कीर स्टार्मर के खिलाफ लेबर बगावत तेज, पीएम की चेतावनी — 'नेतृत्व चुनौती से पार्टी में अराजकता'
सारांश
मुख्य बातें
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने 14 मई को अपनी ही पार्टी के भीतर उठ रहे विद्रोह को सीधी चेतावनी दी — कहा कि उनके खिलाफ नेतृत्व की कोई भी चुनौती लेबर पार्टी को 'अराजकता' की ओर धकेल देगी। हाल के स्थानीय चुनावों में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद स्टार्मर पर भीतर और बाहर से दबाव तेज़ी से बढ़ रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
ब्रिटिश मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग इस्तीफा देकर नेतृत्व की दावेदारी पेश करने पर विचार कर रहे थे। रिपोर्टों में बताया गया कि किसी भी उम्मीदवार को आगे बढ़ने के लिए लेबर पार्टी के 81 सांसदों का समर्थन जुटाना होगा। बुधवार सुबह संसद के औपचारिक उद्घाटन से पहले स्ट्रीटिंग को 10 डाउनिंग स्ट्रीट में प्रवेश करते देखा गया, हालांकि वे 20 मिनट से भी कम समय में वहाँ से निकल गए।
मंगलवार को कई मंत्रियों ने इस्तीफे दे दिए, जबकि कुछ कैबिनेट मंत्रियों ने सार्वजनिक रूप से प्रधानमंत्री के प्रति अपनी वफ़ादारी की पुष्टि की। स्टार्मर ने मंत्रियों से आग्रह किया कि वे पार्टी को और अस्थिर न करें।
यूनियनों और विपक्ष की प्रतिक्रिया
लेबर पार्टी से जुड़े 11 यूनियनों ने एक संयुक्त बयान जारी कर पार्टी नेतृत्व से बदलाव की तैयारी करने का आह्वान किया। बयान में स्पष्ट कहा गया, 'यह स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री अगले चुनाव में लेबर पार्टी का नेतृत्व नहीं करेंगे। किसी समय नए नेता के चुनाव की योजना बनानी होगी।'
इसके साथ ही, स्कॉटिश नेशनल पार्टी (SNP) ने स्टार्मर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की धमकी दी। पार्टी का कहना है कि नेतृत्व का यह संकट अब अधिक समय तक नहीं चल सकता।
किंग्स स्पीच और नीतिगत एजेंडा
इस उथल-पुथल के बीच राजा चार्ल्स तृतीय ने 'किंग्स स्पीच' दी, जिसमें नए संसदीय सत्र के लिए स्टार्मर सरकार के विधायी एजेंडे की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। गौरतलब है कि लेबर पार्टी के भीतर बढ़ते नेतृत्व संकट ने सरकार की नीतिगत घोषणाओं को हाशिये पर धकेल दिया।
आम जनता और पार्टी पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब लेबर पार्टी पिछले सप्ताह के स्थानीय चुनावों में बड़े पैमाने पर सीटें गँवाने के बाद पहले से ही दबाव में थी। पार्टी के भीतर बिखराव की आशंका ने ब्रिटेन की राजनीतिक स्थिरता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। आलोचकों का कहना है कि इस आंतरिक कलह का सीधा असर सरकारी नीतियों के क्रियान्वयन पर पड़ सकता है।
क्या होगा आगे
स्टार्मर फिलहाल अपनी कुर्सी बचाने की कोशिश में हैं, लेकिन 81 सांसदों के समर्थन की शर्त और यूनियनों के खुले दबाव ने उनकी स्थिति को नाज़ुक बना दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले कुछ दिन लेबर पार्टी के भविष्य के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं।