खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स: जनजातीय वर्ग की प्रतिभा को मिला नया मंच

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खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स: जनजातीय वर्ग की प्रतिभा को मिला नया मंच

सारांश

छत्तीसगढ़ में 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' का आयोजन जनजातीय खिलाड़ियों की प्रतिभा को उजागर करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। मयंक श्रीवास्तव का मानना है कि इन खेलों के माध्यम से जनजातीय वर्ग को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिल रहा है।

Key Takeaways

  • खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन छत्तीसगढ़ में हो रहा है।
  • जनजातीय खिलाड़ियों की प्रतिभा को उजागर करने का यह एक बड़ा अवसर है।
  • इसमें लगभग 3700 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं।
  • यह आयोजन 25 मार्च से 3 अप्रैल तक चलेगा।
  • प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में खेलो इंडिया की शुरुआत हुई थी।

रायपुर, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ में पहली बार 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' का आयोजन हो रहा है। भारतीय खेल प्राधिकरण के उप निदेशक मयंक श्रीवास्तव ने कहा कि जनजातीय वर्ग के खिलाड़ियों में विशाल प्रतिभा है और उन्हें सिर्फ अवसरों की तलाश थी, जो अब खेलो इंडिया के जरिए उन्हें मिल रहा है।

मयंक श्रीवास्तव ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया, "खेलो इंडिया की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में वर्ष 2018 में हुई। प्रारंभ में हम केवल 4 खेल आयोजित करते थे। हमारे खेल मंत्री मनसुख मांडविया का विचार था कि इन खेलों को पूरी तरह से स्थापित किया जाना चाहिए। इसलिए हमें खेलों का दायरा बढ़ाना चाहिए, ताकि भौगोलिक और सामाजिक स्तर पर खेलों की पहुंच बढ़ सके। हम नॉर्थ-ईस्ट में भी खेलो इंडिया का आयोजन करने की योजना बना रहे हैं।"

उन्होंने कहा, "छत्तीसगढ़ में इस प्रकार के खेलों का आयोजन पहले नहीं हुआ था। इसलिए ट्राइबल गेम्स के लिए छत्तीसगढ़ को चुना गया। यह सुनिश्चित किया गया है कि जब भी ट्राइबल गेम्स का आयोजन होगा, उसकी मेज़बानी छत्तीसगढ़ ही करेगा। यह मान लिया गया था कि यहाँ के खिलाड़ियों को पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे हैं, इसी कारण से जनजातीय वर्ग के लिए इन खेलों का आयोजन किया गया है, और आप 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' में सभी एथलीट जनजातीय होंगे। इन खिलाड़ियों को एक ऐसा मंच प्रदान किया गया है जिससे वे अंतरराष्ट्रीय स्तर के तकनीकी आयोजनों में भाग ले सकें और अपनी प्रतिभा को निखार सकें। इन खेलों के माध्यम से हम प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करेंगे, जिन्हें हमारी तरफ से नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा।"

मयंक श्रीवास्तव ने कहा कि जनजातीय वर्ग में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें अवसर नहीं मिल पाए हैं। हमारा यह दृढ़ विश्वास है कि जनजातीय वर्ग में विशाल प्रतिभा है और अब तक उनके सामने केवल अवसरों की कमी थी। अब हमने उस कमी को खत्म कर दिया है और 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' का आयोजन किया है। ये खेल 25 मार्च से 3 अप्रैल तक छत्तीसगढ़ के रायपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर में होंगे। विभिन्न खेलों में लगभग 3700 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं।

Point of View

जहां उन्हें अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का नया मंच मिल रहा है। इसे खेलों के क्षेत्र में समानता और समावेशिता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा सकता है।
NationPress
27/03/2026

Frequently Asked Questions

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स कब आयोजित हो रहे हैं?
ये खेल 25 मार्च से 3 अप्रैल तक छत्तीसगढ़ में आयोजित हो रहे हैं।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य जनजातीय खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करना है।
इसमें कितने खिलाड़ी भाग ले रहे हैं?
लगभग 3700 खिलाड़ी विभिन्न खेलों में भाग ले रहे हैं।
खेलो इंडिया की शुरुआत कब हुई थी?
खेलो इंडिया की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में वर्ष 2018 में हुई थी।
ट्राइबल गेम्स का आयोजन क्यों छत्तीसगढ़ में किया गया?
छत्तीसगढ़ को इस आयोजन के लिए चुना गया क्योंकि यहां इस प्रकार के खेलों का आयोजन पहले नहीं हुआ था।
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