30 सितंबर 2026
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ईवीएम पर दोषारोपण बंद करें राहुल गांधी: शाइना एनसी का पलटवार, बेला एस्टेट विवाद पर भी घेरा

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ईवीएम पर दोषारोपण बंद करें राहुल गांधी: शाइना एनसी का पलटवार, बेला एस्टेट विवाद पर भी घेरा

सारांश

शिवसेना नेता शाइना एनसी ने राहुल गांधी के बेला एस्टेट और ईवीएम बयान पर सीधा पलटवार किया — जीत में जनादेश और हार में ईवीएम दोष, यह दोहरी राजनीति बंद हो। उद्धव ठाकरे पर 'घर से काम' का तंज और खड़गे को 'पपेट' बताना — एक ही बयान में कई मोर्चों पर कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक को घेरा।

मुख्य बातें

शाइना एनसी ने 30 सितंबर 2026 को मुंबई में राहुल गांधी के ईवीएम और एसआईआर संबंधी बयानों पर कड़ा पलटवार किया।
राहुल गांधी ने दावा किया था कि बेला एस्टेट में 728 में से 727 नाम मतदाता सूची से काटे गए; शाइना ने इसे 2023 के न्यायालय के आदेश और बीएलओ की तीन बार की जाँच से खारिज किया।
शाइना एनसी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस तेलंगाना-कर्नाटक की जीत को जनादेश और दिल्ली-महाराष्ट्र-बिहार-पश्चिम बंगाल की हार को ईवीएम छेड़छाड़ बताती है।
उद्धव ठाकरे पर तंज — 'घर से काम करने वालों को घर रहने की आदत'; इंडिया ब्लॉक में कुछ नहीं बचा।
मल्लिकार्जुन खड़गे को राहुल गांधी का 'पपेट' बताया।
ठाणे की घटना को 'चौंकाने वाला' बताया, मुंबई पुलिस की जाँच पर भरोसा जताया।

शिवसेना नेता शाइना एनसी ने 30 सितंबर 2026 को मुंबई में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के एसआईआर और ईवीएम संबंधी बयानों पर कड़ा पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस की यह दोहरी नीति अब जनता के सामने बेनकाब हो चुकी है। शाइना एनसी के अनुसार, जब भी कांग्रेस किसी राज्य में चुनाव जीतती है तो उसे 'जनता का जनादेश' कहा जाता है, लेकिन हार की स्थिति में ईवीएम को कठघरे में खड़ा कर दिया जाता है।

बेला एस्टेट विवाद पर सीधा जवाब

राहुल गांधी ने हाल ही में दावा किया था कि यमुना किनारे स्थित बेला एस्टेट में 728 लोग निवास करते हैं और एसआईआर (विशेष सारांश पुनरीक्षण) के बाद मतदाता सूची में केवल एक नाम शेष बचा जबकि 727 नाम काट दिए गए।

इस पर शाइना एनसी ने कहा कि राहुल गांधी को पहले अपने तथ्यों की जाँच करनी चाहिए। उन्होंने कहा, '2023 में बेला एस्टेट मामले में माननीय न्यायालय ने स्वयं कहा था कि यह यमुना पर एक गैरकानूनी कब्जा है। जब बीएलओ मौके पर गए तो उन्होंने जाँच की और पाया कि वहाँ कोई घर नहीं था और कोई मतदाता भी नहीं था — वे तीन बार वहाँ गए।'

शाइना एनसी ने आगे कहा कि एसडीएम को हटाने की माँग करके और 'मैं देख लूंगा' कहकर अवैध कब्जेदारों का समर्थन करना उचित नहीं है।

ईवीएम विवाद: दोहरे मानदंड का आरोप

शाइना एनसी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि तेलंगाना और कर्नाटक में जीत को जनादेश बताना और दिल्ली, महाराष्ट्र, बिहार तथा पश्चिम बंगाल में हार के बाद ईवीएम पर दोष मढ़ना कांग्रेस की विरोधाभासी राजनीति को उजागर करता है। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी को अपनी मानसिकता बदलने की ज़रूरत है।'

गौरतलब है कि ईवीएम की विश्वसनीयता पर विपक्ष का यह सवाल कोई नया नहीं है — यह बहस वर्षों से चुनावी परिणामों के बाद उठती रही है, परंतु चुनाव आयोग इन आरोपों को हर बार तथ्यहीन बताता रहा है।

