नॉर्थ-ईस्ट: भारतीय फुटबॉल की मजबूती का स्तंभ, कहते हैं सुनील छेत्री

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नॉर्थ-ईस्ट: भारतीय फुटबॉल की मजबूती का स्तंभ, कहते हैं सुनील छेत्री

सारांश

भारत के स्टार फुटबॉल खिलाड़ी सुनील छेत्री ने नॉर्थ-ईस्ट के खिलाड़ियों की सराहना की, उन्हें भारतीय फुटबॉल का महत्वपूर्ण स्तंभ मानते हुए। जानें, अंडर-23 ट्राई नेशन फुटबॉल चैंपियनशिप के बारे में और इसके आयोजन का महत्व।

Key Takeaways

  • नॉर्थ-ईस्ट के खिलाड़ी भारतीय फुटबॉल का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
  • अंडर-23 ट्राई नेशन फुटबॉल चैंपियनशिप का आयोजन चल रहा है।
  • छेत्री ने खिलाड़ियों की सराहना की और बुनियादी ढांचे में सुधार की आवश्यकता जताई।
  • भारत, भूटान और ताजिकिस्तान टीमें इस चैंपियनशिप में भाग ले रही हैं।
  • युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव प्रदान करना इस चैंपियनशिप का उद्देश्य है।

युपिया, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत के प्रसिद्ध फुटबॉल खिलाड़ी सुनील छेत्री का कहना है कि नॉर्थ-ईस्ट क्षेत्र भारतीय फुटबॉल की रीढ़ की हड्डी बना हुआ है। छेत्री ने कहा कि विभिन्न क्लबों से लेकर राष्ट्रीय टीम तक, नॉर्थ-ईस्ट के खिलाड़ियों की संख्या अधिक है।

बुधवार से अरुणाचल प्रदेश के युपिया में स्थित स्वर्ण जयंती आउटडोर स्टेडियम में अंडर-23 ट्राई नेशन फुटबॉल चैंपियनशिप की शुरुआत हुई। यह प्रतियोगिता 25 से 31 मार्च तक चलेगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बात करते हुए, सुनील छेत्री ने नॉर्थ-ईस्ट के खिलाड़ियों की सराहना की और कहा कि भारतीय फुटबॉल के विकास में इन खिलाड़ियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

हालांकि, छेत्री ने यह भी स्वीकार किया कि नॉर्थ-ईस्ट में बुनियादी ढाँचे में सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को आवश्यक सुविधाएं मिलनी चाहिए। छेत्री ने पत्रकारों से अनुरोध किया कि वे फेडरेशन से लगातार सवाल पूछते रहें ताकि इस तरह के टूर्नामेंट आयोजित होते रहें और यहाँ पर अधिक फुटबॉल अकादमी खुलें। उनके अनुसार, यदि ऐसा होता है, तो नॉर्थ-ईस्ट के खिलाड़ियों को बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

अंडर-23 ट्राई नेशन फुटबॉल चैंपियनशिप एक अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिता है जिसमें तीन देशों की अंडर-23 टीमें भाग लेती हैं। इस बार प्रतियोगिता में भारत, भूटान और ताजिकिस्तान शामिल हैं। इसका मुख्य उद्देश्य युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव प्रदान करना और उन्हें बड़े टूर्नामेंट के लिए तैयार करना है।

अंडर-23 ट्राई नेशन फुटबॉल चैंपियनशिप 2026 का कार्यक्रम इस प्रकार है:

25 मार्च: भूटान बनाम ताजिकिस्तान

28 मार्च: भारत बनाम भूटान

31 मार्च: ताजिकिस्तान बनाम भारत

अंडर-23 ट्राई नेशन फुटबॉल चैंपियनशिप 2026 के लिए भारतीय टीम

गोलकीपर: प्रियांश दुबे, दीपेश चौहान, मोहनराज के

डिफेंडर: हर्ष पलांडे, रिकी मीतेई हाओबम, प्रमवीर, सुभम भट्टाचार्य, दिप्पेंदु बिस्वास, रोनी खारबुडन, सनातोम्बा सिंह यंग्लेम

मिडफील्डर: लालरिनलियाना हनमटे, शिवाल्डो सिंह चिंगंगबम, एबिंदास येसुदासन, जोथनपुइया, लालरेमत्लुआंगा फनाई, मैकार्टन लुइस निकसन, टोम्बा सिंह हाओबाम, मोहम्मद सनन के, विनिथ वेंकटेश

फॉरवर्ड: मुहम्मद अजसल, सुहैल अहमद भट, एडिसन सिंह थोकचोम, थोई सिंह हुइड्रोम, लालथैंकिमा

मुख्य कोच: नौशाद मूसा

सहायक कोच: नोएल विल्सन

गोलकीपिंग कोच: गुम्पे रिमे

Point of View

उनकी भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हालांकि, बुनियादी ढांचों में सुधार की आवश्यकता है, जिससे खिलाड़ियों को और बेहतर अवसर मिल सकें।
NationPress
27/03/2026

Frequently Asked Questions

नॉर्थ-ईस्ट के फुटबॉल खिलाड़ियों का महत्व क्या है?
नॉर्थ-ईस्ट के फुटबॉल खिलाड़ी भारतीय फुटबॉल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और राष्ट्रीय टीम में इनकी संख्या अधिक है।
अंडर-23 ट्राई नेशन फुटबॉल चैंपियनशिप क्या है?
यह एक अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिता है जिसमें तीन देशों की अंडर-23 टीमें भाग लेती हैं।
इस चैंपियनशिप में कौन-कौन सी टीमें शामिल हैं?
इस बार भारत, भूटान और ताजिकिस्तान की टीमें इस चैंपियनशिप में शामिल हैं।
छेत्री ने नॉर्थ-ईस्ट के खिलाड़ियों के बारे में क्या कहा?
छेत्री ने नॉर्थ-ईस्ट के खिलाड़ियों की सराहना की और कहा कि वे भारतीय फुटबॉल की रीढ़ हैं।
चैंपियनशिप का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव देना और उन्हें बड़े टूर्नामेंट के लिए तैयार करना है।
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