राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय इम्फाल: रक्षा खडसे ने 325 एकड़ परिसर का निरीक्षण किया, 95% निर्माण पूरा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने 26 मई 2025 को इम्फाल स्थित राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय (NSU) के स्थायी परिसर का दौरा किया और निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इम्फाल पश्चिम के कौट्रुक में लगभग 325 एकड़ में फैले इस परिसर का 95 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। मंत्री ने इसी दौरे पर भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (NCOE), इम्फाल का भी निरीक्षण किया।
दौरे में कौन-कौन शामिल रहे
इस समीक्षा यात्रा में NSU के कुलपति दलजीत सिंह चौधरी, मणिपुर सरकार के खेल सचिव एन. प्रवीण सिंह, SAI के क्षेत्रीय निदेशक सी. धंदापानी तथा NSU और SAI के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री ने सुबह एथलीटों के दैनिक प्रशिक्षण सत्रों में स्वयं भाग लिया और वार्म-अप, सहनशक्ति प्रशिक्षण, स्ट्रेचिंग और खेल-विशिष्ट अभ्यास सत्रों का अवलोकन करते हुए खिलाड़ियों और कोचों से सीधी बातचीत की।
परिसर में क्या-क्या बन रहा है
परिसर में प्रशासनिक ब्लॉक, स्मार्ट कक्षाओं और प्रयोगशालाओं से सुसज्जित शैक्षणिक परिसर, पुस्तकालय, सभागार, खेल विज्ञान सुविधाएँ और लगभग 1,300 छात्रों व लगभग 60 संकाय सदस्यों के लिए आवासीय छात्रावास विकसित किए जा रहे हैं। मंत्री ने खेल शिक्षा, खेल विज्ञान, कोचिंग, खेल प्रौद्योगिकी, एथलीट विकास और अनुसंधान को एकीकृत करने वाले समग्र पारिस्थितिकी तंत्र की भी समीक्षा की।
मंत्री का बयान
खडसे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत खेल अवसंरचना, खिलाड़ी विकास और खेल शिक्षा में अभूतपूर्व निवेश देख रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि NSU भारतीय खेलों के भविष्य को आकार देने और विज्ञान, अनुसंधान व नवाचार पर आधारित एक सशक्त पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में केंद्रीय भूमिका निभाएगा। एथलीटों की मेहनत और अनुशासन की सराहना करते हुए उन्होंने उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का नाम रोशन करने के लिए प्रोत्साहित किया।
SAI उत्कृष्टता केंद्र की समीक्षा
SAI के NCOE इम्फाल में मंत्री ने फिजियोथेरेपी, रिकवरी, पोषण, खेल चिकित्सा, शरीर क्रिया विज्ञान और शक्ति एवं कंडीशनिंग से जुड़ी सुविधाओं का जायज़ा लिया। यह केंद्र पूर्वोत्तर क्षेत्र के कुलीन एथलीटों और उभरती प्रतिभाओं को वैज्ञानिक सहायता प्रदान करता है। गौरतलब है कि मणिपुर पारंपरिक रूप से भारतीय खेलों — विशेषकर मुक्केबाज़ी और भारोत्तोलन — में प्रतिभाओं की खान रहा है, और यह केंद्र उसी विरासत को संस्थागत रूप देने की कोशिश है।
आगे की राह
यह दौरा भारत सरकार की खेल शिक्षा को सुदृढ़ करने और वैज्ञानिक उच्च-प्रदर्शन पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। NSU का पूर्ण संचालन शुरू होने के बाद यह संस्थान अगली पीढ़ी के खेल पेशेवर, कोच और शोधकर्ता तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगा।