गंगा की लहरों पर पीएम मोदी : नाविक गौरंग बिस्वास बोले — 'सपने जैसा था वह पल'
सारांश
Key Takeaways
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 अप्रैल, शुक्रवार को कोलकाता में हुगली नदी के तट पर सुबह का समय बिताया।
- नाविक गौरंग बिस्वास की नाव पर सवार होकर पीएम ने गंगा के बीचोंबीच यात्रा की।
- गौरंग बिस्वास ने कहा — पीएम ने सिर्फ एक बार नाम पूछा, लेकिन यह पल उनके लिए किसी सपने जैसा था।
- पीएम ने हाथ में कैमरा लेकर हुगली नदी, विद्यासागर सेतु और हावड़ा ब्रिज की तस्वीरें खींचीं।
- पीएम ने 'एक्स' पर लिखा कि गंगा बंगाल की आत्मा में बसती है और उन्होंने बंगाल के विकास की प्रतिबद्धता दोहराई।
- यह दौरा पश्चिम बंगाल चुनाव के माहौल में राजनीतिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कोलकाता, 24 अप्रैल — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान शुक्रवार की सुबह कोलकाता में हुगली नदी के तट पर विशेष समय बिताया। उन्होंने मां गंगा के प्रति श्रद्धा व्यक्त की और स्थानीय नाविकों तथा सुबह सैर करने वाले नागरिकों से मुलाकात की। इस दौरान नाविक गौरंग बिस्वास की नाव पर सवार होकर पीएम ने नदी के बीचोंबीच यात्रा की, जो बिस्वास के लिए जीवन का सबसे अविस्मरणीय क्षण बन गया।
नाविक गौरंग बिस्वास का भावुक बयान
समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए नाविक गौरंग बिस्वास ने कहा, "उन्हें देखकर मैं बिल्कुल हैरान रह गया। प्रधानमंत्री ने खुद अपने कैमरे से तस्वीरें लीं और उनके कहने पर मैं नाव को गंगा के बीचोंबीच ले गया।"
बिस्वास ने आगे कहा, "उन्होंने मुझसे सिर्फ एक बार मेरा नाम पूछा — बस इतना ही। लेकिन वह एक पल मेरे लिए किसी सपने जैसा था। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कभी मेरी नाव पर सवारी करेंगे।" उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने पीएम मोदी के साथ एक फोटो भी ली, जो उनके लिए अमूल्य धरोहर बन गई है।
पीएम मोदी का गंगा के प्रति आभार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, "हर बंगाली के लिए गंगा का एक बेहद खास स्थान है। यह कहा जा सकता है कि गंगा बंगाल की आत्मा में बसती है। इसका पवित्र जल एक पूरी सभ्यता की शाश्वत भावना को अपने साथ समेटे हुए है।"
उन्होंने लिखा, "शुक्रवार की सुबह कोलकाता में मैंने हुगली नदी के तट पर कुछ समय बिताया। यह मां गंगा के प्रति आभार व्यक्त करने का एक दुर्लभ अवसर था।"
नाविकों और नागरिकों से मुलाकात
पीएम मोदी ने हुगली के किनारे सुबह की सैर करने वाले नागरिकों और नाविकों से मुलाकात की। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, "मुझे नाव चलाने वालों से मिलने का भी अवसर मिला, जिनकी कड़ी मेहनत सराहनीय है।" उन्होंने पश्चिम बंगाल के विकास और बंगाली जनता की समृद्धि के लिए काम करने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।
इस दौरान पीएम ने हाथ में कैमरा थामे हुए नदी की तस्वीरें खींचीं और विद्यासागर सेतु तथा हावड़ा ब्रिज का करीब से नजारा लिया। उन्होंने एक अन्य पोस्ट में लिखा, "मैंने इस नदी की तस्वीरें खींचने की कोशिश की। साथ ही मुझे विद्यासागर सेतु और हावड़ा ब्रिज की करीब से झलक देखने को मिली।"
राजनीतिक संदर्भ और रणनीतिक महत्व
यह यात्रा ऐसे समय में हुई जब पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल गरम है। भाजपा बंगाल में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए लगातार प्रयासरत है और पीएम मोदी का गंगा तट पर यह भावनात्मक दौरा स्थानीय मतदाताओं से सांस्कृतिक जुड़ाव स्थापित करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। गौरतलब है कि गंगा और हुगली बंगाली संस्कृति और धार्मिक आस्था का केंद्र रही हैं, और इस पहलू को छूना राजनीतिक दृष्टि से भी अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है।
आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल में भाजपा और अन्य दलों की चुनावी सरगर्मियां और तेज होने की संभावना है। पीएम मोदी का यह दौरा जमीनी स्तर पर आम नागरिकों से जुड़ाव की उनकी शैली को एक बार फिर उजागर करता है।