20 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या सुनील छेत्री ने भारत में फुटबॉल को नया मुकाम दिया?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या सुनील छेत्री ने भारत में फुटबॉल को नया मुकाम दिया?

सारांश

सुनील छेत्री, भारतीय फुटबॉल का एक चमकता सितारा, जिन्होंने देश की फुटबॉल में न केवल अपने गोलों से बल्कि अपने अनूठे नेतृत्व से भी नई ऊंचाइयाँ छुई हैं। जानिए उनके सफर की रोचक कहानी और उनके अद्भुत कारनामे।

मुख्य बातें

सुनील छेत्री का जन्म फुटबॉल के परिवार में हुआ।
उन्होंने अपनी मेहनत से भारतीय टीम को कई जीत दिलाईं।
वे भारतीय फुटबॉल के सबसे बड़े गोल स्कोरर हैं।
छेत्री एक प्रेरणास्त्रोत हैं, विशेषकर युवा खिलाड़ियों के लिए।
वे कई पुरस्कारों से सम्मानित हो चुके हैं।

नई दिल्ली, 2 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। सुनील छेत्री भारतीय फुटबॉल के सबसे प्रमुख सितारों में से एक माने जाते हैं। उन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर भारतीय टीम को अनेक यादगार जीत दिलाई हैं। उनका समर्पण, फिटनेस और नेतृत्व युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं। गोल करने की उनकी अद्भुत क्षमता उन्हें एक 'लीजेंड' बनाती है।

सुनील छेत्री भारतीय फुटबॉल में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। अगर वैश्विक स्तर पर देखें, तो 152 मैचों में 95 गोल के साथ यह दिग्गज चौथे स्थान पर हैं।

3 अगस्त 1984 को सिकंदराबाद में जन्मे सुनील छेत्री के परिवार में फुटबॉल का गहरा रिश्ता है। उनके पिता केबी छेत्री, जो एक सैनिक थे, फुटबॉल खेलते थे। वहीं, उनकी मां सुशीला नेपाल की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम की सदस्य रह चुकी हैं।

पिता की नौकरी के कारण सुनील को अक्सर स्कूल बदलने पड़ते थे, पर फुटबॉल के प्रति उनका प्रेम कभी कम नहीं हुआ।

सुनील छेत्री ने कभी पेशेवर फुटबॉलर बनने का सोचा नहीं था। वे केवल अच्छे कॉलेज में दाखिला पाने के लिए खेलते थे, लेकिन किस्मत ने उन्हें कुछ और ही राह दिखाई।

जब वे 16 वर्ष के थे और 12वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहे थे, तब उन्हें कुआलालंपुर में एशियन स्कूल चैंपियनशिप में खेलने का आमंत्रण मिला। यह 2001 का समय था।

मोहन बागान ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और उन्हें आगामी घरेलू सत्र के लिए अपनी टीम में शामिल कर लिया। इसके बाद उन्होंने ईस्ट बंगाल, जेसीटी और डेम्पो जैसे प्रमुख क्लबों के लिए भी खेला।

साल 2005 में उन्होंने पहली बार सीनियर भारतीय फुटबॉल टीम में खेला, जहां उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ अपना पहला गोल किया। 2007 में उन्होंने 'नेहरू कप' में चार गोल करके टीम को ट्रॉफी जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

छेत्री ने 2008 के 'एफसी चैलेंज कप' में हैट्रिक बनाई और कुल चार गोल करके भारत को खिताब दिलाया। यहां से वे भारतीय फुटबॉल के 'पोस्टर ब्वॉय' बन गए।

2010 में वे यूएसए की मेजर लीग सॉकर में कैनसस सिटी विजार्ड्स से जुड़े, और विदेशी लीग में खेलने वाले तीसरे भारतीय फुटबॉलर बने।

सुनील छेत्री को 2012 में राष्ट्रीय टीम का कप्तान बनने का सम्मान मिला।

2015 में इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) में, मुंबई सिटी एफसी ने उन्हें अपने साथ जोड़ा। 2016 में उन्होंने मुंबई सिटी एफसी को प्लेऑफ में पहुंचाया और इस सीजन में हैट्रिक बनाने वाले पहले भारतीय बने।

'कैप्टन फैंटास्टिक' के नाम से मशहूर सुनील छेत्री ने अपने शानदार करियर में छह बार एआईएफएफ 'प्लेयर ऑफ द ईयर' पुरस्कार जीते।

उन्हें 2011 में 'अर्जुन अवॉर्ड' और 2019 में 'पद्म श्री' से सम्मानित किया गया। इसके बाद 2021 में उन्हें 'मेजर ध्यान चंद खेल रत्न अवॉर्ड' प्राप्त हुआ।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह युवा खिलाड़ियों के लिए एक उदाहरण भी प्रस्तुत करता है। उनका संघर्ष और सफलता इस बात का प्रमाण है कि मेहनत और समर्पण से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुनील छेत्री का जन्म कब और कहाँ हुआ?
सुनील छेत्री का जन्म 3 अगस्त 1984 को सिकंदराबाद में हुआ।
सुनील छेत्री ने कब से अपने करियर की शुरुआत की?
सुनील छेत्री ने 2005 में सीनियर भारतीय फुटबॉल टीम में खेलना शुरू किया।
क्या सुनील छेत्री को कोई पुरस्कार मिला है?
हां, सुनील छेत्री को अर्जुन अवॉर्ड और पद्म श्री जैसे कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले हैं।
सुनील छेत्री को कौन सा क्लब सबसे पहले मिला?
मोहन बागान ने सबसे पहले सुनील छेत्री की प्रतिभा को पहचाना और उन्हें अपनी टीम में शामिल किया।
सुनील छेत्री का फुटबॉल में क्या योगदान है?
सुनील छेत्री ने भारतीय फुटबॉल को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 1 साल पहले