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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अमित शाह बोले — भाजपा में पद से बड़ा देश और युवा पीढ़ी

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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अमित शाह बोले — भाजपा में पद से बड़ा देश और युवा पीढ़ी

सारांश

नीट पेपर लीक विवाद के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया। गृह मंत्री अमित शाह ने इसे भाजपा के उस मूल्य का प्रतीक बताया जिसमें पद से बड़ा देश और युवा पीढ़ी है। सरकार ने नीट को अगले वर्ष से सीबीटी मोड में कराने और दोषियों को कठोर दंड देने का संकल्प दोहराया।

मुख्य बातें

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट-यूजी परीक्षा अनियमितताओं की पृष्ठभूमि में इस्तीफा दिया।
गृह मंत्री अमित शाह ने इस्तीफे को भाजपा की प्राथमिकता — देश और युवा पीढ़ी — का प्रमाण बताया।
3 मई को नीट परीक्षा में अनियमितता सामने आने के बाद जाँच सीबीआई को सौंपी गई और परीक्षा रद्द की गई।
20 लाख से अधिक छात्रों की पुनः परीक्षा 21 जून को सफलतापूर्वक आयोजित की गई।
सरकार ने अगले वर्ष से नीट को सीबीटी मोड में कराने का निर्णय लिया।
प्रधान ने एक्स पर पोस्ट कर 4 दशकों की शिक्षा-सेवा का उल्लेख करते हुए इस्तीफे की घोषणा की।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को भाजपा की प्राथमिकताओं का प्रमाण बताया और कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए पद से कहीं अधिक महत्वपूर्ण देश, युवा पीढ़ी और विद्यार्थी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मोदी सरकार देश के युवाओं की भावनाओं का सम्मान करती है और पेपर लीक के विरुद्ध आवश्यक सुधारों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

इस्तीफे की पृष्ठभूमि

नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। यह इस्तीफा नीट-यूजी परीक्षा में 3 मई को सामने आई अनियमितताओं की पृष्ठभूमि में आया है, जिसके बाद केंद्र सरकार ने जाँच सीबीआई को सौंपी, परीक्षा रद्द की और पुनः परीक्षा की तिथि घोषित की।

गौरतलब है कि 20 लाख से अधिक छात्रों की पुनः परीक्षा 21 जून को राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, अभिभावकों और विद्यार्थियों के सहयोग से सफलतापूर्वक आयोजित की गई। साथ ही सरकार ने अगले वर्ष से इस परीक्षा को सीबीटी (कंप्यूटर-आधारित परीक्षण) मोड में कराने का निर्णय भी लिया।

अमित शाह का बयान

शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक के दोषियों को कठोर दंड दिलाने के लिए लिए गए निर्णय सराहनीय हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इन कदमों से नीट परीक्षा में सफल हुए विद्यार्थियों के साथ पूरा न्याय होगा।

प्रधान का एक्स पोस्ट और विदाई संदेश

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा: 'मेरे युवा साथियों, मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं। मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है।'

उन्होंने आगे लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा का अवसर मिला, इसके लिए वे आभारी हैं और राष्ट्रसेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

प्रधान के कार्यकाल की उपलब्धियाँ

अमित शाह ने धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के प्रभावी क्रियान्वयन, मातृभाषाओं में परीक्षाओं की व्यवस्था, पीएम श्री विद्यालयों के विस्तार, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने, कौशल विकास और उद्योग-अकादमिक समन्वय को सुदृढ़ करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया।

शाह के अनुसार, परीक्षा प्रणाली को अधिक समावेशी और छात्र-केंद्रित बनाने के प्रयास भी प्रधान के कार्यकाल की विशेष उपलब्धि रही। यह कार्यकाल भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प के प्रति उनके समर्पण का परिचायक है।

आगे क्या

शिक्षा मंत्रालय में नए नेतृत्व की नियुक्ति और नीट सुधारों की दिशा पर अब सभी की नजरें टिकी हैं। सीबीआई की जाँच जारी है और पेपर लीक के दोषियों पर कठोर कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या मंत्री की विदाई से परीक्षा प्रणाली की संरचनात्मक खामियाँ दूर होंगी। सीबीआई जाँच और सीबीटी मोड की घोषणाएँ स्वागत योग्य हैं, पर 20 लाख से अधिक छात्रों के भविष्य की जवाबदेही केवल एक मंत्री के जाने से तय नहीं होती। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में परीक्षा सुधार की माँग तेज हो रही है और सरकार को ठोस संस्थागत बदलाव दिखाने होंगे, न सिर्फ प्रतीकात्मक बलिदान।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा क्यों दिया?
धर्मेंद्र प्रधान ने नीट-यूजी परीक्षा में 3 मई को सामने आई अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
नीट पेपर लीक मामले में सरकार ने क्या कदम उठाए?
सरकार ने नीट-यूजी परीक्षा में अनियमितता सामने आने पर तत्काल जाँच सीबीआई को सौंपी, परीक्षा रद्द की और 21 जून को 20 लाख से अधिक छात्रों की पुनः परीक्षा आयोजित की। इसके साथ ही अगले वर्ष से परीक्षा को सीबीटी मोड में कराने का निर्णय भी लिया गया।
अमित शाह ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को किस रूप में देखा?
गृह मंत्री अमित शाह ने इस इस्तीफे को भाजपा की उस प्राथमिकता का प्रतीक बताया जिसमें पद से अधिक महत्वपूर्ण देश, युवा पीढ़ी और विद्यार्थी हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार युवाओं की भावनाओं का सम्मान करती है।
धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियाँ क्या रहीं?
प्रधान के कार्यकाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) का क्रियान्वयन, मातृभाषाओं में परीक्षाओं की व्यवस्था, पीएम श्री विद्यालयों का विस्तार, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा और कौशल विकास में उद्योग-अकादमिक समन्वय प्रमुख रहे। परीक्षा प्रणाली को अधिक समावेशी बनाने के प्रयास भी उल्लेखनीय रहे।
नीट परीक्षा अब किस मोड में होगी?
सरकार ने घोषणा की है कि अगले वर्ष से नीट परीक्षा सीबीटी (कंप्यूटर-आधारित परीक्षण) मोड में आयोजित की जाएगी। यह निर्णय परीक्षा में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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