क्या खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का लोगो, थीम सॉन्ग और मैस्कॉट लॉन्च हो गया?

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क्या खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का लोगो, थीम सॉन्ग और मैस्कॉट लॉन्च हो गया?

सारांश

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का आधिकारिक लोगो, थीम सॉन्ग और मैस्कॉट आज बिलासपुर में लॉन्च किया गया। यह आयोजन आदिवासी खेलों को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्य बातें

मोरवीर : नया मैस्कॉट जो आदिवासी संस्कृति को दर्शाता है।
7 खेलों का आयोजन जिसमें प्रमुख खेल शामिल हैं।
खेलों के दौरान 5 लाख की वार्षिक स्कॉलरशिप का प्रावधान।

बिलासपुर, 23 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स (केआईटीजी) का लोगो, थीम सॉन्ग और मैस्कॉट का आधिकारिक अनावरण मंगलवार को बिलासपुर के स्वर्गीय बीआर यादव स्पोर्ट्स स्टेडियम में किया गया। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 की शुरुआत आगामी वर्ष 14 फरवरी से होगी।

इस समारोह में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साईं और उपमुख्यमंत्री अरुण साव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इनके साथ ही केंद्रीय खेल मंत्रालय, राज्य सरकार और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने यह बताया कि ये खेल आदिवासी क्षेत्रों से उभरते टैलेंट को मजबूती प्रदान करेंगे।

खेल मंत्री ने कहा, "खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स हर एथलीट के लिए अवसरों का दायरा बढ़ाते हैं। आदिवासी क्षेत्रों से टैलेंट को पहचानना आवश्यक है। हमें यह सुनिश्चित करना है कि आदिवासी समुदायों के प्रतिभाशाली युवा सही तरीके से समर्थन प्राप्त करें और नेशनल स्पोर्ट्स फ्रेमवर्क में शामिल हों।"

केआईटीजी 2026 की देखरेख मिनिस्ट्री ऑफ यूथ अफेयर्स एंड स्पोर्ट्स, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई), इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन, नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन और छत्तीसगढ़ राज्य आयोजन समिति द्वारा की जाएगी, जिसमें तकनीकी मानकों का पालन किया जाएगा।

आधिकारिक मैस्कॉट का नाम 'मोरवीर'

पहले संस्करण में 7 प्रतिस्पर्धात्मक खेलतीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, रेसलिंग, स्विमिंग और वेटलिफ्टिंग शामिल हैं। इसके आलावा, दो डेमोंस्ट्रेशन स्पोर्ट्स भी होंगे, जो भारत की पारंपरिक खेल परंपराओं को प्रदर्शित करेंगे।

'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' का एक उद्देश्य टैलेंट की पहचान करना है। खेलों के दौरान होनहार एथलीट्स को खेलो इंडिया एथलीट्स के रूप में शामिल किया जाएगा, जिससे वे 8 वर्षों तक हर वर्ष 5 लाख की स्कॉलरशिप के पात्र होंगे। इन खेलों का उद्देश्य इस बड़े टैलेंट पूल को भारत के मुख्यधारा खेल ढांचे में एकीकृत करना है।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स, खेलो इंडिया स्कीम का हिस्सा हैं, जो भारत सरकार के यूथ अफेयर्स और स्पोर्ट्स मंत्रालय की एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य व्यापक भागीदारी और खेलों में उत्कृष्टता को बढ़ावा देना है। खेलो इंडिया गेम्स को स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग सिग्नल्स एक्ट, 2007 के तहत 2020 में 'नेशनल इंपॉर्टेंस का इवेंट' घोषित किया गया है।

अब तक खेलो इंडिया यूथ गेम्स के 7 संस्करण, खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के 5 संस्करण, खेलो इंडिया विंटर गेम्स के 6 संस्करण, खेलो इंडिया पैरा गेम्स के 2 संस्करण, खेलो इंडिया वॉटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल का पहला संस्करण और खेलो इंडिया बीच गेम्स का पहला संस्करण 36 राज्यों/यूटीएस की भागीदारी के साथ सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह आदिवासी समुदायों के युवाओं के लिए अवसरों का एक नया द्वार खोलेगा। यह कार्यक्रम भारत की विविधता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सम्मानित करता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का उद्देश्य क्या है?
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का उद्देश्य आदिवासी क्षेत्रों से उभरते टैलेंट की पहचान करना और उन्हें मुख्यधारा खेल ढांचे में शामिल करना है।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 कब शुरू होंगे?
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 की शुरुआत 14 फरवरी से होगी।
इस बार के खेलों में कितने प्रतिस्पर्धात्मक खेल होंगे?
पहले संस्करण में 7 प्रतिस्पर्धात्मक खेल होंगे।
राष्ट्र प्रेस
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