एंडी बर्नहैम बने ब्रिटेन के नए लेबर नेता, सोमवार को संभालेंगे प्रधानमंत्री पद
सारांश
मुख्य बातें
ब्रिटेन की लेबर पार्टी ने शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को घोषणा की कि एंडी बर्नहैम को पार्टी का नया नेता चुन लिया गया है। ग्रेटर मैनचेस्टर के पूर्व मेयर बर्नहैम सोमवार को ब्रिटेन का प्रधानमंत्री पद संभालेंगे — यह कीर स्टार्मर के औपचारिक रूप से पद छोड़ने के बाद संवैधानिक प्रक्रिया के तहत होगा।
कैसे हुई नेता की घोषणा
लंदन के मध्य इलाके में स्थित ट्रेड्स यूनियन कांग्रेस के मुख्यालय में आयोजित समारोह में ब्रिटेन की होम सेक्रेटरी शबाना महमूद ने बताया कि बर्नहैम को लेबर पार्टी के 379 सांसदों का समर्थन प्राप्त हुआ। वे नेतृत्व के लिए निर्धारित न्यूनतम समर्थन सीमा तक पहुँचने वाले एकमात्र उम्मीदवार थे, इसलिए पार्टी सदस्यों के बीच मतदान कराए बिना ही उन्हें नेता घोषित कर दिया गया।
बर्नहैम ने मेकरफील्ड उपचुनाव जीतकर संसद में वापसी की थी, जिसका परिणाम 19 जून को आया था। इस जीत के बाद उनके समर्थन में सांसदों की संख्या तेज़ी से बढ़ी।
स्टार्मर के इस्तीफे की पृष्ठभूमि
कीर स्टार्मर ने 22 जून को लेबर नेता पद से इस्तीफे का ऐलान किया था। उन्होंने स्पष्ट किया था कि नए नेता के चुने जाने तक वह प्रधानमंत्री पद पर बने रहेंगे। गौरतलब है कि स्टार्मर ने जुलाई 2024 में लेबर पार्टी को 14 वर्षों में पहली बार भारी चुनावी जीत दिलाई थी, लेकिन बाद में सरकारी नीतियों को लेकर उन्हें तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा।
बर्नहैम का विज़न और भाषण
नेता घोषित होने के बाद बर्नहैम ने अपने भाषण में 1980 के दशक के बाद से ब्रिटेन में हुए नीतिगत निर्णयों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक ताकत अत्यधिक केंद्रित होती गई, जबकि घर, पानी, ऊर्जा और परिवहन जैसी आवश्यक सेवाओं का निजीकरण कर दिया गया। उनके अनुसार इन फैसलों से खर्च बढ़ा, दौलत और सत्ता कुछ ही हाथों में सिमट गई, और कई पुराने औद्योगिक शहर अपनी अर्थव्यवस्था पुनर्निर्मित करने के अधिकार से वंचित हो गए।
उन्होंने संकल्प लेते हुए कहा, 'मैं उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम — पूरे ब्रिटेन का नेता बनूंगा।'
स्टार्मर के साथ पुराना जुड़ाव
बर्नहैम ने अपने भाषण में करीब एक दशक पहले स्टार्मर के साथ किए गए सहयोग को भी याद किया। उन्होंने बताया कि दूसरी हिलसबोरो जाँच के बाद हिलसबोरो कानून का शुरुआती मसौदा तैयार करने में दोनों ने मिलकर काम किया था, जिसमें स्टार्मर की कानूनी विशेषज्ञता की अहम भूमिका रही।
आगे क्या होगा
बर्नहैम के सोमवार को औपचारिक रूप से प्रधानमंत्री पद संभालने के साथ ब्रिटेन की राजनीति एक नए अध्याय में प्रवेश करेगी। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी — सत्ता के विकेंद्रीकरण और सार्वजनिक सेवाओं की पुनर्स्थापना के अपने वादों को ठोस नीतियों में बदलना।