हुगली संकल्प 2026: फरक्का से कोलकाता तक NCC का 410 किमी नौकायन अभियान शुरू, 60 कैडेट रवाना
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल और सिक्किम निदेशालय के 60 एनसीसी कैडेट शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को फरक्का लॉकगेट जेटी से हुगली संकल्प 2026 बहु-जिला नदी नौकायन अभियान के तहत रवाना हुए। यह दल हुगली नदी के किनारे-किनारे फरक्का से कोलकाता तक 410 किलोमीटर की नदी यात्रा अगले 20 दिनों में पूरी करेगा।
अभियान का शुभारंभ और मुख्य अतिथि
पश्चिम बंगाल और सिक्किम निदेशालय, एनसीसी के अतिरिक्त महानिदेशक मेजर जनरल एपीएस चहल ने नागरिक और सैन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में अभियान को हरी झंडी दिखाई। फरक्का लॉकगेट जेटी पर आयोजित इस समारोह में धूमधाम के साथ ध्वजारोहण किया गया।
मेजर जनरल चहल ने अपने संबोधन में कहा कि यह अभियान महज एक पारंपरिक नौकायन यात्रा नहीं है, बल्कि एक 'फ्लोटिंग क्लासरूम' है। उन्होंने बताया कि इसमें चयनित कैडेट समुद्री कौशल में दक्षता हासिल करेंगे, चरित्र निर्माण करेंगे और नेतृत्व व टीमवर्क को आत्मसात करेंगे।
अभियान का मार्ग और प्रमुख पड़ाव
लड़के और लड़कियों सहित युवा नाविक पाल वाली नावों (व्हेल-बोट) पर यात्रा करेंगे, जिनके साथ नौसेना के प्रशिक्षित कर्मी मार्गदर्शन के लिए उपस्थित रहेंगे। यात्रा के दौरान दल सात प्रमुख स्थानों पर रुकेगा, जहाँ सामुदायिक विकास और सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे।
एक अधिकारी के अनुसार, 'अगले 20 दिनों में कैडेट नाव चलाने के कौशल, नौवहन तकनीक और टीम के रूप में काम करना सीखेंगे। नाव में सभी को समन्वय और अनुशासन के साथ काम करना होता है। ये पाल वाली नावें हैं, इसलिए बेहतर समन्वय और टीम वर्क की आवश्यकता होगी।'
पर्यावरण संरक्षण और हरित पहल
ध्वजारोहण समारोह के दौरान प्रतिभागियों ने 'एक पेड़ मां के नाम' पहल के अंतर्गत 150 पौधे लगाए। यह हरित अभियान मित्री मिट्टी ट्रस्ट के संस्थापक संजय जयसिंह के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसने इस रोमांचक यात्रा में सक्रिय पर्यावरण संरक्षण का आयाम जोड़ा।
कैडेटों के समक्ष चुनौतियाँ
यात्रा के दौरान कैडेटों को बारिश, आंधी-तूफान और तेज नदी धाराओं जैसी प्राकृतिक चुनौतियों का सामना करना होगा। गौरतलब है कि हुगली नदी का यह मार्ग भौगोलिक दृष्टि से जटिल है, जो इस अभियान को एक वास्तविक परीक्षा बनाता है।
राष्ट्रीय एकता और सामुदायिक संपर्क
तटीय पड़ावों पर एनसीसी कैडेट स्थानीय जनता से संवाद करेंगे, स्थानीय संस्कृति और रीति-रिवाजों को जानेंगे तथा राष्ट्रीय एकता का संदेश फैलाएँगे। मेजर जनरल चहल ने नौसेना एनसीसी इकाइयों के समन्वय और सावधानीपूर्वक योजना की सराहना करते हुए दल को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। 20 दिनों की यह चुनौतीपूर्ण यात्रा अनुशासन, साहस और राष्ट्रसेवा की भावना की परख करेगी।