BJP अध्यक्ष नितिन नवीन का जम्मू दौरा: श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती पर संगठन को नई ऊर्जा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सोमवार, 6 जुलाई को अपने पद पर आसीन होने के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर के दौरे पर पहुँचे। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों में भागीदारी और संगठनात्मक बैठकों के लिए आया यह दो दिवसीय दौरा पार्टी के लिए रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आगामी पंचायत एवं स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारी को लेकर भी इस दौरे में विशेष विचार-विमर्श होगा।
दौरे का उद्देश्य और कार्यक्रम
जम्मू-कश्मीर BJP अध्यक्ष सतपाल शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के इस दौरे को लेकर संगठन में प्रदेश स्तर से लेकर बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। कार्यक्रम स्थल पर हर स्तर के कार्यकर्ताओं की उपस्थिति इस दौरे की व्यापकता को दर्शाती है। उन्होंने कहा, 'राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद यह नितिन नवीन का पहला जम्मू दौरा है — इसे लेकर संगठन में हर स्तर पर उत्साह का माहौल है।'
शर्मा के अनुसार, मंगलवार को जिला विकास परिषद (DDC) सदस्यों, ब्लॉक विकास परिषद (BDC) सदस्यों, पूर्व विधायकों, पूर्व विधान परिषद सदस्यों, वर्तमान विधायकों और सांसदों के साथ अलग-अलग बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में संगठन विस्तार और राजनीतिक रणनीति पर विचार-विमर्श होगा।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती का महत्व
BJP प्रतिवर्ष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस से उनकी जयंती तक पखवाड़ा मनाती है। BJP विधायक विक्रम रंधावा ने इस अवसर पर कहा कि मंदिरों के शहर जम्मू में डॉ. मुखर्जी की 125वीं जयंती के दिन राष्ट्रीय अध्यक्ष का आगमन कार्यकर्ताओं के लिए गर्व और सौभाग्य का विषय है। रंधावा ने नवीन की राजनीतिक यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि एक कार्यकर्ता से लेकर प्रशासक तक की उनकी यात्रा उन्हें एक मजबूत संगठनात्मक नेता बनाती है।
अलगाववाद पर BJP का कड़ा रुख
जम्मू-कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपने शुरुआती दौरों में जम्मू-कश्मीर को प्राथमिकता दी, जो पार्टी के लिए सुखद है। उन्होंने आरोप लगाया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी जैसे दल कथित तौर पर अलगाववाद, आतंकवाद और जिहादी सोच को महिमामंडित करने की कोशिश कर रहे हैं।
निर्मल सिंह ने कहा कि उपराज्यपाल द्वारा अलगाववादी नेताओं के महिमामंडन पर की गई कार्रवाई स्वागतयोग्य है और इस मामले में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी कानून के तहत कार्रवाई होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि BJP की आतंकवाद और अलगाववाद के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति है।
उन्होंने यह भी कहा कि महाराजा हरि सिंह द्वारा 26 अक्टूबर 1947 को जम्मू-कश्मीर के भारत में विलय के बाद राज्य की एकता और अखंडता पर सवाल उठाने वाली किसी भी सोच को बढ़ावा देना देशहित के खिलाफ है।
चुनावी रणनीति और आगे की राह
इस दौरे का एक प्रमुख एजेंडा आगामी पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारी है। सतपाल शर्मा के अनुसार, पार्टी इन चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार है और राष्ट्रीय अध्यक्ष के इस दौरे के बाद चुनावी अभियान को नई गति मिलेगी। यह दौरा ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक सरगर्मी तेज है और BJP स्थानीय स्तर पर संगठन को और मजबूत करने में जुटी है।