22 सितंबर 2026
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दिल्ली में ATM कार्ड बदलकर ठगी: मयूर विहार पुलिस ने आसिफ को दबोचा, 3 कार्ड बरामद

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दिल्ली में ATM कार्ड बदलकर ठगी: मयूर विहार पुलिस ने आसिफ को दबोचा, 3 कार्ड बरामद

सारांश

त्रिलोकपुरी के एक्सिस बैंक ATM में कार्ड बदलकर ठगी करने वाले आसिफ को मयूर विहार पुलिस ने रंगे हाथों पकड़ा। 6 थानों में पहले से दर्ज मामलों वाला यह शातिर खासतौर पर कम तकनीक-जानकार लोगों को निशाना बनाता था। एक साथी अभी भी फरार है।

मुख्य बातें

मयूर विहार पुलिस ने 22 सितंबर 2026 को ATM कार्ड-बदलकर ठगी करने वाले आसिफ (30) को गिरफ्तार किया।
आरोपी लोनी, गाजियाबाद का निवासी है और उसके पास से 3 एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं।
घटना 17 सितंबर 2026 को त्रिलोकपुरी के एक्सिस बैंक ATM पर हुई; एफआईआर नंबर 416/2026 दर्ज।
आरोपी पहले से 6 थानों — कृष्णा नगर, मानसरोवर पार्क, बुराड़ी, साइबर नॉर्थ-ईस्ट, जगतपुरी, हर्ष विहार — में मामलों में शामिल।
आसिफ का एक साथी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

पूर्वी दिल्ली की मयूर विहार पुलिस ने 22 सितंबर 2026 को एटीएम में कार्ड-बदलकर ठगी करने वाले एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया। आरोपी ग्राहकों का ध्यान भटकाकर उनका एटीएम पिन देख लेता था, फिर असली कार्ड बदलकर हमशक्ल कार्ड थमा देता था और बाद में उनके खाते से रकम निकाल लेता था। पुलिस ने उसके पास से 3 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस उपायुक्त (पूर्वी जिला) राजीव कुमार के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान आसिफ (उम्र 30 वर्ष) के रूप में हुई है, जो लोनी, गाजियाबाद का निवासी है। वह इससे पहले 6 आपराधिक मामलों में शामिल रह चुका है।

घटना 17 सितंबर 2026 की सुबह 11 बजकर 15 मिनट की है। शिकायतकर्ता मो. गालिब हुसैन त्रिलोकपुरी स्थित एक्सिस बैंक के एटीएम बूथ पर नकद निकालने पहुँचे थे। उसी दौरान दो अज्ञात व्यक्तियों ने उनसे बातचीत शुरू कर दी और उनका ध्यान भटकाते हुए एटीएम पिन देख लिया। इसके बाद धोखे से उनका असली कार्ड निकालकर उसकी जगह हूबहू दिखने वाला दूसरा कार्ड उनके हाथ में थमा दिया।

शिकायतकर्ता की सतर्कता से हुई पकड़

जब गालिब हुसैन को संदेह हुआ और उन्होंने कार्ड जाँचा, तो वह उनका नहीं था। उन्होंने आस-पास के एटीएम बूथों पर तलाश शुरू की और त्रिलोकपुरी में ही एक्सिस बैंक के दूसरे एटीएम पर उन्हीं संदिग्धों को देख लिया। सामना होते ही दोनों भागने लगे, लेकिन पुलिस की तेज़ कार्रवाई से एक आरोपी आसिफ को मौके पर ही दबोच लिया गया। इस मामले में मयूर विहार थाने में एफआईआर नंबर 416/2026 दर्ज की गई है।

ठगी का तरीका

पूछताछ में आसिफ ने बताया कि वह और उसका साथी मिलकर खासतौर पर उन्हीं लोगों को निशाना बनाते थे जो एटीएम का इस्तेमाल सहजता से नहीं कर पाते थे। बूथ के अंदर बातों में उलझाकर पिन देखना और फिर कार्ड बदल देना उनकी रणनीति थी। बाद में उस कार्ड से अवैध वित्तीय लेन-देन किए जाते थे। पुलिस के अनुसार, आसिफ का एक साथी अभी भी फरार है, जिसकी सक्रिय रूप से तलाश की जा रही है।

पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और खुलासे

आरोपी के खिलाफ कृष्णा नगर, मानसरोवर पार्क, बुराड़ी, साइबर नॉर्थ-ईस्ट, जगतपुरी और हर्ष विहार थानों में पहले से मामले दर्ज हैं। इस गिरफ्तारी से दो मामलों का खुलासा हुआ है — मयूर विहार का मौजूदा मामला और पीआईए पुलिस स्टेशन की एक ई-एफआईआर। यह कार्रवाई मयूर विहार के एसीपी की देखरेख और एसएचओ इंस्पेक्टर दिनेश मोरल के निर्देशन में अंजाम दी गई।

आगे की जाँच

पुलिस अब अन्य संभावित पीड़ितों की पहचान, अवैध वित्तीय लेन-देन की जाँच और ऐसे अन्य मामलों से इस गिरोह के संबंध की पड़ताल कर रही है। गौरतलब है कि एटीएम कार्ड-बदलकर ठगी की यह शैली दिल्ली-एनसीआर में बुजुर्गों और कम तकनीक-जानकार लोगों को विशेष रूप से प्रभावित करती रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इस बार एक सतर्क पीड़ित की वजह से पकड़ में आई — न कि पुलिस की नियमित गश्त से। आसिफ का 6 थानों में पहले से रिकॉर्ड होना यह सवाल उठाता है कि बार-बार गिरफ्तारी के बावजूद यह गिरोह क्यों सक्रिय रहा। असली चिंता यह है कि एक साथी अभी भी फरार है, और जब तक पूरे नेटवर्क की जाँच नहीं होती, बुजुर्ग व तकनीक में कमज़ोर एटीएम उपयोगकर्ता जोखिम में बने रहेंगे।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली ATM कार्ड बदलकर ठगी का मामला क्या है?
17 सितंबर 2026 को त्रिलोकपुरी के एक्सिस बैंक ATM पर आरोपी आसिफ और उसके साथी ने शिकायतकर्ता मो. गालिब हुसैन का ध्यान भटकाकर उनका ATM पिन देखा और असली कार्ड बदलकर नकली थमा दिया। मयूर विहार पुलिस ने 22 सितंबर को आसिफ को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी आसिफ कौन है और उसका आपराधिक इतिहास क्या है?
आसिफ (30 वर्ष) लोनी, गाजियाबाद का रहने वाला है। वह कृष्णा नगर, मानसरोवर पार्क, बुराड़ी, साइबर नॉर्थ-ईस्ट, जगतपुरी और हर्ष विहार थानों में पहले से 6 मामलों में आरोपी है।
ATM कार्ड बदलने की यह ठगी कैसे काम करती थी?
आरोपी एटीएम बूथ के अंदर पीड़ित से बातचीत में उलझाकर उनका पिन देख लेता था, फिर चुपके से असली कार्ड निकालकर हूबहू दिखने वाला दूसरा कार्ड पीड़ित को थमा देता था। बाद में असली कार्ड से अवैध निकासी की जाती थी। खासतौर पर कम तकनीक-जानकार लोगों को निशाना बनाया जाता था।
इस मामले में कितने लोग शामिल हैं और क्या कोई फरार है?
इस ठगी में आसिफ और उसका एक साथी शामिल थे। आसिफ को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका साथी अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है।
पुलिस इस गिरफ्तारी के बाद आगे क्या कदम उठा रही है?
पुलिस अन्य संभावित पीड़ितों की पहचान, अवैध वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जाँच और फरार साथी की गिरफ्तारी की कोशिश कर रही है। साथ ही दिल्ली-एनसीआर में ऐसे अन्य मामलों से इस गिरोह के संबंध की पड़ताल भी की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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