केआईटीजी 2026: सरगुजा में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का शानदार समापन, छत्तीसगढ़ का मलखंभ में प्रदर्शन
सारांश
Key Takeaways
- खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का सफल आयोजन।
- छत्तीसगढ़ का मलखंभ में दबदबा।
- कुल 5 गोल्ड और 1 सिल्वर मेडल जीते।
- आदिवासी खिलाड़ियों को मिला पहचान का अवसर।
- झारखंड के खिलाड़ियों ने भी पहली बार पदक जीते।
सरगुजा, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के सरगुजा में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स (केआईटीजी) का भव्य समापन शनिवार को हुआ। यह ट्राइबल गेम्स राज्य के तीन प्रमुख शहरों रायपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर में आयोजित किए गए थे।
अंबिकापुर में प्रतियोगिता के पहले चरण में कुश्ती और दूसरे चरण में मलखंभ स्पर्धा का आयोजन हुआ, जिसका समापन गांधी स्टेडियम में हुआ। समापन समारोह के दौरान अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में खिलाड़ियों को पुरस्कार वितरित किए गए।
मलखंभ प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की टीम ने अपना दबदबा दर्शाया। ओवरऑल प्रदर्शन में छत्तीसगढ़ ने पहला स्थान प्राप्त किया, जिसमें बालक और बालिका दोनों वर्गों में टीम ने गोल्ड मेडल जीते। कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ ने 5 गोल्ड और 1 सिल्वर मेडल अपने नाम किए। इसके अलावा, कई व्यक्तिगत स्पर्धाओं में अन्य राज्यों के खिलाड़ियों ने भी पदक जीते।
समापन समारोह के दौरान छत्तीसगढ़ टीम में उत्साह का माहौल देखने को मिला। खास बात यह रही कि झारखंड के खिलाड़ियों ने भी पहली बार इस प्रतियोगिता में पदक जीते, जिससे उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
मलखंभ फेडरेशन ऑफ इंडिया के सचिव डॉ. राज कुमार शर्मा ने बताया कि टीम चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ गोल्ड मेडलिस्ट रहा। यह आयोजन पहली बार हुआ है और भविष्य में इसे बड़े स्तर पर मेडल इवेंट के रूप में शामिल करने के लिए केंद्र सरकार से आग्रह किया जाएगा।
खेल अधिकारी राम कुमार ने आयोजन को सफल बताते हुए कहा कि विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ी और कोच यहां की व्यवस्थाओं से संतुष्ट नजर आए, जो राज्य के लिए गर्व की बात है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना की और अन्य राज्यों की टीमों के प्रदर्शन को भी सराहनीय बताया।
इस अवसर पर स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी संता पोटाई ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वे 2018 से मलखंभ का अभ्यास कर रहे हैं और अपने ही राज्य में आयोजित इस प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतना उनके लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने इस आयोजन को खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा अवसर बताया, जिससे उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिला।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के पहले संस्करण में 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 3,800 खिलाड़ियों ने 9 खेलों में भाग लिया। कर्नाटक ने सबसे अधिक 23 गोल्ड मेडल जीते, जबकि ओडिशा ने सर्वाधिक 57 मेडल अपने नाम किए।
मेजबान छत्तीसगढ़ ने भी आदिवासी समुदाय के बीच मौजूद खेल प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 3 गोल्ड, 10 सिल्वर और 6 ब्रॉन्ज मेडल जीतकर नौवां स्थान हासिल किया। छत्तीसगढ़ का आखिरी मेडल शनिवार को पुरुष फुटबॉल में आया, जब फाइनल में उन्हें पश्चिम बंगाल के हाथों 0-1 से हार का सामना करना पड़ा।