भारत-EU FTA को अंतिम रूप देने में स्लोवाकिया का सहयोग अहम: PM मोदी ने ब्रातिस्लावा में जताया आभार
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 जून 2025 को ब्रातिस्लावा कैसल में स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिचो से मुलाकात की और भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप देने में स्लोवाकिया की भूमिका के लिए विशेष आभार व्यक्त किया। यह किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की पहली आधिकारिक यात्रा है, जिसे मोदी ने स्वयं ऐतिहासिक करार दिया।
व्यापक साझेदारी का दर्जा
संयुक्त प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'मेरी यह यात्रा किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की पहली यात्रा है। मुझे खुशी है कि इस ऐतिहासिक अवसर पर हमने अपने संबंधों को कंप्रिहेंसिव पार्टनरशिप (व्यापक साझेदारी) का दर्जा देने का निर्णय लिया है।' उन्होंने प्रधानमंत्री फिचो को 'अनुभवी नेता और भारत के सच्चे मित्र' बताते हुए उनकी 'अटूट प्रतिबद्धता' की सराहना की।
मोदी ने यह भी कहा कि भारत-EU FTA को जल्द से जल्द लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा, ताकि दोनों देशों के उद्योग, स्टार्टअप्स और व्यापारी इसका अधिकतम लाभ उठा सकें।
एआई और शिक्षा में सहयोग
प्रधानमंत्री ने स्लोवाकिया की एक विश्वविद्यालय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विषय पर इंडिया चेयर स्थापित किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि AI का भविष्य केवल इनोवेशन पर नहीं, बल्कि भरोसे, जिम्मेदारी और मानव सम्मान पर आधारित होना चाहिए — यह दोनों देशों की साझा सोच है।
अंतरिक्ष क्षेत्र में साझेदारी का निमंत्रण
मोदी ने स्मरण कराया कि 2017 में स्लोवाकिया की पहली सैटेलाइट भारत द्वारा प्रक्षेपित की गई थी। उन्होंने स्लोवाकियाई कंपनियों को भारत के तेज़ी से बढ़ते स्पेस सेक्टर में भागीदार बनने का खुला निमंत्रण दिया।
यात्रा का कार्यक्रम और स्वागत
प्रधानमंत्री मोदी अपने दो देशों के दौरे के दूसरे चरण में रविवार रात स्लोवाकिया पहुँचे और 16 जून तक वहाँ रहेंगे। राजधानी ब्रातिस्लावा में उनके आगमन पर स्लोवाकिया के विदेश एवं यूरोपीय मामलों के मंत्री जुराय ब्लानार ने उनका स्वागत किया। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने रॉबर्ट फिचो को भारत आने का निमंत्रण भी दिया।
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार और तकनीकी सहयोग को नई गति देने की कोशिशें तेज़ हो रही हैं। भारत-EU FTA वार्ता वर्षों से जारी है और स्लोवाकिया जैसे EU सदस्य देशों का समर्थन इस प्रक्रिया को गति देने में निर्णायक भूमिका निभाता है।