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छत्तीसगढ़ में पहले 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' का आयोजन, 25 मार्च से शुरू

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छत्तीसगढ़ में पहले 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' का आयोजन, 25 मार्च से शुरू

सारांश

छत्तीसगढ़ 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' की पहली मेज़बानी के लिए तैयार है, जिसमें देशभर से 3700 खिलाड़ी भाग लेंगे। इस आयोजन का उद्देश्य आदिवासी युवाओं को राष्ट्रीय पहचान देना है।

मुख्य बातें

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन 25 मार्च से 3 अप्रैल तक होगा।
3700 खिलाड़ी पूरे देश से इस प्रतियोगिता में भाग लेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन आदिवासी युवाओं के लिए एक बड़ा मंच है।
इसमें हॉकी, फुटबॉल, तैराकी, वेटलिफ्टिंग और तीरंदाजी जैसी प्रतियोगिताएँ होंगी।
आदिवासी खिलाड़ियों की प्रतिभा को राष्ट्रीय पहचान मिलेगी।

रायपुर, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' की पहली मेज़बानी के लिए पूरी तरह तैयार है, जो 25 मार्च से 3 अप्रैल तक आयोजित होगी। यह प्रतिस्पर्धा रायपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर में होगी, जिसमें लगभग 3700 खिलाड़ी पूरे देश से भाग लेंगे।

यह पहला अवसर है जब राष्ट्रीय स्तर पर आदिवासी खेलों का आयोजन किया जा रहा है, और इसे राज्य के लिए गर्व का क्षण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि इस आयोजन से आदिवासी युवाओं की प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच मिलेगा और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त होगा।

उन्होंने कहा, "खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 की मेज़बानी करना छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। युवा हमारे राज्य और राष्ट्र का भविष्य हैं, और सरकार उन्हें शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और खेल के माध्यम से सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह आयोजन न केवल हमारे आदिवासी एथलीटों की अद्भुत प्रतिभा को प्रदर्शित करेगा, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय पहचान भी दिलाएगा।"

छत्तीसगढ़ को इस आयोजन की मेज़बानी आदिवासी खेलों की परंपरा और पिछले सफल आयोजनों, जैसे बस्तर ओलंपिक्स और सरगुजा ओलंपिक्स के कारण मिली है। इन प्रतियोगिताओं में लाखों खिलाड़ियों ने भाग लिया है, जो यह दर्शाता है कि राज्य में खेलों के प्रति लोगों का उत्साह बहुत अधिक है। आदिवासी क्षेत्र के खिलाड़ियों की विशेषता उनकी मजबूत शारीरिक क्षमता और अनुशासन है। वरिष्ठ फुटबॉल कोच सरिता कुजूर टोप्पो के अनुसार, आदिवासी खिलाड़ी बहुत अनुशासित हैं और उनकी सहनशक्ति शहरी खिलाड़ियों से बेहतर होती है। उनके खानपान में बाजरा, सहजन और हरी सब्जियां शामिल हैं, जो उन्हें ताकत और ऊर्जा प्रदान करती हैं।

इस प्रतियोगिता में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी शामिल होंगे, जिनमें अंतरराष्ट्रीय स्तर की 23 वर्षीय फुटबॉल खिलाड़ी किरण बिस्टा भी शामिल हैं। किरण ने 2025 में एशियन फुटबॉल चैंपियनशिप में भाग लिया था। उनके साथ कोंडागांव की युवा खिलाड़ी राशि पोयाम, मदवाई पूजा और श्रद्धा प्रधानी भी खेलेंगी, जो खेल को अपने करियर के रूप में अपनाना चाहती हैं।

छत्तीसगढ़ में आधुनिक खेल सुविधाओं ने आदिवासी खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया है। सरकार द्वारा चलाए जा रहे रेजिडेंशियल और डे-बोर्डिंग प्रशिक्षण केंद्रों में खिलाड़ियों को उन्नत उपकरणों के साथ अच्छी कोचिंग दी जा रही है। इन केंद्रों में खिलाड़ियों के लिए पोषण विशेषज्ञों (डायटीशियन) द्वारा तैयार किया गया संतुलित और पौष्टिक भोजन भी प्रदान किया जाता है, जिससे उनकी सेहत और प्रदर्शन में सुधार होता है। यहां आदिवासी छात्रों को तीन साल तक खेलों की ट्रेनिंग लेने की सुविधा मिलती है, और वे इस दौरान अपनी पढ़ाई भी जारी रख सकते हैं। इससे वे खेल और शिक्षा दोनों में आगे बढ़ पाते हैं।

रायपुर की तीरंदाजी एकेडमी में करीब 12 सेट ‘रिकर्व और कंपाउंड’ धनुष-बाण उपलब्ध हैं। कोच दुर्गेश नंदिनी के अनुसार, इनका उपयोग ओलंपिक खेलों में किया जाता है और हर सेट की कीमत लगभग 4 लाख रुपए है। छत्तीसगढ़ में खेलों का बुनियादी ढांचा भी काफी मजबूत है। पिछले दो साल में राज्य में कई विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की गई हैं। जशपुर में लगभग 4.99 करोड़ रुपए की लागत से सिंथेटिक हॉकी टर्फ बनाया गया है। महासमुंद में करीब 6.60 करोड़ रुपए की लागत से सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक तैयार किया गया है। वहीं, जगदलपुर में लगभग 5 करोड़ रुपए की लागत से सिंथेटिक टर्फ फुटबॉल मैदान का निर्माण हुआ है, जिसमें दौड़ने के लिए ट्रैक भी शामिल है।

छत्तीसगढ़ 25 मार्च से 3 अप्रैल तक ‘नेशनल ट्राइबल गेम्स’ की मेज़बानी करेगा। इस दौरान सात खेलों की प्रतियोगिताएं होंगी, और कबड्डी व मल्लखंभ को प्रदर्शन खेल के रूप में दिखाया जाएगा। रायपुर में हॉकी, फुटबॉल, तैराकी, वेटलिफ्टिंग और तीरंदाजी की प्रतियोगिताएं होंगी। जगदलपुर में एथलेटिक्स के मुकाबले आयोजित किए जाएंगे, जबकि अंबिकापुर में कुश्ती प्रतियोगिता होगी। प्रदर्शन खेलों में रायपुर में कबड्डी और अंबिकापुर में मल्लखंभ का प्रदर्शन किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह आदिवासी खेलों की समृद्ध परंपरा को भी सम्मानित करता है। इस तरह की गतिविधियाँ युवाओं को सशक्त बनाने और खेलों के प्रति उनकी रुचि को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स कब से कब तक होंगे?
ये खेल 25 मार्च से 3 अप्रैल तक आयोजित होंगे।
इस प्रतियोगिता में कितने खिलाड़ी भाग लेंगे?
इस प्रतियोगिता में लगभग 3700 खिलाड़ी भाग लेंगे।
खेलों का आयोजन कहाँ होगा?
प्रतियोगिता का आयोजन रायपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर में होगा।
इस आयोजन का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य आदिवासी युवाओं को राष्ट्रीय पहचान देना और उनकी प्रतिभा को प्रदर्शित करना है।
यह आयोजन किसके द्वारा आयोजित किया जा रहा है?
यह आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा आयोजित किया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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