11 अगस्त 2026
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मानखुर्द पुलिस ने एटीएम कार्ड बदलकर ₹19,000 की ठगी करने वाले दो आरोपियों को दबोचा

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मानखुर्द पुलिस ने एटीएम कार्ड बदलकर ₹19,000 की ठगी करने वाले दो आरोपियों को दबोचा

सारांश

मुंबई के मानखुर्द में एचडीएफसी एटीएम पर एक महिला का कार्ड बदलकर ₹19,000 उड़ाने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने सीसीटीवी और स्थानीय सूत्रों की मदद से उनके घरों से दबोचा। कार्ड स्वैपिंग की यह घटना महानगरों में बढ़ते एटीएम अपराध की चिंताजनक तस्वीर पेश करती है।

मुख्य बातें

मानखुर्द पुलिस ने 11 अगस्त 2026 को एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
घटना 5 अगस्त को मंगलमूर्ति जंक्शन स्थित एचडीएफसी एटीएम पर हुई; पीड़िता के खाते से ₹19,000 निकाले गए।
क्राइम सप्रेशन टीम ने सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय सूचना के आधार पर तीन संदिग्धों की पहचान की; दो को गिरफ्तार किया।
आरोपियों के पास से लगभग ₹8,000 मूल्य का चोरी का सामान बरामद।
जाँच पुलिस आयुक्त देवेन भारती तथा ईस्ट डिवीजन व ट्रॉम्बे यूनिट के अधिकारियों की देखरेख में की गई।
तीसरे संदिग्ध की तलाश अभी जारी है।

मुंबई की मानखुर्द पुलिस ने 11 अगस्त 2026 को एटीएम कार्ड बदलकर धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपियों को उनके घरों से गिरफ्तार किया। यह मामला 5 अगस्त को मंगलमूर्ति जंक्शन, मानखुर्द स्थित एचडीएफसी बैंक एटीएम पर एक महिला के साथ हुई ठगी से जुड़ा है, जिसमें उसके खाते से ₹19,000 निकाल लिए गए थे।

घटना का घटनाक्रम

5 अगस्त को जब पीड़िता मंगलमूर्ति जंक्शन के एचडीएफसी एटीएम में पैसे निकालने गई, तो एक अज्ञात व्यक्ति ने उसका पिन नंबर देख लिया और चुपके से उसका असली एटीएम कार्ड बदलकर दूसरा कार्ड थमा दिया। इसके बाद आरोपियों ने चोरी किए गए कार्ड और देखे गए पिन का उपयोग कर पीड़िता के बैंक खाते से ₹19,000 निकाल लिए।

पीड़िता को धोखाधड़ी का एहसास होने पर उसने तत्काल मानखुर्द पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत मामला पंजीकृत किया गया।

जाँच और गिरफ्तारी

मानखुर्द पुलिस की क्राइम सप्रेशन टीम ने सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर तीन संदिग्धों की पहचान की। इसके बाद स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय करते हुए टीम ने दो आरोपियों को उनके घरों से दबोच लिया। जाँच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपियों ने अन्य साथियों के साथ मिलकर यह ठगी की थी।

अधिकारियों ने आरोपियों के पास से लगभग ₹8,000 मूल्य का चोरी का सामान बरामद किया। जाँच में उस एटीएम का सीसीटीवी फुटेज भी अहम साक्ष्य के रूप में शामिल किया गया, जहाँ से अंतिम बार अवैध रूप से नकदी निकाली गई थी।

वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी

यह पूरी जाँच और गिरफ्तारी मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती तथा ईस्ट डिवीजन व ट्रॉम्बे यूनिट के वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में संपन्न हुई। स्टेशन टीम ने तकनीकी सहायता प्रदान कर इस कार्रवाई को अंजाम तक पहुँचाया।

आम जनता पर असर और सावधानी

एटीएम कार्ड बदलने की यह ठगी की तकनीक — जिसे 'कार्ड स्वैपिंग' कहा जाता है — मुंबई जैसे महानगरों में बढ़ती जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब डिजिटल भुगतान के साथ-साथ एटीएम धोखाधड़ी के मामले भी तेज़ी से बढ़ रहे हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे एटीएम में पिन डालते समय सावधानी बरतें और किसी अनजान व्यक्ति की मदद न लें।

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और तीसरे संदिग्ध की तलाश अभी भी चल रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मुंबई जैसे शहर में इसका बार-बार सामने आना यह दर्शाता है कि बैंकों और पुलिस दोनों की निवारक व्यवस्था अभी पर्याप्त नहीं है। सीसीटीवी से आरोपी पकड़े जाना प्रतिक्रियात्मक सफलता है — असली सवाल यह है कि एटीएम बूथ पर गार्ड की अनुपस्थिति और पिन-शील्डिंग तकनीक की कमी को कब तक नज़रअंदाज़ किया जाएगा। तीसरा संदिग्ध अभी फरार है, जो दर्शाता है कि यह संगठित गिरोह था — और एकल घटना नहीं।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मानखुर्द एटीएम धोखाधड़ी मामले में क्या हुआ?
5 अगस्त 2026 को मुंबई के मानखुर्द स्थित एचडीएफसी एटीएम पर एक महिला का कार्ड बदलकर उसके खाते से ₹19,000 निकाल लिए गए। मानखुर्द पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से दो आरोपियों को उनके घरों से गिरफ्तार किया।
एटीएम कार्ड स्वैपिंग धोखाधड़ी कैसे होती है?
इस तरीके में ठग एटीएम पर मौजूद व्यक्ति का पिन नंबर देखते हैं और फिर असली कार्ड की जगह दूसरा कार्ड थमा देते हैं। चोरी किए गए कार्ड और पिन से खाते से नकदी निकाल ली जाती है। यह तकनीक भीड़भाड़ वाले एटीएम बूथ पर अधिक प्रयोग होती है।
गिरफ्तार आरोपियों के पास से क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने आरोपियों के पास से लगभग ₹8,000 मूल्य का चोरी का सामान बरामद किया। साथ ही उस एटीएम का सीसीटीवी फुटेज भी साक्ष्य के रूप में जब्त किया गया जहाँ से अंतिम बार अवैध निकासी हुई थी।
इस मामले की जाँच की निगरानी किसने की?
जाँच और गिरफ्तारी मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती तथा ईस्ट डिवीजन व ट्रॉम्बे यूनिट के वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में की गई। मानखुर्द पुलिस की क्राइम सप्रेशन टीम ने तकनीकी सहायता से यह कार्रवाई अंजाम दी।
एटीएम पर ठगी से बचने के लिए क्या सावधानियाँ बरतें?
पिन डालते समय कीपैड को हाथ से ढकें और किसी अनजान व्यक्ति की मदद न लें। लेन-देन के बाद अपना कार्ड ध्यान से जाँचें कि वह आपका ही है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल बैंक और पुलिस को सूचित करें।
राष्ट्र प्रेस
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