ब्रिटिश PM कीर स्टार्मर को राहत: मैंडेलसन मामले में जांच से बचे, हाउस ऑफ कॉमन्स में 335-223 से प्रस्ताव खारिज
सारांश
Key Takeaways
- हाउस ऑफ कॉमन्स ने 335 बनाम 223 मतों से कंजर्वेटिव पार्टी का जांच प्रस्ताव खारिज किया।
- पीटर मैंडेलसन को जनवरी 2025 में सिक्योरिटी क्लीयरेंस देने से पहले मना किया गया था, जिसे बाद में विदेश कार्यालय ने पलटा।
- केमी बैडेनोच ने आरोप लगाया कि स्टार्मर ने नियुक्ति प्रक्रिया पर संसद को गुमराह किया।
- मैंडेलसन को सितंबर 2025 में जेफरी एपस्टीन से संबंधों के खुलासे के बाद वाशिंगटन से हटाया गया था।
- इस साल की शुरुआत में मैंडेलसन को पब्लिक ऑफिस में कथित गलत काम की जांच के तहत कुछ समय के लिए गिरफ्तार भी किया गया था।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के खिलाफ अमेरिका में ब्रिटेन के पूर्व राजदूत पीटर मैंडेलसन की नियुक्ति से जुड़े विवाद में संसदीय जांच नहीं होगी। लंदन में हाउस ऑफ कॉमन्स ने मंगलवार, 29 अप्रैल को 335 बनाम 223 मतों से कंजर्वेटिव पार्टी के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिसमें स्टार्मर की जांच हाउस की प्रिविलेज कमेटी से कराने की माँग की गई थी। यह मतदान पाँच घंटे से अधिक की तीखी संसदीय बहस के बाद हुआ।
विवाद की पृष्ठभूमि
यह पूरा मामला मैंडेलसन की अमेरिका में ब्रिटिश राजदूत के रूप में नियुक्ति की प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों से जुड़ा है। अप्रैल के मध्य में यह खुलासा हुआ था कि मैंडेलसन को जनवरी 2025 में पद संभालने से पहले सिक्योरिटी क्लीयरेंस देने से मना कर दिया गया था। ब्रिटिश सुरक्षा अधिकारियों ने एक गोपनीय बैकग्राउंड चेक सहित कड़ी जांच की थी। हालाँकि, ब्रिटेन विदेश कार्यालय ने बाद में इस फैसले को पलट दिया था।
कंजर्वेटिव पार्टी का आरोप
कंजर्वेटिव पार्टी की नेता केमी बैडेनोच ने आरोप लगाया कि स्टार्मर ने पार्लियामेंट में यह कहकर कि मैंडेलसन की नियुक्ति में पूरी प्रक्रिया का पालन किया गया था, सदन को गुमराह किया। इसी आधार पर प्रिविलेज कमेटी जांच की माँग उठाई गई थी। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया जब मैंडेलसन से जुड़े कई विवाद एक के बाद एक सामने आ रहे थे।
स्टार्मर की सफाई
प्रधानमंत्री स्टार्मर ने स्काई न्यूज से कहा,