रक्षा खडसे ने नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी का दौरा किया, युवा फुटबॉल प्रतिभा विकास मॉडल की तारीफ
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने 31 मई 2026 को नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी का दौरा किया और क्लब के प्रबंधन, कोचिंग स्टाफ तथा युवा फुटबॉलरों के साथ विस्तृत बातचीत की। उन्होंने विशेष रूप से पूर्वोत्तर भारत से फुटबॉल प्रतिभाओं की पहचान और उनके समग्र विकास के लिए क्लब द्वारा अपनाई जा रही व्यवस्थित पद्धति की सराहना की।
दौरे में कौन-कौन शामिल रहे
इस मुलाकात में क्लब के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मंदार ताम्हणे, रोहित थोरात, तकनीकी निदेशक एवं रिजर्व टीम के मुख्य कोच नौशाद मूसा, क्लब प्रबंधन टीम के सदस्य, कोचिंग स्टाफ और युवा फुटबॉलर उपस्थित रहे। क्लब नेतृत्व ने मंत्री को नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी के युवा विकास दर्शन, प्रतिभा पहचान ढाँचे और दीर्घकालिक खिलाड़ी विकास की रणनीति से अवगत कराया।
प्रतिभा खोज अभियान का विस्तृत ढाँचा
नौशाद मूसा के नेतृत्व में क्लब ने एक व्यापक प्रतिभा खोज अभियान चला रखा है, जिसके तहत कोच देशभर के विभिन्न हिस्सों में जाकर होनहार युवा फुटबॉलरों को चिह्नित करते हैं। यह खोज तीन स्तरों पर होती है — क्लब के कोचों और पूर्व खिलाड़ियों का नेटवर्क, अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ द्वारा आयोजित युवा प्रतियोगिताएँ, और युवा राष्ट्रीय टीम स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों की निरंतर निगरानी।
इस प्रक्रिया के अंतर्गत लगभग 60 होनहार युवा खिलाड़ियों को अंतिम चयन परीक्षण के लिए गुवाहाटी आमंत्रित किया गया। चयनित खिलाड़ियों से क्लब की अंडर-18 और रिजर्व टीम की रीढ़ बनने की उम्मीद है, जिससे नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी के दीर्घकालिक खिलाड़ी विकास कार्यक्रम को और मजबूती मिलेगी।
मंत्री रक्षा खडसे का संदेश
मंत्री ने कहा, 'भारतीय फुटबॉल का भविष्य प्रतिभाओं की शीघ्र पहचान करने, गुणवत्तापूर्ण कोचिंग प्रदान करने और प्रगति के लिए सुनियोजित अवसर पैदा करने की हमारी क्षमता पर निर्भर करता है। जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं की खोज, खिलाड़ी विकास और दीर्घकालिक योजना को संयोजित करने वाली पहलें भारत के फुटबॉल तंत्र को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।'
उन्होंने पूर्वोत्तर भारत की फुटबॉल क्षमता को रेखांकित करते हुए कहा कि यह क्षेत्र लगातार असाधारण प्रतिभाएँ देता आया है और कोचिंग, बुनियादी ढाँचे तथा वैज्ञानिक एथलीट विकास में निरंतर निवेश इस क्षमता को और उजागर करेगा।
आगे की राह
यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब भारतीय फुटबॉल के जमीनी विकास पर सरकारी ध्यान बढ़ रहा है। गौरतलब है कि पूर्वोत्तर राज्यों ने ऐतिहासिक रूप से भारतीय राष्ट्रीय टीम को कई प्रमुख खिलाड़ी दिए हैं। नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी का यह संरचित विकास मॉडल अन्य आईएसएल क्लबों के लिए भी एक संदर्भ बिंदु बन सकता है।