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भारत-स्लोवाकिया 'कॉम्प्रिहेंसिव पार्टनरशिप': मोदी की ब्रातिस्लावा यात्रा में रक्षा, AI और अंतरिक्ष पर बड़े समझौते

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भारत-स्लोवाकिया 'कॉम्प्रिहेंसिव पार्टनरशिप': मोदी की ब्रातिस्लावा यात्रा में रक्षा, AI और अंतरिक्ष पर बड़े समझौते

सारांश

किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की पहली यात्रा में मोदी ने द्विपक्षीय संबंधों को 'कॉम्प्रिहेंसिव पार्टनरशिप' का दर्जा दिलाया। रक्षा 'लेटर ऑफ इंटेंट', AI में 'इंडिया चेयर' और भारत-EU FTA पर सहयोग — यह यात्रा यूरोप में भारत की कूटनीतिक पहुँच के नए अध्याय की शुरुआत है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी की 15 जून 2025 को ब्रातिस्लावा यात्रा किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की पहली आधिकारिक यात्रा है।
भारत और स्लोवाकिया ने द्विपक्षीय संबंधों को 'कॉम्प्रिहेंसिव पार्टनरशिप' का दर्जा देने का फैसला किया।
रक्षा क्षेत्र में 'लेटर ऑफ इंटेंट' पर हस्ताक्षर; संयुक्त विकास और उत्पादन को मिलेगी गति।
स्लोवाकिया की एक विश्वविद्यालय में AI पर 'इंडिया चेयर' स्थापित होगी।
2017 में भारत ने स्लोवाकिया का पहला उपग्रह लॉन्च किया था; अंतरिक्ष सहयोग के नए अवसर आमंत्रित।
भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते को शीघ्र लागू करने पर सहमति; स्लोवाकिया के सहयोग को विशेष धन्यवाद।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 जून 2025 को स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा में स्लोवाक प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में भारत-स्लोवाकिया द्विपक्षीय संबंधों को 'कॉम्प्रिहेंसिव पार्टनरशिप' का दर्जा देने की घोषणा की। यह किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की पहली आधिकारिक यात्रा है, जो इसे कूटनीतिक दृष्टि से एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बनाती है।

नई साझेदारी की बुनियाद

मोदी ने प्रेस वार्ता में कहा कि भारत और स्लोवाकिया के बीच बढ़ता विश्वास, साझा प्राथमिकताएं और भविष्य के लिए समान दृष्टिकोण इस नई व्यापक साझेदारी की नींव हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री फिको को भारत का 'सच्चा मित्र और अनुभवी नेता' बताया तथा कहा कि फिको ने दोनों देशों के संबंधों को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

यह साझेदारी व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा, अंतरिक्ष, शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग सहित कई क्षेत्रों को समाहित करती है — जो द्विपक्षीय संबंधों के पिछले ढाँचे से कहीं अधिक व्यापक है।

व्यापार और डिजिटल सहयोग

मोदी ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में स्लोवाकिया के सहयोग के लिए विशेष आभार जताया। उन्होंने कहा कि इसे जल्द लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा, ताकि दोनों देशों के उद्योग, स्टार्टअप और व्यापारियों को अधिकतम लाभ मिल सके।

डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हुए समझौतों को भविष्य की साझेदारी का महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए उन्होंने कहा कि ये समझौते डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में सहयोग के नए अवसर पैदा करेंगे। गौरतलब है कि भारत का UPI-आधारित डिजिटल ढाँचा यूरोपीय देशों में तेज़ी से रुचि का विषय बन रहा है।

AI और अंतरिक्ष में नई पहल

मोदी ने बताया कि स्लोवाकिया की एक विश्वविद्यालय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर 'इंडिया चेयर' स्थापित की जा रही है। उन्होंने कहा कि भारत और स्लोवाकिया की साझा सोच है कि AI मानवता की सेवा और प्रगति का माध्यम बने तथा उसका भविष्य केवल नवाचार ही नहीं, बल्कि विश्वास, जिम्मेदारी और मानव गरिमा पर आधारित हो।

