श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर त्रिपुरा सीएम माणिक साहा का आह्वान — जनसेवा ही सच्ची श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने 23 जून 2026 को अगरतला स्थित भाजपा के राज्य कार्यालय में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं का आह्वान किया कि वे श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन-आदर्शों को आत्मसात करते हुए जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। यह कार्यक्रम भारतीय जनसंघ के संस्थापक और प्रख्यात शिक्षाविद मुखर्जी की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित किया गया था।
मुख्यमंत्री का संदेश — आदर्श से प्रेरणा, जन से जुड़ाव
मुख्यमंत्री साहा ने कहा, "हमें उनके सिद्धांतों और विचारधारा का अनुसरण करते हुए लोगों के कल्याण के लिए काम करना चाहिए।" उन्होंने मुखर्जी को एक ऐसा असाधारण व्यक्तित्व बताया, जिन्होंने प्रतिष्ठित पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद सदैव आम जनता के हितों को प्राथमिकता दी और देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।
साहा ने रेखांकित किया कि मुखर्जी ने हमें यह सिखाया कि "सबसे पहले राष्ट्र, फिर पार्टी और उसके बाद व्यक्ति आता है।" यह संदेश आज के राजनीतिक परिवेश में भी उतना ही प्रासंगिक है।
मुखर्जी की विरासत — शिक्षा से राष्ट्रनिर्माण तक
मुख्यमंत्री ने बताया कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी मात्र 33 वर्ष की आयु में यूनिवर्सिटी ऑफ कलकत्ता के कुलपति बने थे और यह पद संभालने वाले सबसे कम उम्र के व्यक्ति थे। उनका यह कीर्तिमान उनकी असाधारण प्रतिभा और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रमाण है।
गौरतलब है कि मुखर्जी ने न केवल शिक्षा जगत में, बल्कि राजनीतिक और वैचारिक क्षेत्र में भी अमिट छाप छोड़ी। भारतीय जनसंघ की स्थापना उनकी दूरदर्शिता का ही परिणाम था, जो आगे चलकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के रूप में विकसित हुई।
एकात्म मानववाद और विकसित भारत का लक्ष्य
साहा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और त्रिपुरा सरकार, पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा प्रतिपादित एकात्म मानववाद के दर्शन का अनुसरण करते हुए समग्र विकास और जनकल्याण के लिए कार्यरत हैं। उन्होंने जोर दिया कि त्रिपुरा भी विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में निरंतर अग्रसर है।
यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर राज्यों में भाजपा अपनी संगठनात्मक उपस्थिति को और सुदृढ़ करने में जुटी है। साहा ने कहा कि मुखर्जी, उपाध्याय और मोदी की विचारधारा से प्रेरित होकर ही आज भाजपा देश के लगभग 21 राज्यों में सरकार चला रही है।
भाजपा परिवार और वैचारिक आधार
मुख्यमंत्री ने कहा, "भाजपा एक परिवार है और यदि हम इस परिवार को प्रेरित करने वाले महापुरुषों के आदर्शों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ेंगे तो एक सकारात्मक और रचनात्मक माहौल बनेगा।" उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के विकास कार्यों को जनता तक पहुँचाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक देबरॉय, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद राजीब भट्टाचार्जी, भाजपा के पूर्वोत्तर समन्वयक एवं सांसद संबित पात्रा, असम-त्रिपुरा संगठन महासचिव रविंद्र राजू, त्रिपुरा भाजपा प्रभारी राजदीप रॉय, राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य, जनप्रतिनिधि और पार्टी के वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
आगे की राह
इस कार्यक्रम ने स्पष्ट किया कि भाजपा अपने वैचारिक पुरखों की विरासत को राजनीतिक प्रेरणा के रूप में जीवित रखने के साथ-साथ जमीनी जनकल्याण को अपनी कार्यनीति का केंद्र बनाए रखना चाहती है। त्रिपुरा में आने वाले समय में भाजपा के संगठनात्मक विस्तार और जनसंपर्क अभियान की दिशा इसी वैचारिक धुरी पर टिकी रहेगी।