भारत-ब्रिटेन सीईटीए 15 जुलाई से लागू, एआई और इनोवेशन पर लंदन में अहम बैठक
सारांश
मुख्य बातें
भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (सीईटीए) 15 जुलाई 2026 से औपचारिक रूप से प्रभावी होगा — यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की, जिन्होंने इसे दोनों देशों के संबंधों में एक 'ऐतिहासिक कदम' करार दिया। इसी क्रम में लंदन में 19 जून 2026 को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), उभरती तकनीकों, रिसर्च और इनोवेशन में द्विपक्षीय सहयोग को और मज़बूत करने पर उच्च-स्तरीय चर्चा हुई।
लंदन बैठक: मुख्य घटनाक्रम
यह बैठक लंदन में भारत के उच्चायुक्त पी. कुमारन और ब्रिटेन के विज्ञान, नवाचार एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसआईटी) के स्थायी सचिव इमरान मियां के बीच हुई। लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि बैठक 'अच्छी और सकारात्मक' रही। दोनों पक्षों ने सीईटीए के ढाँचे का उपयोग कर नए आर्थिक अवसर सृजित करने और दोनों देशों में इनोवेशन को गति देने पर सहमति जताई।
सीईटीए: क्या बदलेगा और किसे फायदा
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, 'भारत-ब्रिटेन संबंधों के लिए यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। मुझे खुशी है कि भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता 15 जुलाई 2026 से लागू होगा। यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को काफी मज़बूत करेगा।' उन्होंने यह भी कहा कि इस समझौते से भारतीय किसानों, कामगारों, एमएसएमई, स्टार्टअप्स और इनोवेटर्स के लिए नए रास्ते खुलेंगे और यह 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में सहायक होगा।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रहा है और ब्रिटेन ब्रेग्जिट के बाद नए व्यापारिक गठजोड़ तलाश रहा है। गौरतलब है कि यह समझौता वर्षों की वार्ता के बाद अंतिम रूप पाया है।
जयशंकर-कूपर बैठक: व्यापक एजेंडा
4 जून 2026 को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने नई दिल्ली में ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर से मुलाकात की। इस बैठक में व्यापार, तकनीक, सप्लाई चेन, रक्षा, जलवायु, शिक्षा और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की गई। जयशंकर ने बाद में एक्स पर लिखा: 'भारत-ब्रिटेन साझेदारी अब साझा आर्थिक लक्ष्यों और हाईटेक विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है।' दोनों नेताओं ने स्वच्छ ऊर्जा, एआई और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में नई संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया।
बैठक में यूक्रेन, पश्चिम एशिया और हिंद-प्रशांत क्षेत्र के मुद्दों पर भी दोनों पक्षों ने अपने विचार साझा किए। जयशंकर ने कहा कि भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी 'विजन 2035' के तहत निरंतर आगे बढ़ रही है।
जी-7 में मोदी-स्टार्मर की सहमति
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी उल्लेख किया कि जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और वह इस बात से संतुष्ट थे कि दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई गति मिल रही है। यह साझा संतोष सीईटीए की समयसीमा को लेकर दोनों सरकारों की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
आगे की राह
सीईटीए के 15 जुलाई 2026 से लागू होने के साथ, दोनों देशों के बीच एआई, सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा और रक्षा जैसे क्षेत्रों में संयुक्त परियोजनाओं की रफ़्तार बढ़ने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते की सफलता इसके क्रियान्वयन और दोनों देशों की घरेलू नीतियों के तालमेल पर निर्भर करेगी।