मीराबाई चानू ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स को आदिवासी खिलाड़ियों के लिए बेहतरीन मंच बताया
सारांश
Key Takeaways
- खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स आदिवासी खिलाड़ियों के लिए एक नया मंच है।
- मीराबाई चानू का समर्थन प्रेरणा का स्रोत है।
- प्रतिभागियों को सीखने और विकसित होने का मौका मिलेगा।
- आयोजन में 9 खेल शामिल हैं।
- यह आयोजन 25 मार्च से 3 अप्रैल तक होगा।
रायपुर, 25 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स (केआईटीजी) को आदिवासी खिलाड़ियों के लिए एक अद्भुत मंच माना है। उनका मानना है कि विभिन्न राज्यों के खिलाड़ियों के एक मंच पर आने से उन्हें कई महत्वपूर्ण बातों का अनुभव होगा।
भारत की प्रसिद्ध वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने 'राष्ट्र प्रेस' से कहा, "यह पहली बार है जब खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन हो रहा है और यह मेरे लिए बहुत खुशी की बात है। आदिवासी समुदाय से आने वाले खिलाड़ियों के लिए यह एक उत्कृष्ट मंच साबित होगा। मैं खुद एक खिलाड़ी हूं और मुझे पता है कि इस स्तर तक पहुंचने के लिए हमें कितनी मेहनत करनी होती है। इन खिलाड़ियों ने भी इसी तरह संघर्ष किया है। इससे उन्हें प्रेरणा मिलेगी।"
उन्होंने आगे कहा, "इंडिया ट्राइबल गेम्स में विभिन्न खेलों और राज्यों से आदिवासी खिलाड़ियों को अवसर मिलेगा। हमें कॉमनवेल्थ गेम्स में अन्य खिलाड़ियों से सीखने का मौका मिलता है, और मुझे उम्मीद है कि इंडिया ट्राइबल गेम्स में भाग लेने वाले खिलाड़ी भी ऐसा ही अनुभव करेंगे।"
चानू ने यह भी कहा, "जो भी खिलाड़ी इंडिया ट्राइबल गेम्स में भाग ले रहे हैं, मेरा संदेश है कि आप इस इवेंट को दिल से खेलें। अपने खेल से प्यार करना बेहद जरूरी है। मैं युवा खिलाड़ियों को यह सलाह देना चाहूंगी कि वे मेहनत करें और अपने कौशल का प्रदर्शन करें।"
साईखोम मीराबाई चानू ने 2020 टोक्यो ओलंपिक में महिलाओं के 49 किलोग्राम भारवर्ग में रजत पदक जीतकर एक नया इतिहास रचा था। वह ओलंपिक में रजत जीतने वाली पहली भारतीय महिला हैं। उन्होंने अपनी तैयारी के बारे में कहा, "मेरी तैयारियां अच्छे से चल रही हैं। वर्तमान में मेरा ध्यान कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स पर है। मैंने अब तक एशियन गेम्स में कोई पदक नहीं जीता है, इसलिए मैं उस पर ज्यादा ध्यान दे रही हूं। आगामी ओलंपिक की तैयारी भी जारी है।"
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन 25 मार्च से 3 अप्रैल तक होगा, जिसमें 30 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश 9 खेलों में भाग लेंगे। इन खेलों में तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, भारोत्तोलन और कुश्ती में पदक दिए जाएंगे। प्रदर्शनी खेलों में मल्लखंभ और कबड्डी जैसे पारंपरिक खेल शामिल होंगे।