ब्रेक्सिट के एक दशक बाद टोनी ब्लेयर का 10 साल का EU वापसी रोडमैप, बर्नहम सरकार पर दबाव
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने 24 सितंबर 2026 को यह आह्वान किया कि ब्रिटेन को अगले 10 वर्षों में यूरोपीय संघ (EU) में दोबारा शामिल होने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए — और यह बयान ऐसे समय आया है जब 2016 के ब्रेक्सिट जनमत संग्रह को लगभग एक दशक पूरे होने को हैं। टोनी ब्लेयर इंस्टीट्यूट की एक नई रिपोर्ट के ज़रिये सामने आया यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम की सरकार पर ब्रेक्सिट के भविष्य को लेकर अपना रुख स्पष्ट करने का दबाव और बढ़ा देता है।
ब्लेयर के प्रस्ताव में क्या है
टोनी ब्लेयर इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्रिटेन को एक ऐसे 'सुधरे हुए EU' में दोबारा प्रवेश का लक्ष्य रखना चाहिए जो बदलती वैश्विक परिस्थितियों के अनुकूल हो। ब्लेयर ने कहा, "ब्रिटेन को यूरोप के साथ अपने भविष्य के संबंधों को केवल इस सवाल के रूप में नहीं देखना चाहिए कि क्या वह ब्रेक्सिट को पलट रहा है, बल्कि यह देखना चाहिए कि मौजूदा राष्ट्रीय हितों के लिए यूरोप के साथ किस तरह का संबंध सबसे उपयुक्त होगा।"
रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन को फ्री मूवमेंट और EU के लिए वित्तीय योगदान जैसे संवेदनशील मुद्दों पर रियायत देने के लिए तैयार रहना पड़ सकता है। साथ ही, रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि अंतिम समझौता होने तक 'कुछ भी तय नहीं माना जाएगा।'
EU की शर्तें और ब्रसेल्स का रुख
EU की वापसी केवल ब्रिटेन की इच्छाशक्ति से संभव नहीं होगी — इसके लिए ब्रसेल्स और सभी यूरोपीय सदस्य देशों की सहमति ज़रूरी होगी। यूरोपीय संघ की ओर से पहले ही यह संकेत दिए जा चुके हैं कि दोबारा सदस्यता के लिए ब्रिटेन को अन्य सदस्य देशों की तरह नियमों और दायित्वों को स्वीकार करना होगा। गौरतलब है कि पुराने दौर में ब्रिटेन को मिली बजट रियायतें और विशेष छूट दोबारा मिलेंगी या नहीं, यह एक बड़ा अनुत्तरित प्रश्न बना हुआ है।
बर्नहम सरकार और लेबर पार्टी की स्थिति
प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने हाल ही में अगले चुनाव के घोषणापत्र में EU सदस्यता के सवाल को पूरी तरह खारिज नहीं किया है। हालांकि, उनका मौजूदा जोर ब्रिटेन और EU के बीच व्यावहारिक एवं व्यापारिक संबंध मजबूत करने पर है। द गार्डियन के अनुसार, लेबर पार्टी के भीतर भी इस मुद्दे पर अलग अलग राय मौजूद हैं, जिससे किसी एकमत स्थिति तक पहुँचना फिलहाल कठिन दिखता है।
जनमत और बदलती राजनीतिक हवा
हाल के कुछ जनमत सर्वेक्षणों में EU के साथ करीबी संबंधों और दोबारा सदस्यता के पक्ष में बढ़ता समर्थन दर्ज किया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब ब्रिटेन व्यापार, सुरक्षा, विज्ञान और अन्य क्षेत्रों में यूरोपीय देशों से सहयोग बढ़ा रहा है और EU के कुछ कार्यक्रमों में फिर से शामिल हो रहा है। युवाओं की आवाजाही और ऊर्जा जैसे मुद्दों पर बातचीत भी जारी है।
आगे की राह
ब्लेयर का यह प्रस्ताव एक दीर्घकालिक रोडमैप है, न कि तत्काल नीतिगत घोषणा। विशेषज्ञों का मानना है कि EU की आंतरिक सुधार प्रक्रिया और ब्रिटेन की घरेलू राजनीतिक सहमति — दोनों के बिना यह रास्ता संभव नहीं होगा। 2026 में ब्रेक्सिट की दसवीं वर्षगाँठ के करीब यह बहस एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहाँ नीतिगत दिशा और जनता की इच्छाशक्ति — दोनों का परीक्षण होना बाकी है।