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शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, NEET विवाद के बीच PM मोदी को सौंपा त्यागपत्र

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शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, NEET विवाद के बीच PM मोदी को सौंपा त्यागपत्र

सारांश

NEET-UG अनियमितताओं और जंतर-मंतर पर 10 दिनों के विरोध प्रदर्शन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने PM मोदी को इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य किसी भी राजनीतिक विवाद से बड़ा है।

मुख्य बातें

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को PM नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंपा।
NEET-UG परीक्षा में 3 मई को अनियमितताएँ सामने आने के बाद जाँच CBI को सौंपी गई और परीक्षा रद्द की गई।
पुनः परीक्षा 21 जून को 20 लाख से अधिक छात्रों के लिए आयोजित की गई; परिणाम 16 जुलाई को घोषित हुए।
अगले वर्ष से NEET-UG को CBT मोड में आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
जंतर-मंतर पर सीजेपी के 10 दिनों के विरोध प्रदर्शन को प्रधान ने इस्तीफे की प्रमुख परिस्थिति के रूप में उल्लेख किया।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंप दिया। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन और NEET-UG परीक्षा विवाद की पृष्ठभूमि में लिया गया यह निर्णय शिक्षा क्षेत्र में बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत है। प्रधान ने कहा कि यह कदम उन्होंने देश के युवाओं के हित और राष्ट्रीय एकता को ध्यान में रखते हुए उठाया है।

एक्स पर क्या लिखा प्रधान ने

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि वे पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं। उन्होंने कहा, 'एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है।' उन्होंने भारत की युवा पीढ़ी की आकांक्षाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त किया।

NEET-UG विवाद और सरकार की प्रतिक्रिया

3 मई को आयोजित NEET-UG परीक्षा में अनियमितताएँ सामने आने के बाद भारत सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जाँच CBI को सौंपी और परीक्षा रद्द कर पुनः परीक्षा की तिथि घोषित की। अगले वर्ष से इस परीक्षा को CBT मोड में आयोजित करने का निर्णय भी लिया गया। प्रधान के अनुसार, सरकार की प्रमुख प्राथमिकता 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से संपन्न कराना था, जो 21 जून को राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, छात्रों और अभिभावकों के सहयोग से पूर्ण हुई।

मंत्री का व्यक्तिगत संकल्प

प्रधान ने स्पष्ट किया कि 16 जुलाई को घोषित NEET-UG के परिणाम संतोषजनक रहे और गरीब पृष्ठभूमि से आए कई मेधावी छात्रों को भी सफलता मिली। उन्होंने कहा कि पहले दिन से उन्होंने इस परिस्थिति की जिम्मेदारी ली और संकल्प लिया कि 'किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे।' हालाँकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि जिम्मेदार पदों पर बैठे कुछ व्यक्तियों ने छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की, जिससे उनका मन 'अत्यंत व्यथित' हुआ।

इस्तीफे की वजह

जंतर-मंतर पर पिछले 10 दिनों के घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए प्रधान ने कहा कि यह उनके लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है। उन्होंने चिंता जताई कि इस स्थिति का 'राष्ट्र विरोधी ताकतें' लाभ न उठाएँ और देश का कोई भी विद्यार्थी कानूनी पेचीदगियों में न उलझे। उन्होंने कहा, 'हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर फोकस करें — इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री मोदी को भेज दिया है।'

आगे की राह

प्रधान ने प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन, मंत्रिपरिषद के सहयोगियों और मंत्रालय के अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 'राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है' और वे भविष्य में भी भारत माता, ओडिशा की जनता तथा देश के युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए समर्पित रहेंगे। शिक्षा मंत्रालय में नए नेतृत्व की नियुक्ति को लेकर अब सभी की नज़रें प्रधानमंत्री मोदी के अगले कदम पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह कदम व्यवस्थागत सुधार की दिशा में कोई ठोस बदलाव लाएगा या केवल राजनीतिक दबाव का प्रबंधन है। CBI जाँच और CBT मोड की घोषणाएँ सही दिशा में हैं, परंतु परीक्षा माफिया की जड़ें गहरी हैं और एक मंत्री के जाने से वे नहीं उखड़तीं। 20 लाख से अधिक छात्रों के भविष्य की असली परीक्षा अब नए नेतृत्व की नीयत और क्षमता पर निर्भर करेगी।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा क्यों दिया?
धर्मेंद्र प्रधान ने NEET-UG परीक्षा में अनियमितताओं के विवाद और जंतर-मंतर पर 10 दिनों के विरोध प्रदर्शन के बीच 25 जुलाई को इस्तीफा दिया। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में नहीं उलझना चाहिए और राष्ट्रीय एकता सर्वोपरि है।
NEET-UG 2024 में क्या अनियमितताएँ सामने आई थीं?
3 मई को आयोजित NEET-UG परीक्षा में अनियमितताएँ पाई गईं, जिसके बाद सरकार ने जाँच CBI को सौंपी और परीक्षा रद्द कर दी। पुनः परीक्षा 21 जून को 20 लाख से अधिक छात्रों के लिए आयोजित की गई और परिणाम 16 जुलाई को घोषित हुए।
NEET-UG परीक्षा के भविष्य के लिए क्या बदलाव किए गए हैं?
सरकार ने अगले वर्ष से NEET-UG को CBT (कंप्यूटर आधारित परीक्षा) मोड में आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह बदलाव परीक्षा में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है।
जंतर-मंतर पर कौन-सा विरोध प्रदर्शन हो रहा था?
जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) NEET विवाद के विरोध में प्रदर्शन कर रही थी। प्रधान ने कहा कि पिछले 10 दिनों का यह घटनाक्रम देखकर उनका मन दुखी हुआ और उन्हें चिंता है कि इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ न उठाएँ।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय का क्या होगा?
प्रधान का इस्तीफा PM मोदी को भेजा गया है और उसकी स्वीकृति अपेक्षित है। नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है; सभी की नज़रें प्रधानमंत्री के अगले कदम पर टिकी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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