27 जून 2026
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उद्धव ठाकरे का खुलासा: CM फडणवीस संग फ्लाइट में हुई 'हाई लेवल' बातचीत, नतीजे जल्द आएंगे सामने

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उद्धव ठाकरे का खुलासा: CM फडणवीस संग फ्लाइट में हुई 'हाई लेवल' बातचीत, नतीजे जल्द आएंगे सामने

सारांश

मुंबई-नागपुर फ्लाइट में CM फडणवीस और उद्धव ठाकरे की अचानक मुलाकात महज संयोग नहीं लगती — उद्धव ने खुद 'हाई लेवल' चर्चा की पुष्टि की और नतीजों का इंतजार करने को कहा। यवतमाल दौरे में बागी सांसदों पर '50 खोखे' वाला तीखा हमला और मतदाताओं से माफी — शिवसेना (यूबीटी) की नई रणनीति का संकेत।

मुख्य बातें

उद्धव ठाकरे ने 27 जून को यवतमाल में पुष्टि की कि CM देवेंद्र फडणवीस के साथ मुंबई-नागपुर फ्लाइट में 'हाई लेवल' बातचीत हुई।
बातचीत के नतीजे आने वाले दिनों में सामने आने का संकेत दिया; विस्तार नहीं बताया।
शिवसेना (यूबीटी) के 6 लोकसभा सांसद एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो चुके हैं; यह उनका पहला बड़ा जनसंपर्क दौरा है।
ठाकरे ने बागी सांसदों पर आरोप लगाया कि उन्हें दल बदलने के लिए 50 करोड़ रुपए से अधिक दिए गए।
सांसद संजय दीना पाटिल का नाम लेकर पत्रकारों के अपमान पर नाराजगी जताई; कहा — यह महाराष्ट्र की संस्कृति नहीं।
मतदाताओं से माफी मांगने और वफादार शिवसैनिकों से जुड़ने के लिए वाशिम-यवतमाल क्षेत्र का दौरा।

शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने 27 जून को यवतमाल में मीडिया से बातचीत के दौरान पहली बार स्वीकार किया कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ एक कमर्शियल फ्लाइट में उनकी 'हाई लेवल' चर्चा हुई थी, और इस बातचीत के नतीजे आने वाले दिनों में सामने आएंगे। पिछले दो दिनों से महाराष्ट्र की राजनीति में इस अप्रत्याशित मुलाकात को लेकर जो अटकलें चल रही थीं, उन पर ठाकरे के इस बयान ने और अधिक रहस्य की परत चढ़ा दी है।

फ्लाइट में अचानक हुई मुलाकात

शुक्रवार को उद्धव ठाकरे अपने पुत्र आदित्य ठाकरे, वरिष्ठ नेता संजय राउत और अनिल देसाई के साथ मुंबई से नागपुर जाने वाली एक कमर्शियल फ्लाइट में सवार थे। उसी विमान में संयोगवश मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद थे। राजनीतिक रूप से विपरीत ध्रुवों पर खड़े इन दोनों नेताओं की इस अनायास भेंट ने महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी थी।

यवतमाल में मीडिया से बातचीत में ठाकरे ने कहा, 'फ्लाइट में मुख्यमंत्री के साथ हमारी हाई-लेवल चर्चा हुई। शुक्रवार की बैठक में क्या बात हुई और क्या फैसला हुआ, यह आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा।' उन्होंने इससे अधिक कोई ब्यौरा नहीं दिया, जिससे राजनीतिक हलकों में अटकलों का दौर जारी है।

बागी सांसदों पर सीधा हमला

उद्धव ठाकरे इस समय वाशिम-यवतमाल संसदीय क्षेत्र के दौरे पर हैं, जो बागी नेता संजय देशमुख का क्षेत्र माना जाता है। शिवसेना (यूबीटी) के छह लोकसभा सांसदों के एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने के बाद यह उनका पहला बड़ा जनसंपर्क अभियान है।

बागी सांसदों के इस दावे को कि विकास कार्यों के लिए फंड न मिलने के कारण उन्होंने पार्टी छोड़ी, ठाकरे ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन 'फंड' की बात की जा रही है, वह दरअसल दल बदलने के एवज में दिया गया पैसा था। चर्चित '50 खोखे' नारे का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा, 'विदर्भ में बैल पोला पर्व के दौरान बैलों पर भी '50 खोखे' लिखे गए थे। तब विधायकों को 50 करोड़ रुपए मिले थे, अब सोचिए सांसदों को कितना मिला होगा।'

मतदाताओं से माफी की अपील

ठाकरे ने कहा कि ये सभी बागी सांसद उनके प्रचार की बदौलत चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे। उन्होंने कहा, 'मैंने इनके लिए प्रचार किया, लोगों से वोट मांगे और मेरी अपील पर ये चुनाव जीते। आज वही लोग भूल गए कि उन्हें जनता ने मेरे भरोसे जिताया था।'

उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका यह दौरा पुराने और वफादार शिवसैनिकों से पुनः जुड़ने और उन मतदाताओं से माफी मांगने के लिए है, जिन्होंने शिवसेना और बालासाहेब ठाकरे के नाम पर वोट दिया था। उन्होंने कहा, 'मतदाताओं ने उम्मीदवार का चेहरा नहीं देखा, बल्कि शिवसेना, बालासाहेब ठाकरे और हमारी मशाल चुनाव चिन्ह पर भरोसा करके वोट दिया। मैं उन्हीं मतदाताओं से माफी मांगने निकला हूं।'

पत्रकारों के अपमान पर नाराजगी

ठाकरे ने हाल के दिनों में पत्रकारों के साथ हुई कथित अभद्रता पर भी कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने लोकसभा सांसद संजय दीना पाटिल का नाम लेते हुए कहा कि पत्रकारों के साथ अपशब्दों का इस्तेमाल करना महाराष्ट्र की संस्कृति नहीं है। उन्होंने कहा, 'शिवसैनिक और पत्रकार हमेशा मेरे साथ रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया, उससे मुझे शर्म महसूस होती है। गुस्सा जाहिर किया जा सकता है, लेकिन पत्रकारों का अपमान करना और उन्हें गालियां देना महाराष्ट्र की संस्कृति नहीं है।'

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में शिवसेना विभाजन के बाद से उद्धव खेमे और शिंदे खेमे के बीच जमीनी स्तर पर तनाव बना हुआ है। आने वाले दिनों में फडणवीस के साथ हुई 'हाई लेवल' बातचीत के नतीजे महाराष्ट्र की राजनीतिक दिशा तय कर सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

न इनकार, बस सस्पेंस। यह महाराष्ट्र की उस राजनीतिक शैली का हिस्सा है जहाँ संकेत ही संदेश होता है। असली सवाल यह है कि क्या यह बातचीत महज शिष्टाचार थी, या शिवसेना विभाजन के बाद किसी बड़े राजनीतिक पुनर्गठन की भूमिका। छह बागी सांसदों के जाने के बाद उद्धव का जनसंपर्क अभियान जरूरी कदम है, लेकिन '50 खोखे' जैसे आरोप बिना साक्ष्य के केवल भावनात्मक अपील बनकर रह जाते हैं। मतदाताओं से माफी मांगना नैतिक रूप से साहसी है, पर पार्टी को संगठनात्मक रूप से पुनर्जीवित करने के लिए माफी से कहीं अधिक की जरूरत होगी।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उद्धव ठाकरे और CM फडणवीस की फ्लाइट में क्या बातचीत हुई?
उद्धव ठाकरे ने 27 जून को यवतमाल में बताया कि मुंबई से नागपुर जाने वाली कमर्शियल फ्लाइट में CM देवेंद्र फडणवीस के साथ 'हाई लेवल' चर्चा हुई। बातचीत का विस्तृत ब्यौरा उन्होंने नहीं दिया, लेकिन कहा कि नतीजे आने वाले दिनों में सामने आएंगे।
उद्धव ठाकरे यवतमाल दौरे पर क्यों गए?
उद्धव ठाकरे का यह दौरा शिवसेना (यूबीटी) के 6 लोकसभा सांसदों के एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने के बाद पहला बड़ा जनसंपर्क अभियान है। वे वफादार शिवसैनिकों से पुनः जुड़ने और उन मतदाताओं से माफी मांगने गए हैं जिन्होंने बालासाहेब ठाकरे के नाम पर वोट दिया था।
उद्धव ठाकरे ने बागी सांसदों पर क्या आरोप लगाए?
ठाकरे ने आरोप लगाया कि बागी सांसदों ने विकास फंड न मिलने के बहाने पार्टी नहीं छोड़ी, बल्कि उन्हें दल बदलने के एवज में पैसे दिए गए। '50 खोखे' नारे का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि विधायकों को 50 करोड़ रुपए मिले थे, सांसदों को उससे भी अधिक मिले होंगे।
संजय दीना पाटिल विवाद क्या है?
उद्धव ठाकरे ने लोकसभा सांसद संजय दीना पाटिल का नाम लेकर पत्रकारों के साथ हुई कथित अभद्रता पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को गालियाँ देना और उनका अपमान करना महाराष्ट्र की संस्कृति के खिलाफ है।
शिवसेना (यूबीटी) में अभी कितने लोकसभा सांसद बचे हैं?
शिवसेना (यूबीटी) के 6 लोकसभा सांसदों के एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने के बाद पार्टी की संसदीय ताकत में उल्लेखनीय कमी आई है। उद्धव ठाकरे का यवतमाल दौरा इसी नुकसान की भरपाई के लिए जमीनी संपर्क अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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