दिया गया है। उन्होंने मुखर्जी को एक 'विचार' बताते हुए कहा कि उनके मूल्य आज भी भाजपा में गहराई से बसे हैं।
डॉ. मुखर्जी की शैक्षणिक उपलब्धियाँ क्या थीं?
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने मात्र 33 वर्ष की आयु में कलकत्ता विश्वविद्यालय के कुलपति का पद संभाला और इस प्रकार वे उस विश्वविद्यालय के सबसे कम उम्र के कुलपति बने। उनके पिता डॉ. आशुतोष मुखर्जी भी उसी विश्वविद्यालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश और कुलपति रह चुके थे।
इस कार्यक्रम में कौन-कौन उपस्थित थे?
अंबाला में आयोजित 125वीं जयंती कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और हरियाणा भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
भाजपा और NDA की वर्तमान राजनीतिक स्थिति क्या है?
जेपी नड्डा के अनुसार, भाजपा और NDA आज देश की लगभग 78 प्रतिशत आबादी पर शासन करते हैं और NDA का प्रभाव भारत के लगभग 72 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र तक फैला हुआ है। नड्डा ने इसे डॉ. मुखर्जी द्वारा 1951 में बोए गए वैचारिक बीज का फल बताया।
राष्ट्र प्रेस
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