मोदी के स्लोवाकिया-फ्रांस दौरे पर BJP का दावा: भारत जीत रहा वैश्विक भरोसा, AI और STEM में नई साझेदारी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने 19 जून 2026 को नई दिल्ली स्थित BJP कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्लोवाकिया और फ्रांस दौरे को ऐतिहासिक रूप से सफल बताया। त्रिवेदी के अनुसार, इस यात्रा ने भारत की वैश्विक कूटनीतिक उपस्थिति को नई ऊँचाई दी है और द्विपक्षीय संबंधों को एक नया आयाम मिला है।
स्लोवाकिया यात्रा: पहली बार किसी भारतीय प्रधानमंत्री का दौरा
त्रिवेदी ने बताया कि स्लोवाकिया गणराज्य की यात्रा किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली आधिकारिक यात्रा थी। पूर्वी यूरोप की दृष्टि से रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस देश में प्रधानमंत्री मोदी को सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाज़ा गया। त्रिवेदी ने कहा कि अब तक 33 अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कर चुके मोदी एक प्रतिष्ठित वैश्विक नेता के रूप में उभरे हैं। उनके अनुसार, इस यात्रा के दीर्घकालिक सकारात्मक परिणाम आने वाले वर्षों में स्पष्ट होंगे।
जी-7 शिखर सम्मेलन में भारत की सक्रिय भूमिका
BJP सांसद ने बताया कि भारत को जी-7 शिखर सम्मेलन में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। इस मंच पर प्रधानमंत्री मोदी ने 'इंटरनेशनल मोबिलाइजेशन पार्टनरशिप फॉर एक्सेलरेटिंग कनेक्टिविटी एंड ट्रेड' का प्रस्ताव रखा, जिसमें सभी सदस्य देशों ने रुचि दिखाई। त्रिवेदी के अनुसार, यह पहला अवसर था जब पूर्ण सदस्य न होने के बावजूद भारत ने जी-7 मंच पर इतनी सक्रिय और नेतृत्वकारी भूमिका निभाई। जी-7 के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन सहित कई वैश्विक नेताओं के साथ द्विपक्षीय और साइडलाइन बैठकें कीं। इन वार्ताओं में रक्षा सहयोग, व्यापार, प्रौद्योगिकी और वैश्विक सुरक्षा जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
फ्रांस के साथ AI, डेटा और STEM में नई साझेदारी
त्रिवेदी ने बताया कि भारत और फ्रांस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सुरक्षा के क्षेत्र में एक द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक AI प्रतिस्पर्धा के इस दौर में यह साझेदारी अत्यंत प्रभावशाली साबित होगी और दोनों देश मिलकर इस क्षेत्र में एक नए वैश्विक केंद्र के रूप में उभर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, फ्रांस ने भारत के 'डेटा एम्पावरमेंट एंड प्रोटेक्शन आर्किटेक्चर' (DEPA) के साथ मिलकर एक सुरक्षित डिजिटल इकोसिस्टम बनाने का निर्णय लिया है। उल्लेखनीय है कि फ्रांस ने यह भी घोषणा की है कि वह STEM क्षेत्र में प्रतिवर्ष 30,000 भारतीय छात्रों को अपने यहाँ सीटें प्रदान करेगा — जो अब तक मुख्यतः ब्रिटेन, अमेरिका और कनाडा की ओर रुख करते थे। इसके साथ ही, 'भारत इनोवेट्स 2026' शिखर सम्मेलन और पेरिस में 'विवा टेक' इवेंट में भी भारत ने सक्रिय भूमिका निभाई। गौरतलब है कि जी-7 के मुख्य मेजबान होने के बावजूद फ्रांस के राष्ट्रपति ने 'भारत इनोवेट्स' शिखर सम्मेलन में भाग लेने का समय निकाला।
भारत-कनाडा संबंधों में नया मोड़
भारत-कनाडा संबंधों पर त्रिवेदी ने कहा कि कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने सूचना सुरक्षा से संबंधित एक मानक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। उनके अनुसार, जिन संवेदनशील मुद्दों ने पहले दोनों देशों के बीच तनाव उत्पन्न किया था, उन पर अब सूचनाओं के त्वरित और सुरक्षित आदान-प्रदान की व्यवस्था बन गई है। BJP सांसद ने इसे भारत-कनाडा संबंधों के एक नए और सकारात्मक अध्याय की शुरुआत बताया। इस दौरे में प्रधानमंत्री ने 50 बड़ी कंपनियों के CEO, व्यापारिक नेताओं और इनोवेटर्स से भी मुलाकात की।
विकास की गुणवत्ता पर मोदी का संदेश
त्रिवेदी ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरे में यह भी रेखांकित किया कि GDP के आँकड़ों को केवल संख्याओं के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए — बल्कि यह भी जाँचना ज़रूरी है कि विकास का स्वरूप क्या है और उसका लाभ किसे मिल रहा है। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब वैश्विक स्तर पर समावेशी विकास की बहस तेज़ हो रही है। आने वाले समय में इन समझौतों के क्रियान्वयन की दिशा यह तय करेगी कि भारत की यह कूटनीतिक सक्रियता ज़मीनी परिणामों में कितनी तब्दील होती है।