भारत-स्लोवाकिया 'व्यापक साझेदारी': मोदी-फित्सो बैठक में AI, रक्षा, ग्रीन टेक पर बड़े समझौते
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 जून 2025 को ब्रातिस्लावा में स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फित्सो के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद भारत-स्लोवाकिया संबंधों को औपचारिक रूप से 'व्यापक साझेदारी' (Comprehensive Partnership) का दर्जा दिए जाने की घोषणा की। दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेस वार्ता में इस ऐतिहासिक उन्नयन को रेखांकित किया, जो ऑटोमोबाइल, रेलवे, उन्नत विनिर्माण, हरित प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की नई बुनियाद रखता है।
मुख्य घोषणाएँ और समझौते
इस दौरे में तीन प्रमुख निर्णय लिए गए। पहला, दोनों देशों के संबंधों को 'व्यापक साझेदारी' के स्तर पर उन्नत किया गया। दूसरा, आतंकवाद-रोधी सहयोग के लिए एक संयुक्त कार्य समूह (Joint Working Group) की स्थापना का निर्णय लिया गया। तीसरा, दोनों देशों के बीच कांसुलर संवाद की औपचारिक शुरुआत का ऐलान किया गया।
इसके अतिरिक्त, डिजिटल प्रौद्योगिकी पर एक समझौता ज्ञापन (MoU) हस्ताक्षरित हुआ, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कम्युनिकेशन और क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोटेक्शन के क्षेत्र में सहयोग का मार्ग प्रशस्त करता है। अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में भी मिलकर काम करने पर सहमति बनी।
स्वास्थ्य और सांस्कृतिक सहयोग
स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ नेचरोपैथी और स्लोवाकिया के स्लोवाक हेल्थ स्पा पीएस्टनी के बीच साझेदारी समझौता संपन्न हुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने सांस्कृतिक निकटता का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत के प्राचीन उपनिषदों का स्लोवाक भाषा में अनुवाद दोनों सभ्यताओं के बीच गहरे बौद्धिक जुड़ाव का प्रमाण है। उन्होंने स्लोवाकिया में बसे भारतीय मूल के लोगों की भूमिका को भी सराहा और कहा कि वे वहाँ की अर्थव्यवस्था व समाज में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
व्यापार और प्रौद्योगिकी को नई गति
मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में लिखा, 'स्लोवाकिया के पीएम रॉबर्ट फिको के साथ एक बहुत अच्छी बैठक हुई। यह भारत और स्लोवाकिया की दोस्ती के लिए वाकई एक खास पल है।' उन्होंने आगे कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के जल्द संपन्न होने की उम्मीद से द्विपक्षीय व्यापार को और बल मिलेगा। यह ऐसे समय में आया है जब भारत यूरोपीय देशों के साथ अपनी आर्थिक साझेदारियाँ व्यापक करने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है।
गौरतलब है कि स्लोवाकिया यूरोपीय संघ का सदस्य है और ऑटोमोबाइल विनिर्माण में यूरोप के अग्रणी देशों में शामिल है, जो भारत के 'मेक इन इंडिया' एवं हरित ऊर्जा लक्ष्यों के साथ रणनीतिक तालमेल बैठाता है।
आगे की राह
प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास जताया कि यह व्यापक साझेदारी व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा, अंतरिक्ष, शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग सहित कई मोर्चों पर दोनों देशों के संबंधों को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगी। दोनों सरकारों से अपेक्षा है कि वे शीघ्र ही क्षेत्रीय कार्य-योजनाओं को अंतिम रूप देंगी, जिससे घोषित समझौतों को ज़मीनी स्तर पर लागू किया जा सके।