ब्रिटेन के नए PM एंडी बर्नहैम का पहला संबोधन: '40 साल का सबसे बड़ा बदलाव लाएगी सरकार'
सारांश
मुख्य बातें
ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने 20 जुलाई को 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर अपने पहले संबोधन में राजनीतिक स्थिरता बहाल करने और शासन में 'पिछले 40 वर्षों का सबसे बड़ा बदलाव' लाने का संकल्प लिया। उन्होंने स्वीकार किया कि बीते एक दशक में नेतृत्व की अस्थिरता ने जनता का राजनीति पर भरोसा कमज़ोर किया है और अब नेताओं को बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
मुख्य घोषणाएँ और संकल्प
बकिंघम पैलेस से लौटने के बाद बर्नहैम ने कहा, 'मैं पूरी तरह से महसूस करता हूँ कि पिछले 10 वर्षों में इस सड़क पर सरकार बनाने के लिए आने वाला मैं छठा व्यक्ति हूँ और 2016 के बाद सातवाँ प्रधानमंत्री हूँ। यह आत्ममंथन और नए संकल्प का समय है।' उन्होंने अपनी सरकार को 'ब्रिटेन के लिए सर्किट ब्रेकर' बताया और कहा कि देश को एक नए राजनीतिक और आर्थिक मॉडल की ज़रूरत है।
बर्नहैम ने कहा, 'ब्रिटेन को दुनिया को यह दिखाना होगा कि हम फिर से राजनीतिक स्थिरता हासिल कर सकते हैं। लोग राजनीति से निराश हो चुके हैं। मैं उनकी बात सुनता हूँ और ईमानदारी से स्वीकार करता हूँ कि हम उतना अच्छा काम नहीं कर पाए, जितना करना चाहिए था। अब हमें बेहतर करना होगा।'
1980 के दशक की नीतियों पर निशाना
बर्नहैम ने 1980 के दशक की नीतियों को मौजूदा असमानताओं की जड़ बताया। उनके अनुसार, उस दौर में लिए गए फैसलों के कारण राजनीतिक शक्ति का अत्यधिक केंद्रीकरण हुआ, आर्थिक नियंत्रण का निजीकरण हुआ और देश के कई औद्योगिक क्षेत्रों का पतन हो गया — जिसके चलते अनेक इलाके आज भी पिछड़ेपन से जूझ रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब ब्रिटेन में कॉस्ट ऑफ लिविंग संकट गहराता जा रहा है।
उन्होंने सत्ता के विकेंद्रीकरण का वादा किया और कहा कि निर्णय लेने की ताकत देश के हर क्षेत्र तक पहुँचाई जाएगी। साथ ही, आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं को मज़बूत सार्वजनिक नियंत्रण में लाकर आम लोगों के लिए फिर से किफायती बनाने का संकल्प लिया।
आम जनता पर असर: रोज़गार, शिक्षा और आवास
बर्नहैम ने रोज़गार, शिक्षा और आवास को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल किया। उन्होंने शिक्षा प्रणाली में सुधार, युवाओं के लिए मानसिक स्वास्थ्य सहायता बढ़ाने और अधिक काउंसिल हाउस बनाने पर ज़ोर दिया। कॉस्ट ऑफ लिविंग से राहत देने के लिए मंगलवार से कई योजनाओं की घोषणा की जाएगी और उनके वित्तपोषण का खाका भी साथ में पेश किया जाएगा।
गौरतलब है कि बर्नहैम का पहला प्रशासनिक निर्देश ब्रिटेन में खुले आसमान के नीचे रहने (रफ स्लीपिंग) की समस्या को समाप्त करने से संबंधित था — जो उनकी शासन-शैली और प्राथमिकताओं का स्पष्ट संकेत है।
किंग चार्ल्स तृतीय ने दी नियुक्ति
बकिंघम पैलेस की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, किंग चार्ल्स तृतीय ने सांसद एंड्रयू (एंडी) बर्नहैम से मुलाकात की और उन्हें नई सरकार बनाने का अनुरोध किया, जिसे बर्नहैम ने स्वीकार किया। इस प्रकार वे प्रधानमंत्री तथा फर्स्ट लॉर्ड ऑफ द ट्रेजरी के रूप में नियुक्त हुए। ब्रिटेन की संवैधानिक परंपरा के तहत किंग उस नेता को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करते हैं जिसके पास संसद में बहुमत का समर्थन होता है।
क्या होगा आगे
बर्नहैम ने घोषणा की कि इस वर्ष के अंत तक उनकी सरकार ब्रिटेन के लिए एक 10 वर्षीय राष्ट्रीय योजना पेश करेगी, जिसमें देश के आर्थिक और सामाजिक विकास का दीर्घकालिक रोडमैप होगा। यह योजना और मंगलवार से शुरू होने वाली घोषणाएँ मिलकर तय करेंगी कि बर्नहैम का 'बड़े बदलाव' का वादा कितना ठोस रूप लेता है।