कीर स्टार्मर ने ब्रिटेन के PM पद से इस्तीफा दिया, 10 साल में सातवें पीएम; एंडी बर्नहैम सबसे आगे
सारांश
मुख्य बातें
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने 22 जून 2026 को औपचारिक रूप से इस्तीफे की घोषणा की — यह कदम तब आया जब उनकी ही सरकार की वरिष्ठ सहयोगी और विदेश सचिव येवेट कूपर ने सोमवार को उन्हें निजी तौर पर पद छोड़ने का संदेश दिया था। स्टार्मर पिछले 10 वर्षों में ब्रिटेन के पीएम पद से इस्तीफा देने वाले सातवें व्यक्ति बन गए हैं।
इस्तीफे की पृष्ठभूमि
ब्रिटिश मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, स्टार्मर के सबसे वरिष्ठ मंत्रियों में से एक कूपर ने पिछले सप्ताहांत उन्हें यह संदेश दिया कि पार्टी अब यह नहीं मानती कि वह अगले आम चुनाव में लेबर पार्टी का नेतृत्व करने के लिए उपयुक्त व्यक्ति हैं। स्काई न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, स्टार्मर ने स्वयं यह स्वीकार किया कि उनकी पार्टी ने अपना फैसला सुना दिया है।
समर्थकों से बातचीत में स्टार्मर ने कहा, 'मैंने अपनी पार्टी से जवाब सुना है और मैं उस जवाब को खुशी-खुशी स्वीकार करता हूं।' उन्होंने यह भी कहा कि उनके द्वारा लिए गए हर फैसले में देश को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई थी।
विवादों ने कमज़ोर किया कार्यकाल
महज दो वर्ष पहले स्टार्मर ने लेबर पार्टी को ऐतिहासिक जीत दिलाई थी — पार्टी को 174 सीटों के बहुमत के साथ सत्ता में वापसी हुई थी, जिसे उस समय एक निर्णायक राजनीतिक पुनरुत्थान माना गया था। लेकिन कई नीतिगत यू-टर्न और विवादों ने उनके कार्यकाल को लगातार दबाव में रखा।
बुजुर्गों के लिए विंटर फ्यूल भुगतान से जुड़ा निर्णय और वॉशिंगटन में पीटर मैंडेलसन को ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त करने का कदम सर्वाधिक विवादास्पद रहे। इन घटनाओं ने पार्टी के भीतर असंतोष को हवा दी और स्टार्मर की नेतृत्व क्षमता पर सवाल खड़े किए।
हाल के जनमत सर्वेक्षणों में लेबर पार्टी की स्थिति लगातार कमज़ोर हुई है, जबकि रिफॉर्म यूके दल 300 से अधिक राष्ट्रीय सर्वेक्षणों में बढ़त बनाए हुए है। मई 2026 में भी स्टार्मर पर इस्तीफे का दबाव बना था, लेकिन उन्होंने तब इनकार कर दिया था।
सत्ता हस्तांतरण का वादा
स्टार्मर ने स्पष्ट किया है कि वह लेबर पार्टी के अगले नेता और नए प्रधानमंत्री के पदभार ग्रहण करने तक अपनी ज़िम्मेदारियाँ निभाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि उनके उत्तराधिकारी को ऐसा ब्रिटेन विरासत में मिलेगा जो दो साल पहले की तुलना में अधिक मजबूत और स्थिर होगा। उन्होंने डाउनिंग स्ट्रीट के स्टाफ, सिविल सर्विस और अपने सहयोगियों का छह साल के समर्थन के लिए आभार भी व्यक्त किया।
अगले पीएम की रेस में एंडी बर्नहैम सबसे आगे
लेबर पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन की मांग के बीच एंडी बर्नहैम का नाम सबसे प्रमुखता से उभरा है। 56 वर्षीय बर्नहैम इससे पहले ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर के रूप में कार्यरत थे। हाल ही में उत्तरी इंग्लैंड के मेकरफील्ड निर्वाचन क्षेत्र में हुए उपचुनाव में उन्होंने न केवल जीत दर्ज की, बल्कि रिफॉर्म यूके के उम्मीदवार को भी पराजित किया — वह भी ऐसे समय में जब लेबर की साख लगातार गिर रही है।
बर्नहैम के समर्थक उनके आर्थिक दृष्टिकोण को 'मैनचेस्टरिज्म' नाम दे रहे हैं — एक ऐसा मॉडल जो मैनचेस्टर के तीव्र शहरी विकास और आर्थिक पुनर्निर्माण के अनुभव पर आधारित है। इसका उद्देश्य ब्रिटेन की धीमी वृद्धि, नीतिगत अस्थिरता और क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करना है।
पार्टी के कई सांसदों का मानना है कि यदि समय रहते नेतृत्व नहीं बदला गया, तो आगामी चुनावों में नाइजल फैराज के नेतृत्व वाले रिफॉर्म यूके के सत्ता में आने का जोखिम वास्तविक हो सकता है। ऐसे में बर्नहैम को लेबर की पुनर्वापसी का सबसे संभावित चेहरा माना जा रहा है।