नीट विवाद में धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा 'नैतिक जिम्मेदारी': भाजपा सांसद जगन्नाथ सरकार, प्रह्लाद जोशी संभालेंगे शिक्षा सुधार
सारांश
मुख्य बातें
नादिया से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद जगन्नाथ सरकार ने 26 जुलाई को कहा कि पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देशहित और नैतिक जिम्मेदारी का प्रतीक है, न कि किसी व्यक्तिगत भ्रष्टाचार का स्वीकार। नीट पेपर लीक विवाद, प्रह्लाद जोशी की शिक्षा मंत्री के रूप में नियुक्ति, पश्चिम बंगाल में गुंडा एक्ट और कारगिल विजय दिवस सहित अनेक मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय रखते हुए सरकार ने केंद्र की भ्रष्टाचार-विरोधी नीति का बचाव किया।
नीट विवाद और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
जगन्नाथ सरकार ने स्पष्ट किया कि धर्मेंद्र प्रधान का नीट पेपर लीक मामले से कोई व्यक्तिगत या भ्रष्टाचार संबंधी संबंध नहीं था। उन्होंने कहा, 'जैसे ही मामले की जानकारी मिली, तत्काल जांच के आदेश दिए गए, पुलिस ने कार्रवाई की और आवश्यक कदम उठाए गए। परीक्षा दोबारा आयोजित की गई और छात्रों की चिंताओं को दूर करने का प्रयास किया गया।' उनके अनुसार, व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार न होने के बावजूद प्रधान ने देशहित को सर्वोपरि रखते हुए इस्तीफा दिया, जो उनकी राजनीतिक परिपक्वता का उदाहरण है।
सरकार की भ्रष्टाचार-विरोधी नीति का बचाव
BJP सांसद ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल में भ्रष्टाचार को लेकर कोई गंभीर आरोप सिद्ध नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि 'कुछ देश विरोधी ताकतें और विपक्षी दल इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।' केंद्र सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी।
प्रह्लाद जोशी से शिक्षा सुधार की उम्मीद
नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की नियुक्ति पर भरोसा जताते हुए जगन्नाथ सरकार ने कहा कि वह एक अनुभवी और सक्षम नेता हैं। उनके अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान द्वारा शिक्षा क्षेत्र में शुरू की गई नीतियों को प्रह्लाद जोशी आगे बढ़ाएंगे और शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने का काम करेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब नीट विवाद के बाद देशभर में परीक्षा सुधार को लेकर माँगें तेज हो गई हैं।
बंगाल में गुंडा एक्ट और सीजेपी पर निशाना
पश्चिम बंगाल में गुंडा एक्ट के तहत की जा रही कार्रवाई का समर्थन करते हुए सरकार ने कहा कि जो भी व्यक्ति देश के खिलाफ काम करेगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने सीजेपी के कार्यकर्ताओं पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान पत्रकारों और पुलिसकर्मियों पर हमले हुए। उन्होंने कहा, 'इस तरह की गतिविधियां देश और समाज के हित में नहीं हैं।'
कारगिल विजय दिवस पर सेना को नमन
कारगिल विजय दिवस के अवसर पर BJP सांसद ने भारतीय सेना के शौर्य को नमन किया। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध में भारतीय सेना ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया और देश की सुरक्षा सुनिश्चित की। उनके अनुसार, ऐसी वीरगाथाओं का व्यापक प्रचार होना चाहिए ताकि नई पीढ़ी सैनिकों के साहस और बलिदान से प्रेरणा ले सके।