अंतरिक्ष सहयोग के संदर्भ में मोदी ने याद दिलाया कि वर्ष 2017 में स्लोवाकिया का पहला उपग्रह भारत ने लॉन्च किया था। उन्होंने स्लोवाकिया की कंपनियों को भारत के तेज़ी से विस्तार हो रहे स्पेस सेक्टर में शामिल होने का आमंत्रण दिया।

रक्षा सहयोग: 'लेटर ऑफ इंटेंट' पर हस्ताक्षर

रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों ने एक महत्वपूर्ण 'लेटर ऑफ इंटेंट' पर हस्ताक्षर किए, जिससे संयुक्त विकास, संयुक्त उत्पादन और रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग को नई गति मिलेगी। मोदी ने इसे दोनों देशों के गहरे विश्वास और रणनीतिक सामंजस्य का प्रतीक बताया। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपने रक्षा निर्यात को वैश्विक स्तर पर विस्तार देने की नीति पर काम कर रहा है।

सांस्कृतिक संबंध और भारतीय समुदाय

मोदी ने भारत के प्राचीन उपनिषदों के स्लोवाक भाषा में अनुवाद को दोनों देशों की सांस्कृतिक निकटता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। स्लोवाकिया में रह रहे भारतीय मूल के लोगों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि वे वहाँ की अर्थव्यवस्था और समाज में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। आने वाले समय में यह व्यापक साझेदारी दोनों देशों के जन-जन के संबंधों को और मज़बूत करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो वर्षों से लंबित है। स्लोवाकिया जैसे छोटे लेकिन EU के भीतर मताधिकार रखने वाले देशों को साधना — यही भारत की 'यूरोप-प्लस' कूटनीति की असली चाल है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-स्लोवाकिया 'कॉम्प्रिहेंसिव पार्टनरशिप' क्या है?
यह 15 जून 2025 को ब्रातिस्लावा में PM मोदी और स्लोवाक PM रॉबर्ट फिको के बीच तय किया गया एक नया द्विपक्षीय ढाँचा है, जो व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग को एक साथ समेटता है। यह दोनों देशों के पुराने संबंधों को एक संस्थागत और रणनीतिक स्वरूप देता है।
क्या यह किसी भारतीय PM की स्लोवाकिया की पहली यात्रा है?
हाँ, PM मोदी की यह यात्रा किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की पहली आधिकारिक यात्रा है। इसी कारण इस यात्रा को कूटनीतिक दृष्टि से ऐतिहासिक माना जा रहा है।
भारत और स्लोवाकिया के बीच रक्षा समझौते में क्या शामिल है?
दोनों देशों ने रक्षा क्षेत्र में एक 'लेटर ऑफ इंटेंट' पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसका उद्देश्य संयुक्त विकास, संयुक्त उत्पादन और दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग को नई गति देना है। यह भारत की वैश्विक रक्षा साझेदारी विस्तार नीति का हिस्सा है।
स्लोवाकिया में AI 'इंडिया चेयर' क्या होगी?
स्लोवाकिया की एक विश्वविद्यालय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर 'इंडिया चेयर' स्थापित की जाएगी, जो भारत-स्लोवाकिया के शैक्षणिक और तकनीकी सहयोग का प्रतीक होगी। इसका उद्देश्य AI को मानव गरिमा, विश्वास और जिम्मेदारी के सिद्धांतों पर विकसित करना है।
भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते में स्लोवाकिया की क्या भूमिका है?
स्लोवाकिया ने भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में सहयोग किया है, जिसके लिए PM मोदी ने विशेष धन्यवाद दिया। दोनों देशों ने इस समझौते को जल्द लागू करने की दिशा में मिलकर काम करने पर सहमति जताई है।
राष्ट्र प्रेस
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