PM मोदी ने एंडी बर्नहैम को दी बधाई, भारत-ब्रिटेन CETA और साझा विजन-2035 पर दिया जोर
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 जुलाई 2026 को ब्रिटेन के नवनियुक्त प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम को पदभार ग्रहण करने पर बधाई दी और भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की प्रतिबद्धता जताई। मोदी ने विशेष रूप से इस महीने लागू हुए सीईटीए (CETA) समझौते का उल्लेख करते हुए कहा कि यह दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाई देगा।
मोदी का एक्स पर संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, 'ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभालने पर एंडी बर्नहैम को हार्दिक बधाई। भारत और ब्रिटेन साझा लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े हैं तथा व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, रक्षा और लोगों के बीच संबंधों के क्षेत्र में व्यापक सहयोग करते हैं। इस महीने सीईटीए के लागू होने से हमारी द्विपक्षीय साझेदारी और मजबूत होगी।' उन्होंने यह भी कहा कि वे साझा विजन-2035 को आगे बढ़ाने के लिए बर्नहैम के साथ मिलकर काम करने के इच्छुक हैं।
बर्नहैम का पहला संबोधन
बकिंघम पैलेस से लौटने के बाद 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर अपने पहले संबोधन में बर्नहैम ने स्वीकार किया कि वे 2016 के बाद ब्रिटेन के सातवें प्रधानमंत्री हैं और इस सत्ता के गलियारे में पिछले 10 वर्षों में सरकार बनाने के लिए आने वाले छठे व्यक्ति हैं। उन्होंने कहा, 'यह आत्ममंथन और नए संकल्प का समय है।'
बर्नहैम ने स्वीकार किया कि लोग राजनीति से निराश हो चुके हैं और उनकी पीढ़ी के नेता अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए। उन्होंने कहा, 'ब्रिटेन को दुनिया को यह दिखाना होगा कि हम फिर से राजनीतिक स्थिरता हासिल कर सकते हैं। अब हमें बेहतर करना होगा।'
40 वर्षों के सबसे बड़े बदलाव का वादा
बर्नहैम ने अपनी सरकार को 'ब्रिटेन के लिए सर्किट ब्रेकर' बताया और कहा कि उनकी सरकार देश में पिछले 40 वर्षों के सबसे बड़े बदलाव लागू करेगी। 1980 के दशक का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उस दौर में लिए गए फैसलों से राजनीतिक शक्ति का अत्यधिक केंद्रीकरण हुआ, आर्थिक नियंत्रण का निजीकरण हुआ और देश के कई औद्योगिक क्षेत्रों का पतन हुआ — जिसका खामियाजा कई इलाके आज भी भुगत रहे हैं।
आर्थिक राहत और विकेंद्रीकरण की योजना
बर्नहैम ने घोषणा की कि उनकी सरकार मंगलवार से बढ़ती महंगाई से राहत देने के लिए कई योजनाओं की घोषणा करेगी और उनके वित्तपोषण का खाका भी साथ ही पेश किया जाएगा। उन्होंने सत्ता के विकेंद्रीकरण और निर्णय लेने की ताकत देश के हर क्षेत्र तक पहुँचाने का संकल्प जताया। आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं को मजबूत सार्वजनिक नियंत्रण में लाकर उन्हें आम लोगों के लिए किफायती बनाने का भी वादा किया।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत और ब्रिटेन के बीच CETA के लागू होने से व्यापार, निवेश और रक्षा सहयोग के नए द्वार खुले हैं। बर्नहैम की सरकार के रुख और साझा विजन-2035 की दिशा में आगे की प्रगति पर अब दोनों देशों की नजरें टिकी हैं।