इंडिया ब्लॉक और उद्धव ठाकरे पर तंज

इंडिया गठबंधन की बैठक के संदर्भ में शाइना एनसी ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग घर से काम करते हैं, उनके लिए घर पर रहना आदत बन जाती है। उन्होंने कहा कि इंडिया ब्लॉक गठबंधन में अब कुछ भी नहीं बचा है और वर्चुअल प्रतिबद्धता, फेसबुक लाइव या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से ज़मीनी राजनीति नहीं होती।

खड़गे पर 'पपेट' वाला बयान

शाइना एनसी ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी का 'पपेट' करार दिया — यह एक तीखा आरोप है जो पार्टी नेतृत्व की स्वायत्तता पर सवाल उठाता है।

ठाणे घटना पर प्रतिक्रिया

महाराष्ट्र के ठाणे में हाल ही में हुई एक घटना पर शाइना एनसी ने कहा कि यह घटना चौंकाने वाली है और यह महाराष्ट्र की संस्कृति अथवा सभ्यता के अनुरूप नहीं है। उन्होंने बताया कि पुलिस और प्रशासन जाँच में जुटे हैं, फोरेंसिक विशेषज्ञों को बुलाया गया है और सीसीटीवी फुटेज की जाँच की जा रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि मुंबई पुलिस इस मामले का निष्पक्ष खुलासा करेगी।

यह ऐसे समय में आया है जब राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ है और विभिन्न राज्यों में होने वाले आगामी चुनावों की पृष्ठभूमि में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ईवीएम विवाद की बहस को नई ज़मीन नहीं देता — यह एक जाना-पहचाना सत्तापक्षीय जवाब है जो विपक्ष की हर हार के बाद दोहराया जाता है। असली सवाल यह है कि बेला एस्टेट में बीएलओ की जाँच की स्वतंत्र पुष्टि हुई या नहीं — न्यायालय के 2023 के आदेश का उल्लेख ज़रूरी संदर्भ है, पर वह मतदाता सूची संशोधन की प्रक्रिया की पारदर्शिता का विकल्प नहीं बन सकता। इंडिया ब्लॉक पर तंज राजनीतिक है, किंतु यह भी सच है कि गठबंधन के भीतर समन्वय को लेकर सवाल उठते रहे हैं। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इन बयानों को आमने-सामने की लड़ाई की तरह पेश करती है — असली मुद्दा मतदाता सूची की विश्वसनीयता और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता है, जिस पर गहरी पड़ताल ज़रूरी है।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शाइना एनसी ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
शाइना एनसी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस तेलंगाना-कर्नाटक जैसे राज्यों में जीत को जनादेश बताते हैं, जबकि दिल्ली, महाराष्ट्र, बिहार और पश्चिम बंगाल में हार पर ईवीएम को दोष देते हैं। उन्होंने राहुल गांधी से अपनी मानसिकता बदलने का आग्रह किया।
बेला एस्टेट मतदाता सूची विवाद क्या है?
राहुल गांधी ने दावा किया कि यमुना किनारे बेला एस्टेट में 728 निवासियों में से 727 के नाम एसआईआर के बाद मतदाता सूची से काट दिए गए। शाइना एनसी ने इसका खंडन करते हुए कहा कि 2023 में न्यायालय ने इसे यमुना पर गैरकानूनी कब्जा बताया था और बीएलओ ने तीन बार जाँच में वहाँ कोई घर या मतदाता नहीं पाया।
शाइना एनसी ने उद्धव ठाकरे पर क्या कहा?
शाइना एनसी ने इंडिया ब्लॉक की बैठक के संदर्भ में उद्धव ठाकरे पर तंज कसते हुए कहा कि घर से काम करने वालों को घर रहने की आदत पड़ जाती है। उन्होंने कहा कि इंडिया ब्लॉक में कुछ नहीं बचा और फेसबुक लाइव या वीडियो कॉन्फ्रेंस से ज़मीनी प्रतिबद्धता नहीं दिखती।
मल्लिकार्जुन खड़गे को 'पपेट' क्यों कहा गया?
शाइना एनसी ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी का 'पपेट' बताया। यह आरोप पार्टी नेतृत्व की स्वायत्तता पर सवाल उठाता है, हालाँकि कांग्रेस की ओर से इस पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
ठाणे घटना के बारे में शाइना एनसी ने क्या कहा?
शाइना एनसी ने ठाणे की घटना को चौंकाने वाला बताया और कहा कि यह महाराष्ट्र की संस्कृति नहीं है। उन्होंने बताया कि पुलिस, फोरेंसिक विशेषज्ञ और सीसीटीवी फुटेज के ज़रिए जाँच जारी है और मुंबई पुलिस निष्पक्ष खुलासा करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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