भारत डिजिटलीकरण और AI में फ्रांस-जर्मनी से आगे: स्लोवाकिया के PM फिचो ने मोदी की तारीफ की
सारांश
मुख्य बातें
स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिचो ने 15 जून 2026 को ब्रातिस्लावा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि भारत डिजिटलीकरण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में पश्चिमी यूरोप के कई विकसित देशों से आगे निकल चुका है। फिचो ने भारत की 6-7 प्रतिशत की आर्थिक विकास दर को 'उल्लेखनीय' बताते हुए मोदी को हर क्षेत्र में मिली सफलता के लिए बधाई दी।
फिचो के मुख्य वक्तव्य
फिचो ने कहा, 'आप इस क्षेत्र में इतनी तेज़ी से आगे बढ़े हैं कि पश्चिमी यूरोप के फ्रांस और जर्मनी जैसे देशों से भी आगे निकल चुके हैं। भारत दुनिया के कई विकसित देशों से आगे है।' उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया की सबसे अधिक आबादी वाले देश के प्रधानमंत्री का स्लोवाकिया में स्वागत करना उनके लिए सम्मान की बात है।
फिचो ने भारत को दुनिया की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बताते हुए कहा कि भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की महत्वाकांक्षा रखता है। उन्होंने जोड़ा कि यदि यूरोपीय संघ भारत जैसी विकास दर हासिल कर सके तो यह बड़ी उपलब्धि होगी, लेकिन फिलहाल यूरोपीय देशों को प्रतिस्पर्धात्मकता और जलवायु लक्ष्यों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
यूएनएससी सुधार पर समर्थन
स्लोवाकियाई प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में सुधार की आवश्यकता पर बल देते हुए भारत को स्थायी सदस्य बनाए जाने का खुला समर्थन किया। उन्होंने कहा कि स्लोवाकिया बहुपक्षवाद का समर्थक है और भारत जैसे देशों को सुरक्षा परिषद में स्थायी प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। फिचो ने यह भी रेखांकित किया कि अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान ही वैश्विक संघर्षों के समाधान का सबसे प्रभावी मार्ग है।
मोदी को 'राजनीतिक चमत्कार' की उपाधि
फिचो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी और इसे 'राजनीतिक चमत्कार' की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि इतने विविध राजनीतिक दलों वाले देश में लगातार जनता का विश्वास जीतना असाधारण उपलब्धि है।
भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते का स्वागत
फिचो ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का स्वागत किया और कहा कि स्लोवाकिया इस समझौते को जल्द से जल्द लागू कराने के लिए हर आवश्यक कदम उठाने को तैयार है। उन्होंने इसे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण मुक्त व्यापार समझौतों में से एक बताया। यह ऐसे समय में आया है जब भारत-यूरोपीय संघ के बीच व्यापारिक संबंधों को नई गति देने की कोशिशें तेज़ हो रही हैं।
आगे क्या
ब्रातिस्लावा में हुई यह द्विपक्षीय वार्ता भारत-स्लोवाकिया संबंधों को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है। भारत-यूरोपीय संघ FTA पर आगे की वार्ता और यूएनएससी सुधार के मुद्दे पर स्लोवाकिया के सक्रिय समर्थन से भारत की वैश्विक कूटनीतिक स्थिति और मज़बूत होने की संभावना है।